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जिला अस्पताल की बिजली गुल, मरीज बेहाल
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संभल जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में बंद पड़े पंखे और भर्ती मरीज।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। जिला अस्पताल में बिजली फाल्ट होने से मरीज बेहाल हो गए। जो लोग आपातकालीन कक्ष में भर्ती थे उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। तिमारदार अपने मरीजों को हाथ से हवा करते नजर आए। जबकि चिकित्सक इंवर्टर के सहारे कक्ष में बैठे दिखाई दिए। जिला अस्पताल के जिम्मेदारों की लापरवाही इस कदर हावी है कि जनरेटर होने के बाद भी चलाया नहीं गया। जबकि जनरेटर की सुविधा मरीजों के लिए सरकार ने मुहैया कराई है। लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। रविवार को सुबह में जिला अस्पताल की बिजली लाइन में फॉल्ट हो गया।
इससे पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। जो मरीज आपातकालीन कक्ष में भर्ती थे वे बेहाल हो गए। कुछ मरीजों के तीमारदारों ने हाथ से हवा कर उन्हें राहत देने का काम किया। लेकिन बंद बिल्डिंग में राहत मिलने का नाम नहीं ले रही थी। उपचार कराने के लिए भर्ती हुए मरीज पसाने में तर नजर आए। वहीं चिकित्सक अपने कक्ष में इन्वर्टर से चल रहे पंखे का मजा लेते दिखाई दिए। जो सुविधाएं सरकार आम जनमानस को देना चाहती है वे मिल नहीं पा रही है।
सरकार की मंशा है कि हर गरीब और माध्यम वर्गीय लोगों को सभी सुविधाएं मिलें लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। क्योंकि जो जनरेटर दिए हुए हैं वे धूल फांक रहे हैं। उन्हें किसी वीआईपी कार्यक्रम के दौरान ही चलाया जाता है। जबकि जनरेटर सरकार ने मरीजों के लिए मुहैया कराया है। जब इस बारे में मरीजों से बात की तो उन्होंने बताया कि जब से भर्ती हुए हैं तब से गर्मी से बेहाल हुए जा रहे हैं। यदि जनरेटर चल जाता तो राहत मिल जाती।
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इससे पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। जो मरीज आपातकालीन कक्ष में भर्ती थे वे बेहाल हो गए। कुछ मरीजों के तीमारदारों ने हाथ से हवा कर उन्हें राहत देने का काम किया। लेकिन बंद बिल्डिंग में राहत मिलने का नाम नहीं ले रही थी। उपचार कराने के लिए भर्ती हुए मरीज पसाने में तर नजर आए। वहीं चिकित्सक अपने कक्ष में इन्वर्टर से चल रहे पंखे का मजा लेते दिखाई दिए। जो सुविधाएं सरकार आम जनमानस को देना चाहती है वे मिल नहीं पा रही है।
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सरकार की मंशा है कि हर गरीब और माध्यम वर्गीय लोगों को सभी सुविधाएं मिलें लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। क्योंकि जो जनरेटर दिए हुए हैं वे धूल फांक रहे हैं। उन्हें किसी वीआईपी कार्यक्रम के दौरान ही चलाया जाता है। जबकि जनरेटर सरकार ने मरीजों के लिए मुहैया कराया है। जब इस बारे में मरीजों से बात की तो उन्होंने बताया कि जब से भर्ती हुए हैं तब से गर्मी से बेहाल हुए जा रहे हैं। यदि जनरेटर चल जाता तो राहत मिल जाती।
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