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Saharanpur News: सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बढ़ रहा परामर्श प्रदूषण का शोर

Tue, 16 Sep 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 16 Sep 2025 12:25 AM IST
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The noise of pollution is increasing on social media platforms
सहारनपुर। दोस्तों, अगर आपको भी सिर या पेट में परेशानी आ रही है तो इन बातों का ध्यान रखें। हेलो साथियों इस शहर के बारे में दस चीजें, जो मुझे पसंद हैं और दस खराब चीजें जो मुझे नापसंद हैं। आप भी अगर सोशल मीडिया पर कुछ ज्यादा ही सक्रिय रहते हैं तो ऐसी रील और वीडियो देखने को मिलती होंगी। इस तरह के परामर्श देने वाली रील अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर परामर्श प्रदूषण की श्रेणी में आने लगी हैं।
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बदलते समय के साथ सोशल मीडिया पर शेयर होने वाले मीम्स की जगह यह परामर्श वाली वीडियो लेती जा रही है। इन वीडियो में दोस्तों से बातचीत करो, प्रकृति से जुड़े, किस खाने में कौन से पोषक तत्व मौजूद हैं आदि। इन वीडियो में बातें तो सामान्य सी हैं, लेकिन रील शेयर करने वाला व्यक्ति वीडियो में बात इस तरह से बताते हैं, जैसे वह कोई विशेषज्ञ हों। खाने-पीने से लेकर किसी जगह की अच्छी और खराब बात बताने वाले वीडियो की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भरमार है। कुछ लोग तो इन वीडियो पर भरोसा कर उनकी बात भी मानने लग जाते हैं। सबसे अधिक जोखिम स्वास्थ्य संबंधी वीडियो से होता है। इसके साथ ही किसी भी शहर के बारे में बनायी गई वीडियो भी लोगों को भ्रमित कर रही है। मनोवैज्ञानिक सोशल मीडिया के इस नए ट्रेंड को खतरनाक मानते हैं। उनका कहना है कि हल्के-फुल्के विषय वाली रील आपको आनंद दे सकती है, लेकिन सिर्फ इन्हीं पर पूरी तरह से विश्वास करना कतई सही नहीं।
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- बोले विशेषज्ञ
कंटेंट को अलग बनाने के साथ लाइक्स और शेयर पाने के लिए सोशल मीडिया यूजर कई तरह के प्रयोग करते हैं। आप किसी भी जगह के बारे में मात्र दस, बीस या एक घंटे में कोई धारणा नहीं बना सकते। समय के साथ सोशल मीडिया भी तेजी से बदल रहा है। ऐसे में आप जो कुछ देख रहे हैं, उसकी सत्यता की पुष्टि करना भी जरूरी है। आप सोशल मीडिया का कितना और किस तरह से उपयोग कर रहे हैं। उस पर भी नजर रखनी जरूरी है।
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- डॉ. अंशुमन तिवारी, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज



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- सोशल मीडिया पर आज भरपूर जानकारी है। खासकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की तो भरमार है। बचाव की जानकारी लेना ठीक है, लेकिन रोग होने पर सोशल मीडिया से ही उपचार के तरीकों पर विश्वास करना सही नहीं। बीमार होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर्स से ही बात करें। कई बार रील या ऑनलाइन देखे उपचार अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।



-डॉ. नरेश नौसरान, आईएमए अध्यक्ष
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