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Sambhal News: बीमा कंपनी के मुख्य प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
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चंदौसी(संभल)। बीमित व्यक्ति के इलाज में खर्च हुई धनराशि का भुगतान न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा बीमा कंपनी के मुख्य प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
चंदौसी निवासी सुशांत अमन ने अपने व परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। एक दिन घर से बाजार जाते समय सड़क के गड्ढे में गिरने से सुशांत अमन के बाएं पैर में चोट आ गई। इसका इलाज बरेली के एक अस्पताल में कराया तथा उस पर होने वाले खर्च 1,34,294 रुपये की धनराशि की मांग बीमा कंपनी से की गई तो बीमा कंपनी ने पुरानी बीमारी बता कर बीमा धनराशि देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज कराया। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर अपना निर्णय सुशांत अमन के पक्ष में सुनाया और बीमा कंपनी को उनके इलाज पर खर्च धनराशि मय ब्याज तथा वाद व्यय आदि के रूप में 15,000 रुपये अतिरिक्त देने के आदेश आठ अगस्त 2025 में दिए थे।
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इसका अनुपालन इंश्योरेंस कंपनी द्वारा न किए जाने पर आयोग ने बीमा कंपनी को तलब किया, जिस पर कंपनी ने आदेश के अनुपालन में धनराशि 1,59,366 के स्थान पर 1,56,318 रुपये ही अदा किए। इसको लेकर अधिवक्ता द्वारा आयोग में आपत्ति दर्ज कराई गई और बताया गया कि बीमा कंपनी ने आदेश के अनुपालन में 3048 रुपये की धनराशि कम अदा की है। जिस पर आयोग ने बीमा कंपनी के मुख्य प्रबंधक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
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चंदौसी निवासी सुशांत अमन ने अपने व परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। एक दिन घर से बाजार जाते समय सड़क के गड्ढे में गिरने से सुशांत अमन के बाएं पैर में चोट आ गई। इसका इलाज बरेली के एक अस्पताल में कराया तथा उस पर होने वाले खर्च 1,34,294 रुपये की धनराशि की मांग बीमा कंपनी से की गई तो बीमा कंपनी ने पुरानी बीमारी बता कर बीमा धनराशि देने से इन्कार कर दिया।
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इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज कराया। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर अपना निर्णय सुशांत अमन के पक्ष में सुनाया और बीमा कंपनी को उनके इलाज पर खर्च धनराशि मय ब्याज तथा वाद व्यय आदि के रूप में 15,000 रुपये अतिरिक्त देने के आदेश आठ अगस्त 2025 में दिए थे।
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इसका अनुपालन इंश्योरेंस कंपनी द्वारा न किए जाने पर आयोग ने बीमा कंपनी को तलब किया, जिस पर कंपनी ने आदेश के अनुपालन में धनराशि 1,59,366 के स्थान पर 1,56,318 रुपये ही अदा किए। इसको लेकर अधिवक्ता द्वारा आयोग में आपत्ति दर्ज कराई गई और बताया गया कि बीमा कंपनी ने आदेश के अनुपालन में 3048 रुपये की धनराशि कम अदा की है। जिस पर आयोग ने बीमा कंपनी के मुख्य प्रबंधक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।