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Sambhal News: बच्ची को सांप ने डसा... परिजन समझे चोट और चली गई जान
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बनियाठेर (संभल)। गांव देवरखेड़ा में पांच वर्षीय रिया को खेलत समय सांप ने डसा तो परिजन समझे की मामूली चोट लगी है और उपचार के लिए नहीं ले गए। हालत बिगड़ने पर करीब तीन घंटे बाद जब परिजन उसे उपचार के लिए लेकर सीएचसी पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में परिजनों ने झाड़फूंक का सहारा लिया, लेकिन मासूम की जान नहीं बच सकी।
बनियाठेर के गांव देवरखेड़ा निवासी संजय राना की पांच वर्षीय बेटी मंगलवार की शाम करीब सात बजे घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसके हाथ की अंगुली में जहरीले सांप ने डस लिया। खेल के चक्कर में बच्ची ने परिजनों को कुछ नहीं बताया। परिजनों ने बच्ची की अंगुली से खून छलकता देखा तो सोचा बच्ची की अंगुली में मामूली चाेट लग गई और अनदेखा कर दिया। कुछ देर बाद बच्ची पड़ोस में खेलने गई तो वहां पर पानी पी लिया। पानी पीने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और बेहोश हो गई। परिजन बच्ची को लेकर सीएचसी चंदौसी पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
झाड़फूंक भी नहीं आया काम, नहीं बच सकी बच्ची जान
परिजन बच्ची को कई जगह झाड़फूंक करने वालों के पास लेकर गए। जहां पर बच्ची की जान बचाने की उम्मीद में रातभर झाड़फूंक किया, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी। मासूम की मौत क बाद मां सावित्री और बड़े भाई यश का रो-रोकर बुरा हाल है।
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उपचार में देरी पड़ी जान पर भारी
ग्रामीणों ने बताया कि सांप के डसने के बाद यदि बच्ची को समय से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती, लेकिन परिजनों ने घटना के समय ध्यान नहीं दिया। बाद में जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने घटनास्थल पर देखा, जहां दीवार पर सांप नजर आया। तब परिजनों को पता चला कि बच्ची को सांप ने डसा है और उसे उपचार के लिए लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
चिकित्सक बोले- समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
सीएचसी में इमरजेंसी में तैनात डॉ. विपिन सागर ने बताया कि सांप के डसने के करीब तीन घंटे बाद परिजन बच्ची को लेकर आए थे। तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। यदि समय रहते बच्ची को उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती।
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बनियाठेर के गांव देवरखेड़ा निवासी संजय राना की पांच वर्षीय बेटी मंगलवार की शाम करीब सात बजे घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसके हाथ की अंगुली में जहरीले सांप ने डस लिया। खेल के चक्कर में बच्ची ने परिजनों को कुछ नहीं बताया। परिजनों ने बच्ची की अंगुली से खून छलकता देखा तो सोचा बच्ची की अंगुली में मामूली चाेट लग गई और अनदेखा कर दिया। कुछ देर बाद बच्ची पड़ोस में खेलने गई तो वहां पर पानी पी लिया। पानी पीने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और बेहोश हो गई। परिजन बच्ची को लेकर सीएचसी चंदौसी पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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झाड़फूंक भी नहीं आया काम, नहीं बच सकी बच्ची जान
परिजन बच्ची को कई जगह झाड़फूंक करने वालों के पास लेकर गए। जहां पर बच्ची की जान बचाने की उम्मीद में रातभर झाड़फूंक किया, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी। मासूम की मौत क बाद मां सावित्री और बड़े भाई यश का रो-रोकर बुरा हाल है।
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उपचार में देरी पड़ी जान पर भारी
ग्रामीणों ने बताया कि सांप के डसने के बाद यदि बच्ची को समय से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती, लेकिन परिजनों ने घटना के समय ध्यान नहीं दिया। बाद में जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने घटनास्थल पर देखा, जहां दीवार पर सांप नजर आया। तब परिजनों को पता चला कि बच्ची को सांप ने डसा है और उसे उपचार के लिए लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
चिकित्सक बोले- समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
सीएचसी में इमरजेंसी में तैनात डॉ. विपिन सागर ने बताया कि सांप के डसने के करीब तीन घंटे बाद परिजन बच्ची को लेकर आए थे। तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। यदि समय रहते बच्ची को उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती।