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आखिर क्यों ध्वस्त किया 104 वर्ष पुराना ऐतिहासिक भवन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:38 AM IST
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गिराई गई 104 वर्ष पुरानी इमारत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद नगर निगम ने शहर की सर्जरी शुरू कर दी है। चौकी सराय के 100 वर्ष पुराने ऐतिहासकि भवन को ध्वस्त करने के बाद नगर निगम ने बृहस्पतिवार को जुबली पार्क में 104 वर्ष पुराने भवन को ध्वस्त किया। नगर निगम जुबली पार्क को पुनर्जीवित करने की तैयारी में है।
जुबली पार्क शहर के बीचोंबीच है, जिसका लंबे समय से सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। पार्क के बराबर में खाली पड़ी भूमि पर भी रिक्शा चालकों और स्थानीय कुछ व्यापारियों ने अतिक्रमण किया हुआ है। नगर निगम के चुनाव के बाद से जुबली पार्क में सुधार की बात नगर निगम और महापौर के द्वारा कही जा रही है।
स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद नगर निगम ने धीमी गति से ही सही कदम उठाना शुरू किया है। बृहस्पतिवार को डीएम पीके पांडेय, एसएसपी बबलू कुमार, नगरायुक्त गौरव वर्मा जुबली पार्क पहुंचे। अधिकारियों से पहले ही नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंच चुकी थी।
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टीम ने पार्क में बने 104 वर्ष पुराने भवन को जेसीबी से ध्वस्त कराया। भवन की बाहरी दीवार पर एक शिलापट लगा है, जो सर जेम्स के द्वारा लगवाया गया था। इस शिलापट पर मार्च 1913 अंकित है।
हालांकि नगर निगम के लोग इस भवन का निर्माण 1904 में होना बता रहे हैं। मगर इसमें से निकली ईंटों पर 1912 अंकित है। बहरहाल नगर निगम ने इस भवन को ध्वस्त करा दिया है। नगर निगम इस पार्क को पुनर्जीवित करने की तैयारी में है।
कमाई का जरिया बन सकता है पार्क
जुबली पार्क में बच्चों के खेलने के लिए कई तरह के झूले, छोटी ट्रेन आदि थी, जो वर्तमान में खराब और टूटी हालत में पड़े हैं। इसके बीचोंबीच सीमेंटेड तालाब बना है, जो सूखा है। चारों को घूमने के लिए सीमेंटेड रास्ता और बड़े मैदान हैं।
चारों ओर बाउंड्री वाल है। साथ ही एक छोटी सी कैंटीन चलती है। अभी तक पार्क में घूमने के लिए 20 रुपये प्रति व्यक्ति चार्ज वसूला जाता है। नगर निगम इसे डवलप कर चार्ज बढ़ा सकता है। चूंकि यह शहर के बीचोंबीच है। ऐसे में नगर निगम इसके जरिये अच्छी कमाई कर सकता है।
अनैतिक कार्यों का अड्डा बना हुआ है पार्क
जुबली पार्क के एक ओर प्रताप मार्केट और दूसरी ओर नेहरू मार्केट है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय से यह पार्क अनैतिक कार्यों का अड्डा बना हुआ है। खराब माहौल की वजह से ही यहां अच्छे लोग और परिवार नहीं आ पाते हैं। यदि इसका जीर्णोद्घार होता है तो यह शहर के साथ ही आम आदमी के लिए भी फायदे की बात होगी। उन्होंने पार्क में सीसीटीवी कैमरे और गार्ड छोड़ने की मांग की है।
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जुबली पार्क शहर के बीचोंबीच है, जिसका लंबे समय से सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। पार्क के बराबर में खाली पड़ी भूमि पर भी रिक्शा चालकों और स्थानीय कुछ व्यापारियों ने अतिक्रमण किया हुआ है। नगर निगम के चुनाव के बाद से जुबली पार्क में सुधार की बात नगर निगम और महापौर के द्वारा कही जा रही है।
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स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद नगर निगम ने धीमी गति से ही सही कदम उठाना शुरू किया है। बृहस्पतिवार को डीएम पीके पांडेय, एसएसपी बबलू कुमार, नगरायुक्त गौरव वर्मा जुबली पार्क पहुंचे। अधिकारियों से पहले ही नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंच चुकी थी।
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टीम ने पार्क में बने 104 वर्ष पुराने भवन को जेसीबी से ध्वस्त कराया। भवन की बाहरी दीवार पर एक शिलापट लगा है, जो सर जेम्स के द्वारा लगवाया गया था। इस शिलापट पर मार्च 1913 अंकित है।
हालांकि नगर निगम के लोग इस भवन का निर्माण 1904 में होना बता रहे हैं। मगर इसमें से निकली ईंटों पर 1912 अंकित है। बहरहाल नगर निगम ने इस भवन को ध्वस्त करा दिया है। नगर निगम इस पार्क को पुनर्जीवित करने की तैयारी में है।
कमाई का जरिया बन सकता है पार्क
जुबली पार्क में बच्चों के खेलने के लिए कई तरह के झूले, छोटी ट्रेन आदि थी, जो वर्तमान में खराब और टूटी हालत में पड़े हैं। इसके बीचोंबीच सीमेंटेड तालाब बना है, जो सूखा है। चारों को घूमने के लिए सीमेंटेड रास्ता और बड़े मैदान हैं।
चारों ओर बाउंड्री वाल है। साथ ही एक छोटी सी कैंटीन चलती है। अभी तक पार्क में घूमने के लिए 20 रुपये प्रति व्यक्ति चार्ज वसूला जाता है। नगर निगम इसे डवलप कर चार्ज बढ़ा सकता है। चूंकि यह शहर के बीचोंबीच है। ऐसे में नगर निगम इसके जरिये अच्छी कमाई कर सकता है।
अनैतिक कार्यों का अड्डा बना हुआ है पार्क
जुबली पार्क के एक ओर प्रताप मार्केट और दूसरी ओर नेहरू मार्केट है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय से यह पार्क अनैतिक कार्यों का अड्डा बना हुआ है। खराब माहौल की वजह से ही यहां अच्छे लोग और परिवार नहीं आ पाते हैं। यदि इसका जीर्णोद्घार होता है तो यह शहर के साथ ही आम आदमी के लिए भी फायदे की बात होगी। उन्होंने पार्क में सीसीटीवी कैमरे और गार्ड छोड़ने की मांग की है।