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अगले महीने नहीं मिलेगा केरोसिन
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संभल। सरकार ने सौभाग्य और उज्ज्वला योजना का लाभ उठाने वाले सभी परिवारों को कैरोसिन नहीं देने की नई कवायद शुरू की है। इसमें बिजली और रसोई गैस कनेक्शन निजी तौर पर लेने वाले भी शामिल किए गए हैं। अब उन परिवारों को कैरोसिन नहीं मिल सकेगा जो इन दोनों योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यदि इन योजनाओं में से किसी एक योजना का लाभ ले रहे हैं तो कैरोसिन दिया जाएगा।
इसके लिए आपूर्ति विभाग ने सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। यह सर्वेक्षण कोटेदारों द्वारा किया जाएगा। वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर आपूर्ति विभाग को देंगे। जिसके बाद उन परिवारों का कैरोसिन नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोगों में इस जानकारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल सरकार ने तय किया है कि जो परिवार गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन धारक हैं अब उन्हें कैरोसिन नहीं दिया जाएगा। कैरोसिन उन्हें दिया जाएगा जिन परिवारों के पास न गैस कनेक्शन है और न बिजली का कनेक्शन है।
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इसके लिए आपूर्ति विभाग ने सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। इस सर्वेक्षण को कोटेदार अपने क्षेत्रों में करेंगे और सूची बनाकर जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जमा कर देंगे। जिन परिवारों के नाम सूची में होंगे उनको दिया जाने वाला कैरोसिन रोक दिया जाएगा।
जिलेभर में 52 प्रतिशत रसोई गैस कनेक्शन है। जिसमें उज्जवला और निजी तौर पर लिए गए कनेक्शन धारक शामिल हैं। इसमें ज्यादातर परिवार वह हैं जिनका राशन कार्ड बना है। जबकि आपूर्ति विभाग में बिजली कनेक्शन की सूची नहीं हैं। उसके लिए उन्हें कोटेदार को लगाया है। वह अपने क्षेत्र में परिवारों के बिजली कनेक्शन होने की सूची तैयार करें। जिससे यह तय हो सके कि किस परिवार के पास बिजली कनेक्शन है। वहीं रसोई गैस कनेक्शन की सूची भी चस्पा की गई है। जिसका नाम हैं उसको चिह्नित किया जा रहा है।
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इसके लिए आपूर्ति विभाग ने सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। यह सर्वेक्षण कोटेदारों द्वारा किया जाएगा। वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर आपूर्ति विभाग को देंगे। जिसके बाद उन परिवारों का कैरोसिन नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोगों में इस जानकारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
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दरअसल सरकार ने तय किया है कि जो परिवार गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन धारक हैं अब उन्हें कैरोसिन नहीं दिया जाएगा। कैरोसिन उन्हें दिया जाएगा जिन परिवारों के पास न गैस कनेक्शन है और न बिजली का कनेक्शन है।
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इसके लिए आपूर्ति विभाग ने सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। इस सर्वेक्षण को कोटेदार अपने क्षेत्रों में करेंगे और सूची बनाकर जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जमा कर देंगे। जिन परिवारों के नाम सूची में होंगे उनको दिया जाने वाला कैरोसिन रोक दिया जाएगा।
जिलेभर में 52 प्रतिशत रसोई गैस कनेक्शन है। जिसमें उज्जवला और निजी तौर पर लिए गए कनेक्शन धारक शामिल हैं। इसमें ज्यादातर परिवार वह हैं जिनका राशन कार्ड बना है। जबकि आपूर्ति विभाग में बिजली कनेक्शन की सूची नहीं हैं। उसके लिए उन्हें कोटेदार को लगाया है। वह अपने क्षेत्र में परिवारों के बिजली कनेक्शन होने की सूची तैयार करें। जिससे यह तय हो सके कि किस परिवार के पास बिजली कनेक्शन है। वहीं रसोई गैस कनेक्शन की सूची भी चस्पा की गई है। जिसका नाम हैं उसको चिह्नित किया जा रहा है।