{"_id":"5841b8ed4f1c1b0e1ede8663","slug":"punjab-police-uniform-getting-alerts","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब पुलिस की वर्दी मिलने से अलर्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब पुलिस की वर्दी मिलने से अलर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 03 Dec 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
गश्त करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में मंगलौर में सहारनपुर की सीमा के पास पंजाब पुलिस की वर्दी मिलने के बाद शुक्रवार को सहारनपुर में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया। एसएसपी ने शहर से लेकर देहात तक पुलिस को अलर्ट रहने और सीमा पर जांच के आदेश दिए।
कप्तान ने एलआईयू सहित अन्य खुफिया एजेंसियों को भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल से लगती सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
पंजाब की नाभा जेल से कुछ दिन पहले फरार हुए कैदियों के बाद ही कैराना में उनके मददगार पलविंदर की गिरफ्तारी हुई थी। अब सहारनपुर की सीमा से सटे हरिद्वार जिले के मंगलौर में पंजाब पुलिस की वर्दी मिलने से हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि कुछ संदिग्ध सहारनपुर में भी घुस सकते हैं। कारण, पंजाब की जेल पर हुए हमले में हमलावर पुलिस की वर्दी में था। ऐसे में पुलिस सीमावर्ती इलाकों में निगाह रखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन बाद छह दिसंबर को अयोध्या के विवादित ढांचे की बरसी भी है। ऐसे में सहारनपुर पुलिस ज्यादा अलर्ट है। जनवरी 2010 में रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत
सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था। उसने सहारनपुर जिले के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी।
तीन राज्यों की सीमा पर स्थित सहारनपुर की स्थिति कई वर्षों से संवेदनशील जोन के रूप में है। पहले भी कई बार आतंकी कनेक्शन में सहारनपुर का नाम आता रहा है।
नवंबर 1994 में आतंकी मौलाना मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए लश्कर-ए तैयबा ने पांच ब्रिटिश और एक आस्ट्रेलियन नागरिक का अपहरण कर लिया था। उनको सहारनपुर के खाताखेड़ी में रखा गया था।
हालांकि पुलिस ने इन्हें सकुशल छुड़ा लिया था। इसके अलावा पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी का मुकदमा अब भी सहारनपुर में विचाराधीन है।
विज्ञापन
कप्तान ने एलआईयू सहित अन्य खुफिया एजेंसियों को भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल से लगती सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
पंजाब की नाभा जेल से कुछ दिन पहले फरार हुए कैदियों के बाद ही कैराना में उनके मददगार पलविंदर की गिरफ्तारी हुई थी। अब सहारनपुर की सीमा से सटे हरिद्वार जिले के मंगलौर में पंजाब पुलिस की वर्दी मिलने से हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि कुछ संदिग्ध सहारनपुर में भी घुस सकते हैं। कारण, पंजाब की जेल पर हुए हमले में हमलावर पुलिस की वर्दी में था। ऐसे में पुलिस सीमावर्ती इलाकों में निगाह रखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन बाद छह दिसंबर को अयोध्या के विवादित ढांचे की बरसी भी है। ऐसे में सहारनपुर पुलिस ज्यादा अलर्ट है। जनवरी 2010 में रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत
सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था। उसने सहारनपुर जिले के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी।
तीन राज्यों की सीमा पर स्थित सहारनपुर की स्थिति कई वर्षों से संवेदनशील जोन के रूप में है। पहले भी कई बार आतंकी कनेक्शन में सहारनपुर का नाम आता रहा है।
नवंबर 1994 में आतंकी मौलाना मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए लश्कर-ए तैयबा ने पांच ब्रिटिश और एक आस्ट्रेलियन नागरिक का अपहरण कर लिया था। उनको सहारनपुर के खाताखेड़ी में रखा गया था।
हालांकि पुलिस ने इन्हें सकुशल छुड़ा लिया था। इसके अलावा पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी का मुकदमा अब भी सहारनपुर में विचाराधीन है।