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Sambhal News: सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद जामा मस्जिद के सदर लगा रहे आरोप
Wed, 27 Nov 2024 01:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 27 Nov 2024 01:53 AM IST
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मुरादाबाद/संभल। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट द्वारा पुलिस-प्रशासन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। अगर उनके पास सुबूत हैं तो पेश करें। सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह बयानबाजी कर रहे हैं।
कमिश्नर ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि जामा मस्जिद प्रशासन को रविवार को होने वाले सर्वे की जानकारी एक दिन पहले ही दे दी गई थी। साथ ही बताया गया था कि मस्जिद में कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। सिर्फ वीडियोग्राफी की जाएगी। सर्वे कोर्ट के आदेश पर हो रहा था। भीड़ के हंगामा करने पर पहले उनसे सहयोग के लिए कहा गया था, लेकिन वह चुप रहे। सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब वह तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं।
कमिश्नर ने कहा कि पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोप गलत हैं। अगर किसी ने पुलिस के फोटो खींचे हैं तो वह पेश करे। पत्थरबाजों के समर्थकों को भी फोटो खींचने चाहिए थे। बता दें कि जामा मस्जिद के सदर ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रविवार को किया गया सर्वे डीएम के आदेश पर जबरन किया गया। साथ ही उन्होंने पुलिस पर गोली चलाने के आरोप भी लगाए थे।
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सांसद ने जांच में डाला था व्यवधान
कमिश्नर ने कहा कि सर्वे टीम ने बताया था कि 19 नवंबर की रात में जब सर्वे करने पहुंचे तो सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जांच में व्यवधान डालने की कोशिश की। इसी कारण चुनाव के बाद सर्वे की तारीख देनी पड़ी। जब सर्वे करने दोबारा टीम पहुंची तो बवाल शुरू हो गया। इसी कारण पुलिस ने सांसद पर केस दर्ज किया है।
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वायरल वीडियो परिसर के बाहर का है
कमिश्नर ने कहा कि जयश्री राम के नारे वाले वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। यह वीडियो जामा मस्जिद परिसर के बाहर का है। यह नारा बाहर लगाया गया। इस वीडियो को जारी कर लोगों ने उपद्रव को दंगा साबित करने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों के सामने आने पर उनकी रणनीति ध्वस्त हो गई। उन्होंने कहा कि सर्वे सुबह के समय हो रहा था। उस समय बाजार बंद था। इसलिए लोगों द्वारा यह कहा जाना कि उनके परिजन सब्जी खरीदने और अन्य सामान लेने गए थे, इस बात में कोई दम नहीं है। पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।
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शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सांसद को रोका
आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर को संभल जाने से रोकने के सवाल पर कमिश्नर ने कहा कि संभल में शांंति व्यवस्था कायम रखने के लिए सांसद को रोका गया। उनके बाद राजनीतिक दलों के लोग संभल पहुंचेंगे तो कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए नेताओं के संभल जाने पर रोक लगाई गई है।
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कमिश्नर ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि जामा मस्जिद प्रशासन को रविवार को होने वाले सर्वे की जानकारी एक दिन पहले ही दे दी गई थी। साथ ही बताया गया था कि मस्जिद में कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। सिर्फ वीडियोग्राफी की जाएगी। सर्वे कोर्ट के आदेश पर हो रहा था। भीड़ के हंगामा करने पर पहले उनसे सहयोग के लिए कहा गया था, लेकिन वह चुप रहे। सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब वह तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं।
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कमिश्नर ने कहा कि पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोप गलत हैं। अगर किसी ने पुलिस के फोटो खींचे हैं तो वह पेश करे। पत्थरबाजों के समर्थकों को भी फोटो खींचने चाहिए थे। बता दें कि जामा मस्जिद के सदर ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रविवार को किया गया सर्वे डीएम के आदेश पर जबरन किया गया। साथ ही उन्होंने पुलिस पर गोली चलाने के आरोप भी लगाए थे।
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सांसद ने जांच में डाला था व्यवधान
कमिश्नर ने कहा कि सर्वे टीम ने बताया था कि 19 नवंबर की रात में जब सर्वे करने पहुंचे तो सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जांच में व्यवधान डालने की कोशिश की। इसी कारण चुनाव के बाद सर्वे की तारीख देनी पड़ी। जब सर्वे करने दोबारा टीम पहुंची तो बवाल शुरू हो गया। इसी कारण पुलिस ने सांसद पर केस दर्ज किया है।
वायरल वीडियो परिसर के बाहर का है
कमिश्नर ने कहा कि जयश्री राम के नारे वाले वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। यह वीडियो जामा मस्जिद परिसर के बाहर का है। यह नारा बाहर लगाया गया। इस वीडियो को जारी कर लोगों ने उपद्रव को दंगा साबित करने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों के सामने आने पर उनकी रणनीति ध्वस्त हो गई। उन्होंने कहा कि सर्वे सुबह के समय हो रहा था। उस समय बाजार बंद था। इसलिए लोगों द्वारा यह कहा जाना कि उनके परिजन सब्जी खरीदने और अन्य सामान लेने गए थे, इस बात में कोई दम नहीं है। पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सांसद को रोका
आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर को संभल जाने से रोकने के सवाल पर कमिश्नर ने कहा कि संभल में शांंति व्यवस्था कायम रखने के लिए सांसद को रोका गया। उनके बाद राजनीतिक दलों के लोग संभल पहुंचेंगे तो कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए नेताओं के संभल जाने पर रोक लगाई गई है।