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Sambhal News: बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह की संपत्तियों की हो रही जांच
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संभल। बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ संभल पुलिस गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। अब इस गिरोह के सरगना समेत सभी की संपत्तियों की जांच हो रही है। इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी। क्योंकि इस गिरोह पर करीब 100 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम गबन करने का आरोप है।
इस गिरोह से जुड़े सदस्यों ने बीमा क्लेम पाने के लिए हत्याएं भी की हैं। पुलिस चार हत्या के मामले खोल चुकी है। यह वह हत्याएं हैं जिनकी फाइलें हादसा मानकर पुलिस ने भी बंद कर दी थीं, लेकिन जब गिरोह के तार बीमा क्लेम हड़पने और हत्या की साजिश करने से जुड़े तो गहराई से जांच पड़ताल की गई।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के 67 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। सभी के खिलाफ आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं। पैरवी कर इस गिरोह को सख्त सजा भी कराई जाएगी।
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गिरोह ऐसे लोगों का बीमा करता था। जो मर चुके हैं या मरने की स्थिति में हैं। ऐसे लोगों के परिजनों को कुछ लालच में लेकर बीमा करा दिया जाता था। मरने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए जाते थे। बीमा करने वाली कंपनी से लेकर जांच करने वाली कंपनी और जो भी जरूरी दस्तावेज क्लेम पाने के लिए लगते हैं उन सभी लोगों को लालच दिया जाता था। जिससे सभी काम आसानी से हो जाएं। इसके बाद बीमा क्लेम हड़प लिया जाता था। सरकारी बीमा योजनाओं में भी फर्जी दस्तावेज लगाकर क्लेम पाए हैं। करीब 100 करोड़ रुपये का गबन इस गिरोह ने किया। इससे सरकार और निजी बीमा कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा इस गिरोह ने चार लोगों की हत्याएं भी बीमा क्लेम पाने के लिए की थीं।
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हवाला से भी जुड़े होने का था शक, पूछताछ में खुला था क्लेम पाने का राज
एसपी ने बताया कि 17 जनवरी को बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सरगना वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को रजपुरा थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान 11 लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा था। पुलिस को प्राथमिक जांच पड़ताल में लगा कि यह युवक हवाला का रुपया लेकर घूम रहे हैं। जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर बीमा कराते हैं और क्लेम हड़प लेते हैं। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया और सारी हकीकत सामने आने के बाद अलग-अलग थानों में 15 एफआईआर दर्ज कराई गईं। 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बताया कि इस गिरोह में निजी बैंक कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा वर्कर, जनसेवा संचालक, बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर, बीमा कंपनी के मालिक भी शामिल थे।
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इनकी हो चुकी है बीमा क्लेम के लिए हत्या
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। 50 लाख रुपये से ज्यादा की अलग-अलग कंपनी में पॉलिसी कराई गई थीं। इसी तरह बदायूं जिले के ही थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की हत्या 20 जून 2024 को उसके छोटे भाई नवीन ने की थी। 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हड़पने के लिए यह वारदात अंजाम दी थी। तीसरी हत्या दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में की गई थी। रिश्ते के मामा ने गिरोह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। 2.70 करोड़ रुपये की अलग-अलग कंपनी में बीमा पॉलिसी कराई गई थीं। इसमें 20 लाख रुपये मिल भी गए थे। चौथी हत्या धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में ही की गई थी। इन सभी हत्या को हादसा बताया गया था। पुलिस ने भी जांच पड़ताल के बाद एफआर लगा दी थी। एसपी के ने बताया कि इन सभी मामले की दोबारा से जांच कराई तो हत्या के मामले सामने आए।
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बीमा करने वाली सभी कंपनी हो गई हैं सतर्क
बीमा कंपनियों ने भी अब सभी पॉलिसी पर निगरानी बना ली है। यदि किसी व्यक्ति की एक से ज्यादा पॉलिसी कम समय में होती हैं तो उनकी विस्तृत जांच कराई जाती है। जिससे हकीकत पता लग सके। इसको लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। संभल पुलिस ने इस घटना के खुलासे के बाद सभी बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया था और आग्रह किया था कि पूरी निगरानी की जाए। जिससे अपराध को बढ़ावा नहीं मिले। इसी क्रम में अब सतर्कता बरती जा रही है।
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गैंगस्टर की रिपोर्ट गिरोह के खिलाफ दर्ज की जा चुकी है। अब जो भी आरोपी जिस जिले का है। वहां उसकी संपत्ति की जांच कराई जा रही है। इसके बाद अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जा सके।
कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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इस गिरोह से जुड़े सदस्यों ने बीमा क्लेम पाने के लिए हत्याएं भी की हैं। पुलिस चार हत्या के मामले खोल चुकी है। यह वह हत्याएं हैं जिनकी फाइलें हादसा मानकर पुलिस ने भी बंद कर दी थीं, लेकिन जब गिरोह के तार बीमा क्लेम हड़पने और हत्या की साजिश करने से जुड़े तो गहराई से जांच पड़ताल की गई।
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के 67 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। सभी के खिलाफ आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं। पैरवी कर इस गिरोह को सख्त सजा भी कराई जाएगी।
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गिरोह ऐसे लोगों का बीमा करता था। जो मर चुके हैं या मरने की स्थिति में हैं। ऐसे लोगों के परिजनों को कुछ लालच में लेकर बीमा करा दिया जाता था। मरने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए जाते थे। बीमा करने वाली कंपनी से लेकर जांच करने वाली कंपनी और जो भी जरूरी दस्तावेज क्लेम पाने के लिए लगते हैं उन सभी लोगों को लालच दिया जाता था। जिससे सभी काम आसानी से हो जाएं। इसके बाद बीमा क्लेम हड़प लिया जाता था। सरकारी बीमा योजनाओं में भी फर्जी दस्तावेज लगाकर क्लेम पाए हैं। करीब 100 करोड़ रुपये का गबन इस गिरोह ने किया। इससे सरकार और निजी बीमा कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा इस गिरोह ने चार लोगों की हत्याएं भी बीमा क्लेम पाने के लिए की थीं।
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हवाला से भी जुड़े होने का था शक, पूछताछ में खुला था क्लेम पाने का राज
एसपी ने बताया कि 17 जनवरी को बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सरगना वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को रजपुरा थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान 11 लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा था। पुलिस को प्राथमिक जांच पड़ताल में लगा कि यह युवक हवाला का रुपया लेकर घूम रहे हैं। जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर बीमा कराते हैं और क्लेम हड़प लेते हैं। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया और सारी हकीकत सामने आने के बाद अलग-अलग थानों में 15 एफआईआर दर्ज कराई गईं। 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बताया कि इस गिरोह में निजी बैंक कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा वर्कर, जनसेवा संचालक, बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर, बीमा कंपनी के मालिक भी शामिल थे।
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इनकी हो चुकी है बीमा क्लेम के लिए हत्या
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। 50 लाख रुपये से ज्यादा की अलग-अलग कंपनी में पॉलिसी कराई गई थीं। इसी तरह बदायूं जिले के ही थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की हत्या 20 जून 2024 को उसके छोटे भाई नवीन ने की थी। 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हड़पने के लिए यह वारदात अंजाम दी थी। तीसरी हत्या दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में की गई थी। रिश्ते के मामा ने गिरोह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। 2.70 करोड़ रुपये की अलग-अलग कंपनी में बीमा पॉलिसी कराई गई थीं। इसमें 20 लाख रुपये मिल भी गए थे। चौथी हत्या धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में ही की गई थी। इन सभी हत्या को हादसा बताया गया था। पुलिस ने भी जांच पड़ताल के बाद एफआर लगा दी थी। एसपी के ने बताया कि इन सभी मामले की दोबारा से जांच कराई तो हत्या के मामले सामने आए।
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बीमा करने वाली सभी कंपनी हो गई हैं सतर्क
बीमा कंपनियों ने भी अब सभी पॉलिसी पर निगरानी बना ली है। यदि किसी व्यक्ति की एक से ज्यादा पॉलिसी कम समय में होती हैं तो उनकी विस्तृत जांच कराई जाती है। जिससे हकीकत पता लग सके। इसको लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। संभल पुलिस ने इस घटना के खुलासे के बाद सभी बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया था और आग्रह किया था कि पूरी निगरानी की जाए। जिससे अपराध को बढ़ावा नहीं मिले। इसी क्रम में अब सतर्कता बरती जा रही है।
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गैंगस्टर की रिपोर्ट गिरोह के खिलाफ दर्ज की जा चुकी है। अब जो भी आरोपी जिस जिले का है। वहां उसकी संपत्ति की जांच कराई जा रही है। इसके बाद अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जा सके।
कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल