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फसलों को सूखता देखकर अन्नदाता हुए चिंतित
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Mon, 23 Jul 2018 02:00 AM IST
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बारिश नहीं होने से जुनावई में फसल सूख्ाने लगी है।
- फोटो : अमर उजाला
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बरसात नहीं होने के कारण क्षेत्र में फसले सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। अपने ही सामने सूखती फसलों को देकर किसान चिंतित हैं। डीजल से सिंचाई करके फसले पैदा की गई तो लागत मूल्य भी नहीं निकल पाएगा।
जुलाई माह में बारिश न होने के कारण धान एवं बाजरा मक्का दलहन तिलहन की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। ऐसी हालत में किसान ऊपर को मुंह उठाकर कभी मंडराते बादलों को देखकर प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर इन बादलों को यहीं बरस जाने दो। पिछले कई दिनों से बरसात नहीं हुई।
हालांकि शनिवार को हल्की बरसात हुई, लेकिन फसलों को कोई खास लाभ नहीं पहुंच सका। किसानों ने बताया कि यदि बरसात नहीं होती है तो धान की फसल को 16 बार सिंचाई एवं बाजरा की फसल में 10 बार पानी लगाना होगा।
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जुलाई माह में बारिश न होने के कारण धान एवं बाजरा मक्का दलहन तिलहन की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। ऐसी हालत में किसान ऊपर को मुंह उठाकर कभी मंडराते बादलों को देखकर प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर इन बादलों को यहीं बरस जाने दो। पिछले कई दिनों से बरसात नहीं हुई।
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हालांकि शनिवार को हल्की बरसात हुई, लेकिन फसलों को कोई खास लाभ नहीं पहुंच सका। किसानों ने बताया कि यदि बरसात नहीं होती है तो धान की फसल को 16 बार सिंचाई एवं बाजरा की फसल में 10 बार पानी लगाना होगा।
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