Sambhal violence: उपद्रवियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट होंगे जारी, 45 वांछितों की पुलिस को जोरों से तलाश
संभल पुलिस ने बवाल में वांछित 45 उपद्रवियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। 24 उपद्रवियों के वारंट पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस वीडियो और फोटो के जरिए 400 से ज्यादा उपद्रवियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
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संभल कोतवाली पुलिस ने वांछित चल रहे उपद्रवियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही न्यायालय से वारंट जारी होंगे। पुलिस लगातार दबिश दे रही है लेकिन यह उपद्रवी हाथ नहीं आए हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली क्षेत्र के 45 उपद्रवी वांछित चल रहे हैं।
लगातार दबिश के बाद भी यह उपद्रवी हाथ नहीं आ रहे। इनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराने के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। न्यायालय से जल्द वारंट जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद दूसरी प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। जिससे इन उपद्रवियों पर शिकंजा कसा जा सके। मालूम हो 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हुआ था।
इसमें 70 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं। अब उनकी तलाश की जा रही है जिनकी पहचान हो चुकी है और वह भागे हुए हैं। 400 से ज्यादा उपद्रवियों के फोटो हैं उनकी तलाश में भी पुलिस लगी है। एसपी ने बताया कि सभी उपद्रवियों की पहचान वीडियो और फोटो के माध्यम से की गई थी।
24 उपद्रवियों के खिलाफ जारी हो चुका है गैरजमानती वारंट
24 नवंबर 2024 को नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में भी बवाल हुआ था। इस बवाल में जो उपद्रवी भागे हुए चल रहे हैं। उन 24 उपद्रवियों के गैरजमानती वारंट जारी हो चुके हैं लेकिन अभी इनमें किसी भी उपद्रवी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस लगातार इन उपद्रवियों की तलाश में लगी है।
विवेचक पर लगाया कोर्ट की अवहेलना का आरोप
संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर हुए बवाल में विवेचक पर कोर्ट की अवहेलना का आरोप लगाया गया है।इस संबंध में कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर विवेचक द्वारा न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न करने का आरोप लगाया है। साथ ही रिमांड रिफ्यूज करने व विवेचक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा होने पर हुए 24 नवंबर को हुए बवाल में बहुत से लोगों को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के आधार पर संभल व हयातनगर की पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। इस मामले में पुलिस ने 20 जनवरी को मोहम्मद दानिश सहित 10 आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
रिमांड पर आरोपियों के अधिवक्ताओं ने आपत्ति की थी और न्यायालय से ये भी अनुरोध किया गया कि आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। आरोपी मोहम्मद दानिश के अधिवक्ता मोहम्मद आबाद मियां ने बताया कि साक्ष्य प्रस्तुत करने के प्रार्थनापत्र पर रिमांड मजिस्ट्रेट ने भी विवेचक को आदेशित किया था लेकिन शुक्रवार को भी कोई भी ठोस सबूत विवेचक द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।
इस संबंध में प्रार्थनापत्र में पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपियों को बेवजह गिरफ्तार किया है। साथ ही एक अन्य प्रार्थनापत्र भी इस संबंध में दिया गया है। जिसमें विवेचक पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।