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गांवों में तेंदुए के आने से दहशत
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:29 AM IST
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संभल। तहसील क्षेत्र के गांव लखौरी जलालपुर और भारतल सिरसी के बीच खेतों में तेंदुआ होने दहशत है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने दूसरे दिन खेतों को खंगाला। उधर, भारतल निवासी नमित ने मंगलवार को तेंदुए को कैमरे में कैद करने का दावा किया है। उसका दावा है कि शाम को तीन बजे वह एक खेत में बैठ गया। साढ़े चार बजे के करीब उसे तेंदुआ जाते दिखाई दिया। इस पर उसने मोबाइल से उसे कैमरे में कैद कर लिया। अब पिंजड़ा लगवाने का निर्णय लिया गया है।
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लखौरी जलालपुर और भारतल सिरसी के बीच खेतों में सोमवार को तेंदुआ होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद वन विभाग टीम गांव पहुंची। ग्रामीणों को साथ लेकर खेतों में खोजबीन की पर कोई जानवर नहीं दिखा। अलबत्ता एक जानवर के पंजों के निशान दिखाई पड़े। यह पंजे लकड़बग्घा के बताए जा रहे थे लेकिन जब मंगलवार को डीएफओ डीके चतुर्वेदी लखौरी जलालपुर गांव पहुंचे तो स्पष्ट हुआ कि यह पंजे तेंदुए के ही हैं। डीएफओ ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सीधा संवाद किया है। उन्हें बताया कि मुरादाबाद, बरेली और अमरोहा में तेंदुआ आने की खबरें पहले ही आ चुकी हैं। आमतौर पर तेंदुआ (गुलदारा) बच्चों, कुत्तों और बकरियों पर हमला करता है। ऐसे में खेत में जाएं तो बकरी या कुत्ते को साथ न लेकर जाएं। जब तक तेंदुए का खतरा है तब तक गांव में बच्चों को अकेले न घूमने दें। इसके साथ ही खेतों में समूह बनाकर लाठी-डंडे लेकर जाएं। दो दिन में हम पिंजड़े का इंतजाम कर लेंगे। अगर किसी अन्य जनपद से नहीं मिला तो अपने स्तर से इसे बनवाकर लगवाएंगे।
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