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कोरोना संक्रमित मरीज असमोली में 46 घंटे तक बेरोकटोक रहा
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संभल। कोरोना निगेटिव बताकर युवक को 13 मई की शाम चार बजे जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। 15 मई की दोपहर दो बजे उसके कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके गांव असमोली पहुंची और उसे जिला अस्पताल लेकर आई। इस दौरान 46 घंटे तक युवक गांव में घूमता रहा। अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति बुधवार को कोरोना निगेटिव था वह शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव कैसे हो गया। सीएमओ डा. अमिता सिंह से जब इसका जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि गलती उनकी नहीं, पीजीआई की लैब से दी गई रिपोर्ट में हुई है।
पीजीआई की लैब से 12 मई को कोरोना के पोर्टल पर इस युवक के निगेटिव होने की रिपोर्ट चढ़ी थी। इसी आधार पर अगले दिन 13 मई को शाम युवक को जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई। युवक अपने गांव पहुंच गया था। 15 मई की दोपहर में ई-मेल पर बताया गया कि यह युवक कोरोना संक्रमित है। इस सूचना के तत्काल बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस से गांव गई और फिर से 24 वर्षीय युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। उसका नमूना दोबारा लिया जा रहा है और उसे उपचार को भेजा जा रहा है। गांव पहुंची टीम को पता चला कि यह युवक 46 घंटे में अपने परिवार के सदस्यों और बच्चों के करीब रहा। गांव के भी कुछ लोगों से मिला। युवक गांव में कितने लोगों से मिला और कितने लोगों के लिए कोरोना करियर बना इसकी छानबीन स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं हैं।
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पीजीआई की लैब से 12 मई को कोरोना के पोर्टल पर इस युवक के निगेटिव होने की रिपोर्ट चढ़ी थी। इसी आधार पर अगले दिन 13 मई को शाम युवक को जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई। युवक अपने गांव पहुंच गया था। 15 मई की दोपहर में ई-मेल पर बताया गया कि यह युवक कोरोना संक्रमित है। इस सूचना के तत्काल बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस से गांव गई और फिर से 24 वर्षीय युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। उसका नमूना दोबारा लिया जा रहा है और उसे उपचार को भेजा जा रहा है। गांव पहुंची टीम को पता चला कि यह युवक 46 घंटे में अपने परिवार के सदस्यों और बच्चों के करीब रहा। गांव के भी कुछ लोगों से मिला। युवक गांव में कितने लोगों से मिला और कितने लोगों के लिए कोरोना करियर बना इसकी छानबीन स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं हैं।
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