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कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से चार लोग बीमार
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बबराला में चैत्र नवरात्र की नवमी को कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से एक ही परिवार के चार लोग बीमार हो गए। उल्टी, दस्त लगने पर उन्हें निजी चिकित्सक के यहां उपचारित कराया गया। अब स्वास्थ्य स्थिर है। जिले में पहले भी 24 लोग कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से बीमार हो चुके हैं।
बबराला की लेखपाल कालोनी में महेश कुमार अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ रहते हैं। परिवार के सदस्यों ने नवरात्र के व्रत रखे थे। रविवार को भी नवमी का व्रत था। उनका बेटा पास में से ही किराना की दुकान से कुट्टू के आटे का पैकेट लेकर आया था।
रविवार की सुबह करीब नौ बजे कुट्टू के आटे की कचौड़ी बनाकर सभी सदस्यों ने खाई थी। उसके करीब दो घंटे के बाद बेचैनी महसूस होने लगी। उल्टी, दस्त भी शुरू हो गए। महेश की पत्नी व तीन अन्य सदस्यों की की हालत बिगड़ गई। महेश ने सभी को बीमार हालत में बबराला में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हैं। कमजोरी अभी भी महसूस कर रहे हैं।
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संभल चंदौसी में चैत्रीय नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से 24 लोग बीमार हो चुके हैं। गांव धनारी में पहले नवरात्र की शाम को कुट्टू के आटे का फलाहार खाया था। रविवार की सुबह उठने पर दो परिवार के 13 लोगों को उल्टी, दस्त, कमजोरी, चक्कर की शिकायत हुई थी और सभी बीमार पड़ गए थे। रविवार की सुबह ही गुन्नौर क्षेत्र के गांव बाघऊ में भी कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से दो परिवार के 11 लोग बीमार पड़ गए थे।
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बबराला की लेखपाल कालोनी में महेश कुमार अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ रहते हैं। परिवार के सदस्यों ने नवरात्र के व्रत रखे थे। रविवार को भी नवमी का व्रत था। उनका बेटा पास में से ही किराना की दुकान से कुट्टू के आटे का पैकेट लेकर आया था।
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रविवार की सुबह करीब नौ बजे कुट्टू के आटे की कचौड़ी बनाकर सभी सदस्यों ने खाई थी। उसके करीब दो घंटे के बाद बेचैनी महसूस होने लगी। उल्टी, दस्त भी शुरू हो गए। महेश की पत्नी व तीन अन्य सदस्यों की की हालत बिगड़ गई। महेश ने सभी को बीमार हालत में बबराला में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हैं। कमजोरी अभी भी महसूस कर रहे हैं।
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संभल चंदौसी में चैत्रीय नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से 24 लोग बीमार हो चुके हैं। गांव धनारी में पहले नवरात्र की शाम को कुट्टू के आटे का फलाहार खाया था। रविवार की सुबह उठने पर दो परिवार के 13 लोगों को उल्टी, दस्त, कमजोरी, चक्कर की शिकायत हुई थी और सभी बीमार पड़ गए थे। रविवार की सुबह ही गुन्नौर क्षेत्र के गांव बाघऊ में भी कुट्टू के आटे का फलाहार खाने से दो परिवार के 11 लोग बीमार पड़ गए थे।