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टिकट से राणा परिवार में फूट के आसार
ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:32 AM IST
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मीना सिंह राणा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समाजवादी पार्टी ने दिवंगत राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी मीना सिंह राणा को देवबंद विधानसभा सीट पर फिर प्रत्याशी बनाया है। मीना सिंह के नाम की घोषणा शुक्रवार को लखनऊ में कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने प्रेसवार्ता कर दी। वहीं, मीना सिंह का टिकट होने के साथ ही राणा परिवार में फूट के आसार बनते दिख रहे हैं।
गौरतलब है कि राजेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर जनवरी में उपचुनाव कराया गया। जिसमें पार्टी ने मीना सिंह राणा को प्रत्याशी बनाया था। हालांकि सपा ने देवबंद सीट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए जी तोड़ मेहनत की लेकिन पार्टी के हाथ से यह सीट निकलकर कांग्रेस की झोली में चली गई। उपचुनाव में मीना सिंह को 49547 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी माविया अली लगभग 51300 वोट लेकर जीते थे।
दो दिन पहले ही देवबंद पहुंचे बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अनिल तंवर का टिकट काटकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि माजिद अली को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। अब लखनऊ में शिवपाल सिंह ने शुक्रवार को आठ प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी। जिसमें देवबंद सीट से मीना सिंह राणा का नाम भी शामिल है।
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बता दें कि उपचुनाव के बाद राजेंद्र सिंह राणा की पुत्री प्रियमवदा ने अपनी राजनीति पारी की शुरुआत की थी। उस दौरान बेटी को लेकर राणा परिवार में फूट के आसार बनते देख करीब तीन माह पूर्व मीना सिंह और सयुस के राष्ट्रीय सचिव कार्तिकेय राणा ने सहारनपुर में प्रेसवार्ता कर प्रियमवदा को राजेंद्र सिंह राणा का उत्तराधिकारी बताते हुए उन्हें चुनाव लड़वाने की घोषणा की थी। जिसके बाद बेटी ने विस चुनाव लड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
इसी उद्देश्य के चलते जहां प्रियमवदा ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की, वहीं कार्तिकेय राणा भी सीएम से मिले थे। अब मीना सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा के साथ ही राणा परिवार में फिर से फूट के आसार बनते दिख रहे हैं।
आशंका जताई जा रही कि प्रियमवदा बगावती तेेवर न दिखा दे, यह राजनीति के गलियारों में यह चर्चा होने लगी है। वहीं कार्तिकेय राणा ने कहा कि उनके परिवार में कोई फूट नहीं है। सभी मिलकर मीना सिंह को चुनाव लड़वाएंगे।
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गौरतलब है कि राजेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर जनवरी में उपचुनाव कराया गया। जिसमें पार्टी ने मीना सिंह राणा को प्रत्याशी बनाया था। हालांकि सपा ने देवबंद सीट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए जी तोड़ मेहनत की लेकिन पार्टी के हाथ से यह सीट निकलकर कांग्रेस की झोली में चली गई। उपचुनाव में मीना सिंह को 49547 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी माविया अली लगभग 51300 वोट लेकर जीते थे।
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दो दिन पहले ही देवबंद पहुंचे बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अनिल तंवर का टिकट काटकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि माजिद अली को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। अब लखनऊ में शिवपाल सिंह ने शुक्रवार को आठ प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी। जिसमें देवबंद सीट से मीना सिंह राणा का नाम भी शामिल है।
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बता दें कि उपचुनाव के बाद राजेंद्र सिंह राणा की पुत्री प्रियमवदा ने अपनी राजनीति पारी की शुरुआत की थी। उस दौरान बेटी को लेकर राणा परिवार में फूट के आसार बनते देख करीब तीन माह पूर्व मीना सिंह और सयुस के राष्ट्रीय सचिव कार्तिकेय राणा ने सहारनपुर में प्रेसवार्ता कर प्रियमवदा को राजेंद्र सिंह राणा का उत्तराधिकारी बताते हुए उन्हें चुनाव लड़वाने की घोषणा की थी। जिसके बाद बेटी ने विस चुनाव लड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
इसी उद्देश्य के चलते जहां प्रियमवदा ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की, वहीं कार्तिकेय राणा भी सीएम से मिले थे। अब मीना सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा के साथ ही राणा परिवार में फिर से फूट के आसार बनते दिख रहे हैं।
आशंका जताई जा रही कि प्रियमवदा बगावती तेेवर न दिखा दे, यह राजनीति के गलियारों में यह चर्चा होने लगी है। वहीं कार्तिकेय राणा ने कहा कि उनके परिवार में कोई फूट नहीं है। सभी मिलकर मीना सिंह को चुनाव लड़वाएंगे।