{"_id":"58bc5f964f1c1b056de7eca2","slug":"kanoongo-caught-by-taking-brive","type":"story","status":"publish","title_hn":"पब्लिक के स्टिंग में घूस लेते कैमरे में कैद हो गए कानूनगो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पब्लिक के स्टिंग में घूस लेते कैमरे में कैद हो गए कानूनगो
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 06 Mar 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
दो हजार का नकली नोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के एक कानून गो साहब! की करतूत कैमरे में कैद हो गई। इसमें वे तहसील भवन की छत पर रुपये गिन रहे हैं। जिले के एक गांव के व्यक्ति का आरोप है कि, यह रुपये कानून गो ने उसकी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के एवज में चार नवंबर को लिए थे।
इसके बाद भी जमीन कब्जामुक्त नहीं कराई गई तो शनिवार को डीएम और एसपी से शिकायत की। वहीं आईजी को लिखित शिकायत कोरियर से भेजी है। इस बीच एसपी बालेंदु भूषण ने सीओ संभल को मामले की जांच सौंप दी है।
जिले के एक गांव निवासी रामचंद्र पुत्र मोहर सिंह का कहना है कि, उसकी पौने दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा है। उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और एसडीएम से की। इस पर एसडीएम ने 29 अक्तूबर 2016 को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए।
विज्ञापन
तहसीलदार ने कानूनगो को कब्जा हटवाने के आदेश दे दिए। आरोप है कि, इसके बाद भी कानूनगो ने जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया। इस पर रामचंद्र 4 नवंबर 2016 को तहसील पहुंचे और कानूनगो से गांव चलकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की तो कानूनगो ने इसके लिए तीस हजार मांगे।
रामचंद्र 5 नवंबर को तीस हजार रुपये लेकर तहसील पहुंचे तो कानूनगो उन्हें तहसील के भवन की छत पर लेकर पहुंच गए। रामचंद्र के साथ उनका भाई हरीश भी था। रामचंद्र ने बताया कि कानूनगो ने तहसील की छत पर जाकर जब रुपये लिए तो उनके छोटे भाई ने मोबाइल से फोटो खींच लिए।
रामचंद्र के मुताबिक 16 नोट 500-500 रुपये के, 20 नोट 1000 वाले और 20 नोट 100-100 रुपये के दिए गए हैं। रुपये देने के बाद भी जब जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया तो रामचंद्र ने थाने में शिकायत की। थाना पुलिस ने चुनाव होने की बात कह कर टाल दिया तो शनिवार को वह अपने परिजनों के साथ डीएम और एसपी के पास पहुंच गए। दोनों अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। साथ में फोटो भी दिखाए।
विज्ञापन
इसके बाद भी जमीन कब्जामुक्त नहीं कराई गई तो शनिवार को डीएम और एसपी से शिकायत की। वहीं आईजी को लिखित शिकायत कोरियर से भेजी है। इस बीच एसपी बालेंदु भूषण ने सीओ संभल को मामले की जांच सौंप दी है।
विज्ञापन
जिले के एक गांव निवासी रामचंद्र पुत्र मोहर सिंह का कहना है कि, उसकी पौने दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा है। उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और एसडीएम से की। इस पर एसडीएम ने 29 अक्तूबर 2016 को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए।
विज्ञापन
तहसीलदार ने कानूनगो को कब्जा हटवाने के आदेश दे दिए। आरोप है कि, इसके बाद भी कानूनगो ने जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया। इस पर रामचंद्र 4 नवंबर 2016 को तहसील पहुंचे और कानूनगो से गांव चलकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की तो कानूनगो ने इसके लिए तीस हजार मांगे।
रामचंद्र 5 नवंबर को तीस हजार रुपये लेकर तहसील पहुंचे तो कानूनगो उन्हें तहसील के भवन की छत पर लेकर पहुंच गए। रामचंद्र के साथ उनका भाई हरीश भी था। रामचंद्र ने बताया कि कानूनगो ने तहसील की छत पर जाकर जब रुपये लिए तो उनके छोटे भाई ने मोबाइल से फोटो खींच लिए।
रामचंद्र के मुताबिक 16 नोट 500-500 रुपये के, 20 नोट 1000 वाले और 20 नोट 100-100 रुपये के दिए गए हैं। रुपये देने के बाद भी जब जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया तो रामचंद्र ने थाने में शिकायत की। थाना पुलिस ने चुनाव होने की बात कह कर टाल दिया तो शनिवार को वह अपने परिजनों के साथ डीएम और एसपी के पास पहुंच गए। दोनों अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। साथ में फोटो भी दिखाए।