{"_id":"68b34f32dc3aef5ca90f840f","slug":"vegetable-crops-destroyed-by-rain-farmers-worried-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-157536-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: बरसात से बर्बाद हुई सब्ज़ी की फसल, किसान चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: बरसात से बर्बाद हुई सब्ज़ी की फसल, किसान चिंतित
विज्ञापन
फोटो-24
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोह। लगातार कई दिनों से हो रही बरसात ने सब्जी उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फूल गोभी, बंद गोभी, लौकी, तोरी, कद्दू, उड़द आदि की फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों की कमाई की उम्मीदें टूट रही हैं।
मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी किसान राशिद ने बताया कि उसकी 10 बीघा गोभी की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। इसी तरह किसान सरफराज की 15 बीघा, हारुन की पांच बीघा और मुर्तजा की लगभग आठ बीघा फूल गोभी फसल भी नष्ट होने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि वह रोजाना मेहनत से खेतों से पानी निकालते हैं, लेकिन लगातार बरसात होने से खेत दोबारा जलमग्न हो जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि फसल बचाना अब लगभग असंभव हो गया है।
पीड़ित किसानों ने कहा कि बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब समझ नहीं आ रहा है कि परिवार का खर्च कैसे चलेगा। किसानों ने कहा कि अगर सरकार ने मदद नहीं की, तो अगली बार खेती करना मुश्किल हो जाएगा। कर्ज और खर्च का बोझ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बरबाद हुई फसल का तुरंत सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए, ताकि वह अगली फसल बो सकें और अपने परिवार की जीविका चला सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोह। लगातार कई दिनों से हो रही बरसात ने सब्जी उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फूल गोभी, बंद गोभी, लौकी, तोरी, कद्दू, उड़द आदि की फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों की कमाई की उम्मीदें टूट रही हैं।
मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी किसान राशिद ने बताया कि उसकी 10 बीघा गोभी की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। इसी तरह किसान सरफराज की 15 बीघा, हारुन की पांच बीघा और मुर्तजा की लगभग आठ बीघा फूल गोभी फसल भी नष्ट होने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि वह रोजाना मेहनत से खेतों से पानी निकालते हैं, लेकिन लगातार बरसात होने से खेत दोबारा जलमग्न हो जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि फसल बचाना अब लगभग असंभव हो गया है।
विज्ञापन
पीड़ित किसानों ने कहा कि बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब समझ नहीं आ रहा है कि परिवार का खर्च कैसे चलेगा। किसानों ने कहा कि अगर सरकार ने मदद नहीं की, तो अगली बार खेती करना मुश्किल हो जाएगा। कर्ज और खर्च का बोझ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बरबाद हुई फसल का तुरंत सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए, ताकि वह अगली फसल बो सकें और अपने परिवार की जीविका चला सकें।
विज्ञापन