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प्रश्नों के पूर्णांकों को ध्यान में रखकर लिखें उत्तर तो मिलेंगे बेहतर अंक
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सहारनपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं। 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों की पहली बड़ी परीक्षा हिंदी एवं सामान्य हिंदी विषय की होगी, जो 24 मार्च को दोपहर की पाली में दोपहर 02 बजे से होगी। हिंदी एवं सामान्य हिंदी विषय में परीक्षार्थी कैसे बेहतर अंक हासिल करें। इसके लिए बीएचएस इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य एवं हिंदी प्रवक्ता डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने कुछ टिप्स दिए हैं।
डॉ. अरविंद कुमार शर्मा की परीक्षार्थियों को सलाह है कि वह सबसे पहले अपने लिए निर्धारित कोर्स को समझना चाहिए। इसके बाद हिंदी साहित्य के इतिहास एवं लेखकों, कवियों व विभिन्न कालों के रचनाकारों की विभिन्न रचनाओं का अध्ययन करना चाहिए। इनसे संबंधित वस्तुनिष्ठ, वैकल्पिक एवं लघु उत्तरीय प्रश्नों को सबसे पहले हल करना चाहिए। संधि, समास, विभक्ति, धातु रूप आदि के वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर धैर्यपूर्वक विचार करते हुए लिखने चाहिए। शब्द, युग्म, वाक्यांश के लिए एक शब्द, वाक्य शुद्धि आदि संबंधी प्रश्न बड़े सरल होते हैं। उनके उत्तर अच्छे से लेकर अधिक अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। जीवनी के प्रश्नों में जीवन मरण पर ही ध्यान ना देकर प्रश्न के अपेक्षानुसार उत्तर विवरण लिखना चाहिए। प्रश्नों के पूर्णांकों को ध्यान में रखकर उसके अनुसार उत्तर लिखना चाहिए। निबंधन, प्रार्थना पत्र, सारांश, चरित्रांकन आदि के लेखन में तथ्यात्मकता का ध्यान रखें। व्याख्या करते समय भाव प्रवणता अभियक्त होनी चाहिए। वर्तनी की शुद्धता, वाक्य विन्यास, भाषा सौंदर्य, भावोत्कर्ष आदि का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। काव्य सौंदर्य के तत्व, रस, छंद अलंकार आदि को समझकर लिखें।
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डॉ. अरविंद कुमार शर्मा की परीक्षार्थियों को सलाह है कि वह सबसे पहले अपने लिए निर्धारित कोर्स को समझना चाहिए। इसके बाद हिंदी साहित्य के इतिहास एवं लेखकों, कवियों व विभिन्न कालों के रचनाकारों की विभिन्न रचनाओं का अध्ययन करना चाहिए। इनसे संबंधित वस्तुनिष्ठ, वैकल्पिक एवं लघु उत्तरीय प्रश्नों को सबसे पहले हल करना चाहिए। संधि, समास, विभक्ति, धातु रूप आदि के वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर धैर्यपूर्वक विचार करते हुए लिखने चाहिए। शब्द, युग्म, वाक्यांश के लिए एक शब्द, वाक्य शुद्धि आदि संबंधी प्रश्न बड़े सरल होते हैं। उनके उत्तर अच्छे से लेकर अधिक अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। जीवनी के प्रश्नों में जीवन मरण पर ही ध्यान ना देकर प्रश्न के अपेक्षानुसार उत्तर विवरण लिखना चाहिए। प्रश्नों के पूर्णांकों को ध्यान में रखकर उसके अनुसार उत्तर लिखना चाहिए। निबंधन, प्रार्थना पत्र, सारांश, चरित्रांकन आदि के लेखन में तथ्यात्मकता का ध्यान रखें। व्याख्या करते समय भाव प्रवणता अभियक्त होनी चाहिए। वर्तनी की शुद्धता, वाक्य विन्यास, भाषा सौंदर्य, भावोत्कर्ष आदि का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। काव्य सौंदर्य के तत्व, रस, छंद अलंकार आदि को समझकर लिखें।
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