सबके राम: मुस्लिम कैदी ने लकड़ी का राम मंदिर बनाकर पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पश्चिमी यूपी में गजब का उत्साह है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में न सिर्फ हिंदू बल्कि मुस्लिम समुदाय से भी लोग राम के प्रति आस्थावान है। सहारनपुर के जिला कारावास की सजा काट रहे कैदी ने राम मंदिर की तर्ज पर लकड़ी का मंदिर बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
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हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी सदरुद्दीन ने अयोध्या में बने भगवान श्रीराम के मंदिर की तर्ज पर लकड़ी का मंदिर बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। कैदी ने एक माह कड़ी मेहनत कर मंदिर तैयार किया है। कैदी मंदिर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने की इच्छा जाहिर की है।
रामपुर मनिहारान निवासी सदरुद्दीन को अदालत ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जेल अधिकारियाें के मुताबिक, सदरुद्दीन नौ साल से जिला कारागार में बंद है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सदरुद्दीन बेहद खुश है।
ऐसे पिछले दिनों सदरुद्दीन जेल अधिकारियों से अयोध्या की तर्ज पर लकड़ी का मंदिर बनाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे लकड़ी और मंदिर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उपलब्ध कराई। कैदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाली भगवान श्रीराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व लकड़ी का मंदिर तैयार किया है। उसका सपना है कि एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हो जाए और वह यह मंदिर उन्हें भेंट करें।
लकड़ी पर नक्काशी करता था सदरुद्दीन
जेल जाने से पूर्व सदरुद्दीन लकड़ी पर नक्काशी करने काम करता था। सदरुद्दीन लकड़ी कारोबारियाें के लिए कार्य करता था। उसने कारोबारियों के आर्डर पर लकड़ी पर तरह-तरह की नक्काशी की है। जेल अधिकारियाें के मुताबिक, सदरुद्दीन लकड़ी पर नक्काशी करने में बेहतरीन कारीगर है।
त्योहारों में अहम भूमिका निभाता है सदरुद्दीन
जिला कारागार में मनाए जाने त्योहार जैसे दीपावली, भैयादूज, होली, रक्षा बंधन आदि के कार्यक्रमों में सदरुद्दीन अहम भूमिका निभाता है। जेल परिसर को सजाने में वह काफी मेहनत करता है। इसको लेकर पिछले दिनों जिला कारागार में हुए कार्यक्रम में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उसके कामों की सरहाना की थी। सभी बंदियों और कैदियों एवं जेल के अधिकारियों के साथ सदरुद्दीन का व्यवहार बेहद अच्छा है।
कैदी सदरुद्दीन ने अयोध्या में बने भगवान श्रीराम के मंदिर के तर्ज पर लकड़ी का मंदिर तैयार किया है, जो बेहद सुंदर है। मंदिर को जिला कारागार के कार्यालय में रखा गया है। -अमिता दुबे, वरिष्ठ जेल अधीक्षक