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बुखार ने लील ली तीन और जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:47 AM IST
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ब्लड के सैंपल लेते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद नगर में बुखार कहर बरपा रहा है। बृहस्पतिवार की रात अंबहेटा शेखां गांव में बुखार ने एक बच्ची समेत दो महिलाओं की जान ले ली। जानलेवा बन रहा बुखार क्षेत्र में अब तक 10 लोगों की जिंदगी लील चुका है। उधर, गंगोह में डेंगू से एक की मौत हुई है।
अंबहेटा शेखां निवासी अमित त्यागी की पुत्री वंशिका (9) करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। शुरू में वंशिका का इलाज नगर में ही एक चिकित्सक से कराया गया।
आराम न होने पर परिजन बृहस्पतिवार को उसे मुजफ्फरनगर चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। जहां से नाजुक हालत के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया। जहां उसने एक अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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वंशिका की मौत भी डेंगू के लक्षण वाले बुखार से होना बताई जा रही है। वहीं, बिजेंद्र त्यागी की 70 वर्षीय पत्नी शिमला करीब 20 दिन से बुखार से पीड़ित थी।
जिसकी रात में मौत हो गई। पूर्व ग्राम प्रधान ऋषिराज त्यागी ने बताया कि वह स्वयं भी बुखार से पीड़ित हैं। गांव में उनके अलावा करीब 50 लोगों को बुखार आ रहा है। बता दें कि देवबंद में बुखार 10 जिंदगी लील चुका है।
इन सबकी मौत डेंगू बुखार से होना बताई गई है।सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके मिश्रा ने बताया कि वायरल और टाइफाइड के केस अस्पतालों में ज्यादा आ रहे हैं।
डेंगू इसलिए नहीं कहा जा सकता क्योंकि जितने भी टेस्ट करवाए गए उनमें आईबीएम और आईबीजी नेगेटिव मिला है। सीएमओ डा. मो. सईद ने बताया कि यदि एलएल वन टेस्ट पॉजिटिव मिलता है तो डेंगू होना कह सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई मौत डेंगू से नहीं हुई है।
गंगोह के गांव डूभर किशनपुर निवासी 19 वर्षीय लवकुश पुत्र चौ. धीरज सिंह को डेंगू बुखार होने के कारण दस दिन पूर्व कोमा की हालत में मुलाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे 15 दिन पहले बुखार आया था।
शुरुआत में तो उसको गांव में ही दवाई दिलाई गई। उसके बाद उसे नगला चौक स्थित प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया गया। हालत में सुधार न होने पर शेखुल हिंद राजकीय मेडिकल कॉलेज व पीजीआई चंडीगढ़ में दिखाया गया।
रक्त की जांच में मलेरिया के साथ-साथ टाइफाइड और डेंगू पाए जाने पर पीजीआई के डाक्टरों ने हाथ खड़े कर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। परिजन उसे हरियाणा के मुलाना अस्पताल पहुंचे। वहां के अस्पताल की रिपोर्ट में भी डेंगू की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार की रात उसने दम तोड़ दिया।
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अंबहेटा शेखां निवासी अमित त्यागी की पुत्री वंशिका (9) करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। शुरू में वंशिका का इलाज नगर में ही एक चिकित्सक से कराया गया।
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आराम न होने पर परिजन बृहस्पतिवार को उसे मुजफ्फरनगर चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। जहां से नाजुक हालत के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया। जहां उसने एक अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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वंशिका की मौत भी डेंगू के लक्षण वाले बुखार से होना बताई जा रही है। वहीं, बिजेंद्र त्यागी की 70 वर्षीय पत्नी शिमला करीब 20 दिन से बुखार से पीड़ित थी।
जिसकी रात में मौत हो गई। पूर्व ग्राम प्रधान ऋषिराज त्यागी ने बताया कि वह स्वयं भी बुखार से पीड़ित हैं। गांव में उनके अलावा करीब 50 लोगों को बुखार आ रहा है। बता दें कि देवबंद में बुखार 10 जिंदगी लील चुका है।
इन सबकी मौत डेंगू बुखार से होना बताई गई है।सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके मिश्रा ने बताया कि वायरल और टाइफाइड के केस अस्पतालों में ज्यादा आ रहे हैं।
डेंगू इसलिए नहीं कहा जा सकता क्योंकि जितने भी टेस्ट करवाए गए उनमें आईबीएम और आईबीजी नेगेटिव मिला है। सीएमओ डा. मो. सईद ने बताया कि यदि एलएल वन टेस्ट पॉजिटिव मिलता है तो डेंगू होना कह सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई मौत डेंगू से नहीं हुई है।
गंगोह के गांव डूभर किशनपुर निवासी 19 वर्षीय लवकुश पुत्र चौ. धीरज सिंह को डेंगू बुखार होने के कारण दस दिन पूर्व कोमा की हालत में मुलाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे 15 दिन पहले बुखार आया था।
शुरुआत में तो उसको गांव में ही दवाई दिलाई गई। उसके बाद उसे नगला चौक स्थित प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया गया। हालत में सुधार न होने पर शेखुल हिंद राजकीय मेडिकल कॉलेज व पीजीआई चंडीगढ़ में दिखाया गया।
रक्त की जांच में मलेरिया के साथ-साथ टाइफाइड और डेंगू पाए जाने पर पीजीआई के डाक्टरों ने हाथ खड़े कर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। परिजन उसे हरियाणा के मुलाना अस्पताल पहुंचे। वहां के अस्पताल की रिपोर्ट में भी डेंगू की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार की रात उसने दम तोड़ दिया।