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चंदौसी में रही गणेश प्रतिमा विसर्जन की धूम, राजघाट गंगा में विसर्जित की गई प्रतिमाएं
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चंदौसी। अनंत चतुर्दशी पर गणेश मंदिर में गणपति प्रतिमा की विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रृंगार किया गया। इसके बाद भक्तगण गणपति बप्पा के जयकारों के बाद प्रतिमा को लेकर विसर्जित करने के लिए राजघाट रवाना हो गए। वहीं नगर में घरों व पंडालों में स्थापित की गई प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण कराया गया। इसमें श्रद्धालु अबीर गुलाल उड़ाते चल रहे थे। इसके पश्चात भक्तगण वाहनों में प्रतिमा रख राजघाट रवाना हो गए। दोपहर तक भक्तों का राजघाट जाने का क्रम जारी रहा।
दस सितंबर को गणेश चतुर्थी पर गणेश मंदिर सहित घरों व पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की गईं थीं। गणेश प्रतिमाओं की प्रतिदिन पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई थी। इन आयोजनों में रोजाना काफी संख्या में भक्तगण प्रतिभाग कर पुण्य लाभ कमाते थे। पंडालों में प्रतिदिन नए-नए धार्मिक आयोजन भी कराए गए।
रविवार को अनंत चतुर्दशी पर सुबह गणेश मंदिर में सुबह छह बजे से ही धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए। गणपति प्रतिमा को नई पोशाक पहनाकर श्रृंगार किया गया। श्री गणेश मेला परिषद के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता ने गणपति की आरती की। इसके बाद पदाधिकारी गणपति बप्पा के जयकारों के बीच गणेश प्रतिमा को लेकर राजगाट गंगा के लिए रवाना हो गए। राजघाट गंगाघाट पहुंचकर मेला परिषद पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन किया और गणेश जी की प्रतिमा को गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान मनोज कुमार गुप्ता, रविंद्र कुमार रूपी, सुधीर गुप्ता, ललित किशोर, प्रजीत लालू, कमलेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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वहीं घरों व पंडालों में भी गणपति बप्पा का विशेष श्रृंगार कर अबीर-गुलाल उड़ाकर व ढाल नगाड़े के साथ नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद भक्तगण प्रतिमाओं को वाहनों में लेकर राजघाट गंगा में विसर्जित करने के लिए रवाना हो गए।
भक्तों ने राजघाट गंगा तट पर विधि विधान से परंपरागत तरीके से गणेश प्रतिमा को विसर्जित किया और जयकारे लगाए कि गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और वापस अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
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दस सितंबर को गणेश चतुर्थी पर गणेश मंदिर सहित घरों व पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की गईं थीं। गणेश प्रतिमाओं की प्रतिदिन पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई थी। इन आयोजनों में रोजाना काफी संख्या में भक्तगण प्रतिभाग कर पुण्य लाभ कमाते थे। पंडालों में प्रतिदिन नए-नए धार्मिक आयोजन भी कराए गए।
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रविवार को अनंत चतुर्दशी पर सुबह गणेश मंदिर में सुबह छह बजे से ही धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए। गणपति प्रतिमा को नई पोशाक पहनाकर श्रृंगार किया गया। श्री गणेश मेला परिषद के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता ने गणपति की आरती की। इसके बाद पदाधिकारी गणपति बप्पा के जयकारों के बीच गणेश प्रतिमा को लेकर राजगाट गंगा के लिए रवाना हो गए। राजघाट गंगाघाट पहुंचकर मेला परिषद पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन किया और गणेश जी की प्रतिमा को गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान मनोज कुमार गुप्ता, रविंद्र कुमार रूपी, सुधीर गुप्ता, ललित किशोर, प्रजीत लालू, कमलेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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वहीं घरों व पंडालों में भी गणपति बप्पा का विशेष श्रृंगार कर अबीर-गुलाल उड़ाकर व ढाल नगाड़े के साथ नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद भक्तगण प्रतिमाओं को वाहनों में लेकर राजघाट गंगा में विसर्जित करने के लिए रवाना हो गए।
भक्तों ने राजघाट गंगा तट पर विधि विधान से परंपरागत तरीके से गणेश प्रतिमा को विसर्जित किया और जयकारे लगाए कि गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और वापस अपने गंतव्य को रवाना हो गए।