{"_id":"68c1c4db7f2b82772808cdff","slug":"rakesh-chemicals-closed-due-to-pollution-electricity-connection-also-cut-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-158317-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: प्रदूषण फैलाने पर राकेश केमिकल बंद, बिजली कनेक्शन भी काटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: प्रदूषण फैलाने पर राकेश केमिकल बंद, बिजली कनेक्शन भी काटा
विज्ञापन
सहारनपुर। देहरादून रोड स्थित राकेश केमिकल को बंद कर दिया गया है, साथ ही बिजली का कनेक्शन भी काट दिया गया है। यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर जिलाधिकारी की ओर से गठित समिति द्वारा की गई है।
राकेश केमिकल से निकलने वाला जला हुआ चूना उद्योग के आसपास फैला रहता है। इसकी चिमनियों से निकलने वाले धुएं के साथ छाई उड़कर आसपास की कॉलोनियों, टीपी नगर, आरटीओ आदि तक फैलती थी। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी होती थी। इसके अलावा लिक्विड के रूप में भी पानी नाले में सीधा छोड़ा जा रहा था। इसकी शिकायत लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की जा रही थी। पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम राकेश केमिकल का निरीक्षण करके गई थी। टीम ने उद्योग द्वारा हर तरह से प्रदूषण फैलाया जाना पाया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने भी निरीक्षण किया था, जिसमें प्रदूषण फैलाना पाया गया।
क्षेत्रीय कार्यालय ने आख्या लखनऊ भेजी थी, जहां से उद्योग को बंद करने के आदेश हुए। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने समिति गठित की थी, जिसने बुधवार को पहुंचकर उद्योग को बंद कराया। लाइट आठ सितंबर को ही काट दी गई थी।
विज्ञापन
पाठक की शिकायत पर अमर उजाला ने भी उठाया था मुद्दा
पाठक सलेक चंद ने अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम के लिए भी यह समस्या भेजी थी। इसके बाद दो सितंबर के अंक में मेरी आवाज सुनो में समस्या को प्रकाशित किया था। साथ ही दो सितंबर को ही पड़ताल कर तीन सितंबर के संस्करण में उद्योग द्वारा प्रदूषण फैलाने का समाचार लोगों की सेहत बिगाड़ रहा उद्योगों से निकलने वाला धुआं शीर्षक से छापा था।
-- -- --
राकेश केमिकल द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच के बाद क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में भी यह साबित हो चुका था। बोर्ड के आदेश पर जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम ने उद्योग को बंद करा दिया है।
- डॉ. योगेेंद्र कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
राकेश केमिकल से निकलने वाला जला हुआ चूना उद्योग के आसपास फैला रहता है। इसकी चिमनियों से निकलने वाले धुएं के साथ छाई उड़कर आसपास की कॉलोनियों, टीपी नगर, आरटीओ आदि तक फैलती थी। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी होती थी। इसके अलावा लिक्विड के रूप में भी पानी नाले में सीधा छोड़ा जा रहा था। इसकी शिकायत लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की जा रही थी। पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम राकेश केमिकल का निरीक्षण करके गई थी। टीम ने उद्योग द्वारा हर तरह से प्रदूषण फैलाया जाना पाया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने भी निरीक्षण किया था, जिसमें प्रदूषण फैलाना पाया गया।
विज्ञापन
क्षेत्रीय कार्यालय ने आख्या लखनऊ भेजी थी, जहां से उद्योग को बंद करने के आदेश हुए। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने समिति गठित की थी, जिसने बुधवार को पहुंचकर उद्योग को बंद कराया। लाइट आठ सितंबर को ही काट दी गई थी।
विज्ञापन
पाठक की शिकायत पर अमर उजाला ने भी उठाया था मुद्दा
पाठक सलेक चंद ने अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम के लिए भी यह समस्या भेजी थी। इसके बाद दो सितंबर के अंक में मेरी आवाज सुनो में समस्या को प्रकाशित किया था। साथ ही दो सितंबर को ही पड़ताल कर तीन सितंबर के संस्करण में उद्योग द्वारा प्रदूषण फैलाने का समाचार लोगों की सेहत बिगाड़ रहा उद्योगों से निकलने वाला धुआं शीर्षक से छापा था।
राकेश केमिकल द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच के बाद क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में भी यह साबित हो चुका था। बोर्ड के आदेश पर जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम ने उद्योग को बंद करा दिया है।
- डॉ. योगेेंद्र कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।