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पवांसा ब्लॉक प्रमुख के तख्ता पलट की तैयारी, डीएम से मिलेंगे बीडीसी मेंबर
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:12 AM IST
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- फोटो : file
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पवांसा ब्लाक प्रमुख के तख्ता पलट की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर 22 अप्रैल को अहमदनगर थरेसा में बीडीसी सदस्य रामफल के घर पर बैठक हुई। बीडीसी मेंबर दिनेश कुमार की ओर से आयोजित इस बैठक में 101 सदस्यों की भागीदारी का दावा किया गया है।
बैठक में सदस्यों ने मौजूदा ब्लाक प्रमुख सोेएब खां के प्रति अविश्वास व्यक्त किया है। अब इन सदस्यों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में बैठक बुलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस संबंध में दिनेश कुमार जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देंगे।
नोटिस के आधार पर जिलाधिकारी बैठक बुलाने का हक रखते हैं। इस मामले में अब अगली प्रक्रिया डीएम को तय करनी है। अविश्वास प्रस्ताव लाने का मन बना चुके सदस्यों का कहना है कि कानून के मुताबिक बीडीसी की बैठक प्रत्येक दो महीने में होनी चाहिए लेकिन मौजूदा ब्लाक प्रमुख ने इसका पालन नहीं यिा है। वर्ष भर में दो बैठकें हुई हैं।
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यही नहीं सदस्यों की राय से फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। मौजूदा समय में सदस्य चाहते हैं कि एक्ट के तहत बीडीसी का सदन चले। इसके लिए अविश्वास का प्रस्ताव लाना जरूरी है। वहीं अविश्वास का नोटिस प्रस्तुत कर रहे दिनेश कुमार का कहना है कि 105 सदस्यों में 101 सदस्यों का समर्थन उनके साथ है।
एक्ट के प्रावधान
क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 15 में अविश्वास प्रस्ताव के प्रावधान और नियमों का उल्लेख किया गया है। नियमों के अंतर्गत किसी भी ब्लाक प्रमुख के खिलाफ एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर सदस्यगण प्रस्ताव ला सकते हैं।
प्रस्ताव लाने के लिए आधे से अधिक सदस्यों का साधारण बहुमत होना जरूरी है। यानी कुल सदस्यों की संख्या में आधे से एक सदस्य भी ज्यादा है तो उनके हस्ताक्षर से अविश्वास के लिए बैठक बुलाई जा सकेगी।
कब क्या हुआ
1 नवंबर 2015 को बीडीसी सदस्यों को जीत के प्रमाण पत्र मिले
17 मार्च 2016 को बीडीसी सदस्यों और ब्लाक प्रमुख पद की शपथ दिलाई गई
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बैठक में सदस्यों ने मौजूदा ब्लाक प्रमुख सोेएब खां के प्रति अविश्वास व्यक्त किया है। अब इन सदस्यों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में बैठक बुलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस संबंध में दिनेश कुमार जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देंगे।
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नोटिस के आधार पर जिलाधिकारी बैठक बुलाने का हक रखते हैं। इस मामले में अब अगली प्रक्रिया डीएम को तय करनी है। अविश्वास प्रस्ताव लाने का मन बना चुके सदस्यों का कहना है कि कानून के मुताबिक बीडीसी की बैठक प्रत्येक दो महीने में होनी चाहिए लेकिन मौजूदा ब्लाक प्रमुख ने इसका पालन नहीं यिा है। वर्ष भर में दो बैठकें हुई हैं।
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यही नहीं सदस्यों की राय से फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। मौजूदा समय में सदस्य चाहते हैं कि एक्ट के तहत बीडीसी का सदन चले। इसके लिए अविश्वास का प्रस्ताव लाना जरूरी है। वहीं अविश्वास का नोटिस प्रस्तुत कर रहे दिनेश कुमार का कहना है कि 105 सदस्यों में 101 सदस्यों का समर्थन उनके साथ है।
एक्ट के प्रावधान
क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 15 में अविश्वास प्रस्ताव के प्रावधान और नियमों का उल्लेख किया गया है। नियमों के अंतर्गत किसी भी ब्लाक प्रमुख के खिलाफ एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर सदस्यगण प्रस्ताव ला सकते हैं।
प्रस्ताव लाने के लिए आधे से अधिक सदस्यों का साधारण बहुमत होना जरूरी है। यानी कुल सदस्यों की संख्या में आधे से एक सदस्य भी ज्यादा है तो उनके हस्ताक्षर से अविश्वास के लिए बैठक बुलाई जा सकेगी।
कब क्या हुआ
1 नवंबर 2015 को बीडीसी सदस्यों को जीत के प्रमाण पत्र मिले
17 मार्च 2016 को बीडीसी सदस्यों और ब्लाक प्रमुख पद की शपथ दिलाई गई