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Sambhal News: संभल बवाल के बाद से 500 घरों पर लटके हैं ताले, जांच में जुटी पुलिस
Thu, 13 Feb 2025 01:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 13 Feb 2025 01:34 AM IST
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संभल। 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल के बाद कोटगर्वी, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में 500 से अधिक मकान ऐसे हैं, जहां ताले लगे हैं। इन मकानो के मालिकों की जानकारी पुलिस जुटाने में लगी है। पूछताछ की जा रही है कि इन लोगाें ने घर क्यों छोड़ा है। वहीं दूसरी ओर इसमें काफी परिवार ऐसे भी हैं जो डरकर मकान छोड़ गए हैं।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जिनकी भूमिका बवाल में नहीं है, वह डरें नहीं, अपने मकानों में आकर रहें। कोई उन्हें बेवजह परेशान नहीं कर सकता है। जो बवाल में शामिल थे, वह खुद ही आत्मसमर्पण कर दें। क्योंकि बवाल में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद के पास बवाल शुरू हुआ था। इसमें पांच लोगों की जान चली गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने बवाल पर काबू पाया था। इस दौरान उपद्रवियों ने नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर हमला किया था। फायरिंग, पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ उपद्रवियों ने की थी। पुलिस ने उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू की तो तमाम लोग अपने मकानों में ताले लगाकर दूसरे जिले व प्रदेश के लिए चले गए।
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बवाल को हुए करीब ढाई महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी भी सभी परिवार नहीं लौटे हैं। ऐसे में पुलिस को भी आशंका है कि जो परिवार नहीं लौटे हैं, वह कहीं बवाल में तो शामिल नहीं थे। हालांकि इन इलाके के लोगों का कहना है कि काफी परिवार डरकर मकानों में ताले लगा गए हैं। कुछ उन लोगाें ने भी मकानों में ताले लगा रखे हैं, जिनकी भूमिका बवाल में थी। पुलिस पूछताछ कर रही है कि बवाल के बाद मकान क्याें छोड़ा है।
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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जिनकी भूमिका बवाल में नहीं है, वह डरें नहीं, अपने मकानों में आकर रहें। कोई उन्हें बेवजह परेशान नहीं कर सकता है। जो बवाल में शामिल थे, वह खुद ही आत्मसमर्पण कर दें। क्योंकि बवाल में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
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जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद के पास बवाल शुरू हुआ था। इसमें पांच लोगों की जान चली गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने बवाल पर काबू पाया था। इस दौरान उपद्रवियों ने नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर हमला किया था। फायरिंग, पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ उपद्रवियों ने की थी। पुलिस ने उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू की तो तमाम लोग अपने मकानों में ताले लगाकर दूसरे जिले व प्रदेश के लिए चले गए।
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बवाल को हुए करीब ढाई महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी भी सभी परिवार नहीं लौटे हैं। ऐसे में पुलिस को भी आशंका है कि जो परिवार नहीं लौटे हैं, वह कहीं बवाल में तो शामिल नहीं थे। हालांकि इन इलाके के लोगों का कहना है कि काफी परिवार डरकर मकानों में ताले लगा गए हैं। कुछ उन लोगाें ने भी मकानों में ताले लगा रखे हैं, जिनकी भूमिका बवाल में थी। पुलिस पूछताछ कर रही है कि बवाल के बाद मकान क्याें छोड़ा है।