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राजनीति में सक्रिय हुई प्रियमवंदा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:35 AM IST
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लखनऊ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ प्रियमवंदा राणा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिवंगत राजेंद्र सिंह राणा की पुत्र प्रियमवंदा राणा सियासत के मैदान में उतरना चाहती है। जिसके संकेत प्रियमवंदा ने मुख्यमंत्री से लखनऊ में मुलाकात कर दिए हैं।
शनिवार को मजनूवाला रोड स्थित होटल में पत्रकार वार्ता में प्रियमवंदा राणा ने कहा कि उपचुनाव में सपा को मिली हार से वह दुखी हैं लेकिन पिता के अधूरे सपनों व कार्यों को पूरा करना चाहती हैं। इसलिए राजनीति की बागडोर संभालना चाहती है।
उन्होंने चार दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात कर उन्हें देवबंद विधानसभा की समस्याओं से अवगत कराया दिया है। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन भी दिया है।
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एक सवाल के जवाब में प्रियमवंदा ने कहा कि यदि पार्टी ने उन पर भरोसा किया तो वह चुनाव भी लड़ सकती हैं लेकिन सबसे पहले वह क्षेत्र की समस्याओं को हल करवाने का काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि उनके पिता ने क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए जनता की समस्याओं का स्थायी निस्तारण कराने का सपना देखा था। जिसके लिए उन्होंने आखिरी सांस तक संघर्ष भी किया है। अब वह अपने पिता की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर कार्य करते हुए जनता की सेवा करेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी से दूर रहते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया है।
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शनिवार को मजनूवाला रोड स्थित होटल में पत्रकार वार्ता में प्रियमवंदा राणा ने कहा कि उपचुनाव में सपा को मिली हार से वह दुखी हैं लेकिन पिता के अधूरे सपनों व कार्यों को पूरा करना चाहती हैं। इसलिए राजनीति की बागडोर संभालना चाहती है।
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उन्होंने चार दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात कर उन्हें देवबंद विधानसभा की समस्याओं से अवगत कराया दिया है। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन भी दिया है।
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एक सवाल के जवाब में प्रियमवंदा ने कहा कि यदि पार्टी ने उन पर भरोसा किया तो वह चुनाव भी लड़ सकती हैं लेकिन सबसे पहले वह क्षेत्र की समस्याओं को हल करवाने का काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि उनके पिता ने क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए जनता की समस्याओं का स्थायी निस्तारण कराने का सपना देखा था। जिसके लिए उन्होंने आखिरी सांस तक संघर्ष भी किया है। अब वह अपने पिता की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर कार्य करते हुए जनता की सेवा करेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी से दूर रहते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया है।