{"_id":"636aa0bedf2a882b167345aa","slug":"traffic-signals-will-run-when-smart-city-roads-are-repaired-saharanpur-news-mrt6127990104","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी की सड़कें दुरुस्त होने पर चलेंगे ट्रैफिक सिग्नल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी की सड़कें दुरुस्त होने पर चलेंगे ट्रैफिक सिग्नल
विज्ञापन
ाजोरिया पुल पर बंद पड़े ट्रेफिक सिग्नल
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महानगर को जाम से निजात दिलाने के लिए चार जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे, लेकिन इनको अभी तक चालू नहीं किया गया है। अब शहर की टूटी सड़कों को दुरुस्त कराकर ट्रैफिक सिग्नल चालू किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
दरअसल, महानगर में आए दिन लगने वाले जाम की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम से निजात दिलाने को आठ माह पूर्व विश्वकर्मा चौक, जिला अस्पताल चौक, जनकपुरी चौक और नवाबगंज चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। यह सिग्नल स्मार्ट सिटी के कार्यों के तहत लगाए गए, लेकिन महानगर में सीवर लाइन डालने के लिए कोर्ट रोड, अंबाला रोड और देहरादून रोड की सड़कों को खोदा गया है। कार्यदायी संस्था ने सीवर लाइन डालने के बाद कोर्ट रोड की सड़क तो बना दी, लेकिन घंटाघर से अंबाला व देहरादून रोड की तरफ की सड़क अब भी टूटी पड़ी है, जिसकी वजह से ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं किए जा रहे हैं और लोगों को जाम की मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
जल्द बनाएं सड़कें
सड़कें बनाए जाने का कार्य लंबे समय से अधर में लटका है। देहरादून रोड के व्यापारी नदीम खान और अंबाला रोड कारोबारी सुनील कुमार ने बताया कि टूटी सड़क परेशानी का सबब बनी है। इस वजह से जाम भी लगता है। शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर नागरिकों की समस्या का समाधान कराना चाहिए। ताकि सड़कें बनने के बाद यातायात व्यवस्था में भी सुधार हो सके।
विज्ञापन
ट्रायल में फेल हुई थी व्यवस्था
महानगर में लगाए ट्रैफिक सिग्नल का छह माह पूर्व एक दिन के लिए ट्रायल किया गया था, लेकिन उस दिन पूरे शहर में जाम लग गया था। इसी एक वजह यह रही कि अव्यवस्थित रूप से सिग्नल लगाए गए हैं। जिला अस्पताल पुल की एक तरफ ढलान पर विश्वकर्मा चौक और दूसरी तरफ जिला अस्पताल चौक पर सिग्नल लगाए गए, लेकिन पुल से ढलान से आते वाहनों को रोकना मुश्किल है। इसी तरह नवाबगंज चौक पर भी इतनी जगह नहीं है कि वाहनों को एक साथ रोक दिया जाए। इसको लेकर यातायात पुलिस के अधिकारियों ने आपत्ति भी जताई थी।
टूटी सड़कों की वजह से ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं किए गए हैं। इसके साथ ही ट्रायल के समय कुछ तकनीकी खामियां भी देखने को मिली थी। सड़कों को दुरुस्त होने पर ही सिग्नल चालू हो सकेंगे।----सुधीर कुमार, यातायात निरीक्षक
विज्ञापन
दरअसल, महानगर में आए दिन लगने वाले जाम की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम से निजात दिलाने को आठ माह पूर्व विश्वकर्मा चौक, जिला अस्पताल चौक, जनकपुरी चौक और नवाबगंज चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। यह सिग्नल स्मार्ट सिटी के कार्यों के तहत लगाए गए, लेकिन महानगर में सीवर लाइन डालने के लिए कोर्ट रोड, अंबाला रोड और देहरादून रोड की सड़कों को खोदा गया है। कार्यदायी संस्था ने सीवर लाइन डालने के बाद कोर्ट रोड की सड़क तो बना दी, लेकिन घंटाघर से अंबाला व देहरादून रोड की तरफ की सड़क अब भी टूटी पड़ी है, जिसकी वजह से ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं किए जा रहे हैं और लोगों को जाम की मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
जल्द बनाएं सड़कें
सड़कें बनाए जाने का कार्य लंबे समय से अधर में लटका है। देहरादून रोड के व्यापारी नदीम खान और अंबाला रोड कारोबारी सुनील कुमार ने बताया कि टूटी सड़क परेशानी का सबब बनी है। इस वजह से जाम भी लगता है। शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर नागरिकों की समस्या का समाधान कराना चाहिए। ताकि सड़कें बनने के बाद यातायात व्यवस्था में भी सुधार हो सके।
विज्ञापन
ट्रायल में फेल हुई थी व्यवस्था
महानगर में लगाए ट्रैफिक सिग्नल का छह माह पूर्व एक दिन के लिए ट्रायल किया गया था, लेकिन उस दिन पूरे शहर में जाम लग गया था। इसी एक वजह यह रही कि अव्यवस्थित रूप से सिग्नल लगाए गए हैं। जिला अस्पताल पुल की एक तरफ ढलान पर विश्वकर्मा चौक और दूसरी तरफ जिला अस्पताल चौक पर सिग्नल लगाए गए, लेकिन पुल से ढलान से आते वाहनों को रोकना मुश्किल है। इसी तरह नवाबगंज चौक पर भी इतनी जगह नहीं है कि वाहनों को एक साथ रोक दिया जाए। इसको लेकर यातायात पुलिस के अधिकारियों ने आपत्ति भी जताई थी।
टूटी सड़कों की वजह से ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं किए गए हैं। इसके साथ ही ट्रायल के समय कुछ तकनीकी खामियां भी देखने को मिली थी। सड़कों को दुरुस्त होने पर ही सिग्नल चालू हो सकेंगे।----सुधीर कुमार, यातायात निरीक्षक