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फिर बदहाल व्यवस्थाओं की भेंट चढ़े दो नवजात
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं जान के जोखिम को बढ़ाती नजर आ रही हैं। बुधवार को जुनावई के संयुक्त चिकित्सालय में एक नवजात की मौत सुबह पांच बजे हुई। दूसरे नवजात को अस्पताल से सुबह करीब नौ बजे रेफर किया।
रास्ते में नवजात ने दम तोड़ दिया। इलाज के नाम पर संयुक्त चिकित्सालय में बदहाली जरूरतमंद मरीजों को जानलेवा साबित हो रही है। जिम्मेदार पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। मालूम होकि दस दिन पहले जिला अस्पताल में साढ़े तीन घंटे में तीन नवजातों की मौत हो गई थी।
संयुक्त चिकित्सालय जुनावई में सुबह करीब पांच बजे थाना गुन्नौर के लौहरपुरा निवासी रामवीर सिंह की पत्नी फूलवती एंबुलेंस से पहुंची। स्टाफ नर्स तबस्सुम ने बताया कि फूलवती की डिलीवरी एंबुलेंस में ही समय से पहले हो गई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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नवजात की मौत के बाद फूलवती और परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव अजीजपुर निवासी अवधेश की पत्नी सोनवती को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह करीब साढ़े सात बजे डिलीवरी हुई। सुबह करीब नौ बजे नवजात की हालत नाजुक बताकर अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स तबस्सुम की सूचना पर चिकित्सक मनोज कुमार ने रेफर कर दिया। निजी वाहन से अलीगढ़ ले जाते समय नवजात ने दम तोड़ दिया।
प्रति माह करीब दो सौ से अधिक डिलीवरी हो रही हैं, अब तो और इजाफा होगा। महिला चिकित्सक नहीं होने पर स्टाफ नर्स नार्मल डिलीवरी करा देती हैं। गंभीर मामले को रेफर कर दिया जाता है। महीने में करीब 15-20 केस रेफर किए जाते हैं। महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए कई बार लिखा गया है। लखनऊ में भी मुद्दा उठाया गया है।
- डॉ. मनोज कुमार, चिकित्साधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय जुनावई।
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रास्ते में नवजात ने दम तोड़ दिया। इलाज के नाम पर संयुक्त चिकित्सालय में बदहाली जरूरतमंद मरीजों को जानलेवा साबित हो रही है। जिम्मेदार पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। मालूम होकि दस दिन पहले जिला अस्पताल में साढ़े तीन घंटे में तीन नवजातों की मौत हो गई थी।
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संयुक्त चिकित्सालय जुनावई में सुबह करीब पांच बजे थाना गुन्नौर के लौहरपुरा निवासी रामवीर सिंह की पत्नी फूलवती एंबुलेंस से पहुंची। स्टाफ नर्स तबस्सुम ने बताया कि फूलवती की डिलीवरी एंबुलेंस में ही समय से पहले हो गई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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नवजात की मौत के बाद फूलवती और परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव अजीजपुर निवासी अवधेश की पत्नी सोनवती को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह करीब साढ़े सात बजे डिलीवरी हुई। सुबह करीब नौ बजे नवजात की हालत नाजुक बताकर अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स तबस्सुम की सूचना पर चिकित्सक मनोज कुमार ने रेफर कर दिया। निजी वाहन से अलीगढ़ ले जाते समय नवजात ने दम तोड़ दिया।
प्रति माह करीब दो सौ से अधिक डिलीवरी हो रही हैं, अब तो और इजाफा होगा। महिला चिकित्सक नहीं होने पर स्टाफ नर्स नार्मल डिलीवरी करा देती हैं। गंभीर मामले को रेफर कर दिया जाता है। महीने में करीब 15-20 केस रेफर किए जाते हैं। महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए कई बार लिखा गया है। लखनऊ में भी मुद्दा उठाया गया है।
- डॉ. मनोज कुमार, चिकित्साधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय जुनावई।