फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Stationery Scam: Reminders Exhausted, File Still Not Received

स्टेशनरी घोटाला : रिमाइंडर थक गए, पत्रावली नहीं आई

Sun, 31 May 2026 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 31 May 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
Stationery Scam: Reminders Exhausted, File Still Not Received
सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2018-19 में हुए 51 लाख रुपये के स्टेशनरी घोटाले की पत्रावली दफ्तरों में गुम गई है। जांच इन दिनों कागजों के ऐसे चक्कर में फंसी है कि पांच महीने बाद भी फाइल मंडलायुक्त कार्यालय से मेडिकल कॉलेज और वहां से एडी हेल्थ कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी। यह स्थिति तब है मेडिकल कॉलेज और दोनों अधिकारियों के कार्यालय भी शहर में ही है। चार बार रिमाइंडर देकर भी थक गए, लेकिन पत्रावली नहीं आई।
विज्ञापन

वित्तीय वर्ष 2018-19 में राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब 51 लाख रुपये का स्टेशनरी घोटाला हुआ था। कागज का रिम, कार्बन पेपर का पैकेट, स्टांप पैड इंक, कंप्यूटर पेपरों की खरीद कई गुना रेट खरीद की गई थी। इसकी शिकायत शासन-प्रशासन की गई थी। पहले शासन ने इसकी जांच मंडलायुक्त को दी थी, तब समिति गठित कर जांच कराई थी। इसके बाद अब जनवरी 2026 में शासन से एडी हेल्थ के पास जांच आई।
विज्ञापन

इसमें ईएमओ डॉ. नितिन जैन, डॉ. मैनपाल को स्टेशनरी घोटाले में प्रथम दृष्टया दोषी माना गया था। दोनों के बयान भी हो चुके हैं। एडी हेल्थ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को जनवरी में पत्र लिखकर घोटाले से संबंधित मूल पत्रावलियां मांगी थी। इसके बाद हर महीने रिमाइंडर नोटिस भेजा गया, लेकिन अभी तक मूल पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके चलते स्टेशनरी घोटाले की जांच पत्रावली के फेर में उलझकर रह गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
-- मूल पत्रावली आने का इंतजार
राजकीय मेडिकल कॉलेज ने मंडलायुक्त कार्यालय से मूल पत्रावली मांगी है। क्योंकि शासन से आई जांच को पहले मंडलायुक्त स्तर से कराई गई थी। उसके बाद से मूल पत्रावली मंडलायुक्त कार्यालय में है। मेडिकल कॉलेज ने मूल पत्रावली के लिए पत्र लिखा है।

------
मेडिकल कॉलेज में हुए स्टेशनरी घोटाले की जांच चल रही है। कॉलेज से घोटाले की मूल पत्रावली मांगी गई है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कई बार रिमाइंडर नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

- डॉ. कुमुद रानी, एडी हेल्थ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed