{"_id":"572f8ff74f1c1b71275ce945","slug":"kisan-died-due-to-shock","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल सूखी तो सदमे से निकल गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल सूखी तो सदमे से निकल गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 09 May 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
संभल के नूरियो सराय में गमजदा मृतक शिवकुमार के परिजन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के नूरियो सराय के किसान की रविवार को सुबह सदमे से मौत हो गई। वह खेत की सिंचाई करने गया था जहां उसे दिल का दौरा पड़ा। परिवार वालों का कहना है कि फसल सूख जाने से किसान काफी परेशान था।खेती के लिए उसने आसपास के लोगों से 80 हजार रुपये कर्ज ले रखा था।
शहर के निकटवर्ती गांव नूरियो सराय निवासी शिव कुमार (40) पुत्र लीलाधर ने शहजादी सराय में जमीन ठेके पर ले रखी थी। इसमें उसमें मिर्च की फसल लगा रखी है। शिवकुमार सुबह पांच बजे मिर्च की सिंचाई करने खेत पर गया था। वहीं दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण उसे उठाकर घर ले आए। शिवकुमार की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मच गया। शिव कुमार के पिता लीलाधर ने बताया कि विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। मिर्च की फसल सूख रही थी। जिसे लेकर शिव कुमार चिंतित था। फसल की बुवाई करने के लिए उसने लोगों से 80 हजार रुपये का कर्जा भी ले रखा था।
विज्ञापन
कर्जा चुकाने की चिंता भी उसे सता रही थी। यह सोचकर शिवकुमार मानसिक रूप से परेशान था और उसे सदमा लग गया। शिव कुमार की पांच बेटी व एक बेटा है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था।
शहर के निकटवर्ती गांव नूरियो सराय निवासी शिव कुमार (40) पुत्र लीलाधर ने शहजादी सराय में जमीन ठेके पर ले रखी थी। इसमें उसमें मिर्च की फसल लगा रखी है। शिवकुमार सुबह पांच बजे मिर्च की सिंचाई करने खेत पर गया था। वहीं दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण उसे उठाकर घर ले आए। शिवकुमार की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मच गया। शिव कुमार के पिता लीलाधर ने बताया कि विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। मिर्च की फसल सूख रही थी। जिसे लेकर शिव कुमार चिंतित था। फसल की बुवाई करने के लिए उसने लोगों से 80 हजार रुपये का कर्जा भी ले रखा था।
विज्ञापन
कर्जा चुकाने की चिंता भी उसे सता रही थी। यह सोचकर शिवकुमार मानसिक रूप से परेशान था और उसे सदमा लग गया। शिव कुमार की पांच बेटी व एक बेटा है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था।