संभल। श्री कल्कि धाम ऐंचोड़ा कंबोह में शनिवार को मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि एक दिसंबर को कल्कि महोत्सव की शुरुआत की जाएगी। महोत्सव के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य श्रीकल्कि कथा का अमृत बरसाएंगे।सत्संग के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा क्षमा करना सबसे बड़े कार्यों में से एक है। जिसने भी क्षमा करना सीख लिया, वह व्यक्ति ही महानता के पथ की ओर अग्रसर हो जाता है। क्षमा वीरों का आभूषण है। व्यक्ति यदि क्षमा नामक गुण को धारण करता है, तो व्यर्थ के बोझ से मुक्त होकर स्वतंत्र चिंतन से अपने को समृद्ध कर सकता है। बताया कि श्री कल्कि धाम अपने निर्माण से पूर्व ही सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र बन गया है। श्री कल्कि धाम में देश विदेश से लगातार आ रहे श्रद्धालु इसके प्रमाण हैं। श्री कल्कि धाम की ही महिमा है कि भारतवर्ष के संतों ने यह प्रस्ताव भी दिया है कि ग्राम ऐंचोड़ा कंबोह का नाम परिवर्तित कर देवदत्त नगर कर दिया जाए। बाद में एक दिसंबर से सात दिसंबर तक चलने वाले श्री कल्कि महोत्सव के बारे में बताया।
इस दौरान सुधीर, लवकुश शर्मा, खिलेंद्र सिंह, बिजेंद्र त्यागी, ललिता त्यागी, सतपाल सिंह, आचार्य दुष्यंत शास्त्री आदि रहे। संवाद