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रामलीला में हुआ नारद मोह का मंचन
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धनारी। धनारी पट्टीबालू शंकर में ठाकुर देव आश्रम में रामलीला का शुभारंभ भाजपा विधायक अजीत कुमार ने फीता काटकर किया। रामलीला में कलाकारों ने नारद मोह का मंचन किया।
रामलीला के पहले दृश्य में दिखाया गया है कि नारद मुनि तपस्या में लीन है। तब उनकी तपस्या कामदेव भंग करना चाहते हैं। लेकिन कामदेव कामयाब नहीं हो पाते। इसी बात का अहंकार नारद मुनि को हो जाता है।
नारद मुनि का अहंकार तोड़ने के लिए भगवान विष्णु अपनी माया से विश्वमोहिनी कन्या को भेजते है। इस कन्या पर नारद मुनि मोहित हो जाते हैं। विश्व मोहिनी कन्या का स्वयंवर होता है। इससे पहले नारद मुनि भगवान विष्णु के पास जाकर उनका रूप मांगते हैं। भगवान विष्णु उन्हें बंदर का रूप दे देते हैं। वानर का रूप मिलने पर नारद मुनि कुपित हो जाते हैं। वह भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि जिस प्रकार आपकी लीला से मैं स्त्री के लिए परेशान रहा हूं। इसी तरह मनुष्य रूप धारण करना पड़ेगा और वन-वन स्त्री के लिए भटकना पड़ेगा। जहां आपकी मदद बंदर व भालू करेंगे।
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इस अवसर पर भुवनेश राघव, ओमवीर सिंह कुशवाहा, ग्रामप्रधान रामसेवक, ओंकार सिंह, भाव नगर, गेंदन लाल, एवरन यादव, हरिशंकर, पुष्पेंद्र सिंह, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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रामलीला के पहले दृश्य में दिखाया गया है कि नारद मुनि तपस्या में लीन है। तब उनकी तपस्या कामदेव भंग करना चाहते हैं। लेकिन कामदेव कामयाब नहीं हो पाते। इसी बात का अहंकार नारद मुनि को हो जाता है।
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नारद मुनि का अहंकार तोड़ने के लिए भगवान विष्णु अपनी माया से विश्वमोहिनी कन्या को भेजते है। इस कन्या पर नारद मुनि मोहित हो जाते हैं। विश्व मोहिनी कन्या का स्वयंवर होता है। इससे पहले नारद मुनि भगवान विष्णु के पास जाकर उनका रूप मांगते हैं। भगवान विष्णु उन्हें बंदर का रूप दे देते हैं। वानर का रूप मिलने पर नारद मुनि कुपित हो जाते हैं। वह भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि जिस प्रकार आपकी लीला से मैं स्त्री के लिए परेशान रहा हूं। इसी तरह मनुष्य रूप धारण करना पड़ेगा और वन-वन स्त्री के लिए भटकना पड़ेगा। जहां आपकी मदद बंदर व भालू करेंगे।
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इस अवसर पर भुवनेश राघव, ओमवीर सिंह कुशवाहा, ग्रामप्रधान रामसेवक, ओंकार सिंह, भाव नगर, गेंदन लाल, एवरन यादव, हरिशंकर, पुष्पेंद्र सिंह, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।