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Sambhal News: संभल में ई-कचरा जलाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी, सील
Wed, 14 Aug 2024 03:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:28 AM IST
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संभल। गांव बिछौली में मंगलवार को प्रशासन की टीम ने अवैध रूप से संचालित ई-कचरा जलाने की फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी में 100 से ज्यादा श्रमिक काम करते मिले, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल थे। टीम को मौके से 61 घरेलू सिलिंडर और नगर पालिका का एक ई-रिक्शा मिला। जिसके बाद अवैध फैक्टरी को सील कर दिया। जीएसटी टीम ने भी जांच पड़ताल की।
मंगलवार को एडीएम प्रदीप वर्मा, एसडीएम विनय कुमार मिश्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जेएन तिवारी व जीएसटी टीम ने मुखबिर की सूचना पर गांव बिछौली के जंगल में अवैध तरीके से संचालित ई-कचरा जलाने की फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी में बने 21 कमरों में दिल्ली से कच्चा माल लाकर गलाने का काम किया जा रहा था। 100 से अधिक मजदूरों में नाबालिग और महिलाएं भी शामिल थीं। टीम को मौके से भारी संख्या में जला ई-कचरा, मोबाइलों की प्लेट, 61 घरेलू गैस सिलिंडर व एसिड मिला है। जिसके बाद टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया। वहीं जीएसटी टीम भी कच्चा माल लाने और ले जाने में जीएसटी चोरी की जांच में जुटी है।
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मजूदर बोले- पांच माह से चल रही फैक्टरी
अवैध रूप से संचालित ई-कचरा जलाने की फैक्टरी की भले ही अफसरों को मंगलवार को जानकारी मिली हो लेकिन इसका संचालन से माह पहले से हो रहा था। फैक्टरी में काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि वह करीब पांच माह से फैक्टरी में काम कर रहे हैं।
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नगर पालिका सभासद की बताई जा रही फैक्टरी
गांव बिछौली में पकड़ी गई ई-कचरा जलाने की अवैध फैक्टरी का संचालक नगर पालिका का एक सभासद है। उनके ही ट्रक से दिल्ली से ई-कचरा लाया जाता था। इसके बाद उसे गलाकर बाद में भेज दिया जाता था। बड़ी बात यह है कि नगर में कचरा उठाने के लिए आए ई-रिक्शा का सभासद अवैध फैक्टरी में प्रयोग कर रहा था। जिसकी भनक नगर पालिका को भी नहीं थी। मंगलवार को छापे के दौरान ई-रिक्शा मिला तो पालिका ने ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया है।
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कोट
गांव बिछौली में अवैध फैक्टरी में ई-कचरा जलाया जा रहा था। छापे के दौरान फैक्टरी में 100 ज्यादा मजदूर काम करते मिले। जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। मौके से 61 घरेलू गैस सिलिंडर और एसिड मिला है। संचालक किसी भी विभाग की एनओसी तक नहीं दिखा सका। जिसके बाद फैक्टरी सील कर दी है। जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। जांच के बाद संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -प्रदीप वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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मंगलवार को एडीएम प्रदीप वर्मा, एसडीएम विनय कुमार मिश्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जेएन तिवारी व जीएसटी टीम ने मुखबिर की सूचना पर गांव बिछौली के जंगल में अवैध तरीके से संचालित ई-कचरा जलाने की फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी में बने 21 कमरों में दिल्ली से कच्चा माल लाकर गलाने का काम किया जा रहा था। 100 से अधिक मजदूरों में नाबालिग और महिलाएं भी शामिल थीं। टीम को मौके से भारी संख्या में जला ई-कचरा, मोबाइलों की प्लेट, 61 घरेलू गैस सिलिंडर व एसिड मिला है। जिसके बाद टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया। वहीं जीएसटी टीम भी कच्चा माल लाने और ले जाने में जीएसटी चोरी की जांच में जुटी है।
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मजूदर बोले- पांच माह से चल रही फैक्टरी
अवैध रूप से संचालित ई-कचरा जलाने की फैक्टरी की भले ही अफसरों को मंगलवार को जानकारी मिली हो लेकिन इसका संचालन से माह पहले से हो रहा था। फैक्टरी में काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि वह करीब पांच माह से फैक्टरी में काम कर रहे हैं।
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नगर पालिका सभासद की बताई जा रही फैक्टरी
गांव बिछौली में पकड़ी गई ई-कचरा जलाने की अवैध फैक्टरी का संचालक नगर पालिका का एक सभासद है। उनके ही ट्रक से दिल्ली से ई-कचरा लाया जाता था। इसके बाद उसे गलाकर बाद में भेज दिया जाता था। बड़ी बात यह है कि नगर में कचरा उठाने के लिए आए ई-रिक्शा का सभासद अवैध फैक्टरी में प्रयोग कर रहा था। जिसकी भनक नगर पालिका को भी नहीं थी। मंगलवार को छापे के दौरान ई-रिक्शा मिला तो पालिका ने ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया है।
कोट
गांव बिछौली में अवैध फैक्टरी में ई-कचरा जलाया जा रहा था। छापे के दौरान फैक्टरी में 100 ज्यादा मजदूर काम करते मिले। जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। मौके से 61 घरेलू गैस सिलिंडर और एसिड मिला है। संचालक किसी भी विभाग की एनओसी तक नहीं दिखा सका। जिसके बाद फैक्टरी सील कर दी है। जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। जांच के बाद संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -प्रदीप वर्मा, अपर जिलाधिकारी