संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा का आयोजन इस बार 28 और 29 अक्तूबर को किया जाएगा। प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम से परिक्रमा का शुभारंभ होगा। विभिन्न मार्गों से होकर यह परिक्रमा चंदायन में रात्रि पड़ाव के लिए रुकेगी और फिर अगले दिन वंश गोपाल पहुंचकर संपन्न होगी। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, संभल की धरती पर भगवान कल्कि अवतार लेंगे। भगवान की जन्मस्थली होने की वजह से अयोध्या, मथुरा व वृंदावन की तरह यहां पर भगवान कल्कि की भूमि की परिक्रमा करने का विधान है। हर साल आयोजित होने वाली तीर्थ परिक्रमा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस बार परिक्रमा का आयोजन 28 और 29 अक्तूबर को किया जाना है। परिक्रमा अपने दिव्य और भव्य रुप में 28 अक्तूबर की भोर में श्री वंश गोपाल कल्किधाम से शुरू होगी। परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था में कई हिंदू संगठन अपना सहयोग देंगे।