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बंद से 200 करोड़ का फटका
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:05 AM IST
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Traders captive market closes
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई एक्साइज ड्यूटी के विरोध में चल रहे सर्राफा कारोबारियों के आंदोलन के समर्थन में सोमवार को सभी व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध प्रकट किया।
बाजार बंद कराने के लिए व्यापारियों की टोलियां वाहनों पर सवार होकर बाजार में घूमती रहीं। व्यापारी संगठनों ने संयुक्त रूप से घंटाघर चौक पर धरना और प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ड्यूटी वापस लेने की मांग की गई। अपराह्न तीन बजे के बाद ज्यादातर बाजार खुल गए। बंद से करीब 200 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
सर्राफा कारोबारी पिछले एक महीने से अधिक समय से एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं। आंदोलन की वजह से जनपद में प्रतिदिन हजारों सर्राफ अपनी दुकानें बंद रख रहे हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
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देशभर में चल रहे इस आंदोलन के तहत प्रदेश में चार अप्रैल को बंद का आह्वान किया गया था। सोमवार को ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोली, जिन लोगों ने दुकानें खोलने का प्रयास किया, उनकी दुकानों को व्यापारियों ने बाजार में भ्रमण कर बंद करा दिया। सर्राफा पंचायत और अन्य व्यापारी संगठनों ने घंटाघर पर धरना और प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने केंद्र से एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की। पवन गोयल, राकेश गुप्ता, शीतल टंडन, रामराजीव सिंघल, रवि जुनेजा, विवेक मनोचा, यशपाल मैनी, दानिश आजम, सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, जयवंत बग्गा, महेश नारंग, राजपाल सिंह, संजय भसीन समेत अनेक व्यापारी नेता और व्यापारी शामिल रहे। उधर, सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन, युवा सर्राफा एसोसिएशन समेत अन्य सर्राफा संगठनों ने भी बाजार को बंद कराने में अहम भूमिका निभाई।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सोमवार को शहर के तमाम बाजार बंद रहे। एक अनुमान के अनुसार जिले भर में बाजार बंद रहने से करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम शंकर सिंघल ने भी 200 से 225 करोड़ रुपये तक के नुकसान की बात कही है।
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बाजार बंद कराने के लिए व्यापारियों की टोलियां वाहनों पर सवार होकर बाजार में घूमती रहीं। व्यापारी संगठनों ने संयुक्त रूप से घंटाघर चौक पर धरना और प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ड्यूटी वापस लेने की मांग की गई। अपराह्न तीन बजे के बाद ज्यादातर बाजार खुल गए। बंद से करीब 200 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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सर्राफा कारोबारी पिछले एक महीने से अधिक समय से एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं। आंदोलन की वजह से जनपद में प्रतिदिन हजारों सर्राफ अपनी दुकानें बंद रख रहे हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
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देशभर में चल रहे इस आंदोलन के तहत प्रदेश में चार अप्रैल को बंद का आह्वान किया गया था। सोमवार को ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोली, जिन लोगों ने दुकानें खोलने का प्रयास किया, उनकी दुकानों को व्यापारियों ने बाजार में भ्रमण कर बंद करा दिया। सर्राफा पंचायत और अन्य व्यापारी संगठनों ने घंटाघर पर धरना और प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने केंद्र से एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की। पवन गोयल, राकेश गुप्ता, शीतल टंडन, रामराजीव सिंघल, रवि जुनेजा, विवेक मनोचा, यशपाल मैनी, दानिश आजम, सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, जयवंत बग्गा, महेश नारंग, राजपाल सिंह, संजय भसीन समेत अनेक व्यापारी नेता और व्यापारी शामिल रहे। उधर, सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन, युवा सर्राफा एसोसिएशन समेत अन्य सर्राफा संगठनों ने भी बाजार को बंद कराने में अहम भूमिका निभाई।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सोमवार को शहर के तमाम बाजार बंद रहे। एक अनुमान के अनुसार जिले भर में बाजार बंद रहने से करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम शंकर सिंघल ने भी 200 से 225 करोड़ रुपये तक के नुकसान की बात कही है।