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वायरल बताकर जान से खेल रहे डॉक्टर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:31 AM IST
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डाक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में शहर से लेकर देहात तक चारों ओर डेंगू की दहशत है। डेंगू से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हल्का बुखार होने पर भी डेंगू की जांच करायी जा रही है।
सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में बुखार के हजारों मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में डेंगू का कोई इलाज नहीं है। हालात यह है कि अपने आंकड़े दुरुस्त करने के चक्कर में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद भी वायरल की दवाइयां देकर उनकी जान से खेला जा रहा है।
मौसम में उतार चढ़ाव के बीच वायरल का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। मरीजों में वायरल के साथ डेंगू की पुष्टी हो रही है। बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास काई इंतजाम नहीं है।
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सिर्फ जिला अस्पताल की ही बात करें तो यहां 30 हजार मरीज केवल बुखार का इलाज कराने पहुंचे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक डेंगू की कोई पुष्टि नहीं हुई है लेकिन मरीज डेंगू की चपेट में आकर लगातार दम तोड़ रहे है।
विभागीय अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में डेंगू की कोई पुष्टि नहीं कर रहे हैं। मरीजों को वायरल और मलेरिया की दवाइयां देकर उनकी जान से खेला जा रहा है। पर्याप्त इलाज न होने से डेंगू से पीड़ित दम तोड़ रहे है। स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को नजरअंदाज कर कागजी खानापूर्ति करने में जुटा है।
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सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में बुखार के हजारों मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में डेंगू का कोई इलाज नहीं है। हालात यह है कि अपने आंकड़े दुरुस्त करने के चक्कर में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद भी वायरल की दवाइयां देकर उनकी जान से खेला जा रहा है।
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मौसम में उतार चढ़ाव के बीच वायरल का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। मरीजों में वायरल के साथ डेंगू की पुष्टी हो रही है। बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास काई इंतजाम नहीं है।
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सिर्फ जिला अस्पताल की ही बात करें तो यहां 30 हजार मरीज केवल बुखार का इलाज कराने पहुंचे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक डेंगू की कोई पुष्टि नहीं हुई है लेकिन मरीज डेंगू की चपेट में आकर लगातार दम तोड़ रहे है।
विभागीय अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में डेंगू की कोई पुष्टि नहीं कर रहे हैं। मरीजों को वायरल और मलेरिया की दवाइयां देकर उनकी जान से खेला जा रहा है। पर्याप्त इलाज न होने से डेंगू से पीड़ित दम तोड़ रहे है। स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को नजरअंदाज कर कागजी खानापूर्ति करने में जुटा है।