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गन्ना सर्वे से पहले घोषणा पत्र भरना अनिवार्य
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सहारनपुर। गन्ना सर्वे से पहले किसानों के लिए घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा। घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसानों का सट्टा नहीं चलेगा। जिससे उसे पेराई सत्र में पर्चियां जारी नहीं होंगी। गन्ना सर्वे के लिए जनपद में 269 कर्मचारी लगाए गए हैं।
जनपद में गन्ना सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। सर्वे के आधार पर ही गन्ना समितियां पर्चियां जारी करती हैं। गन्ना सर्वे से पहले किसानों के लिए घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें किसान को अपनी जमीन, गन्ना क्षेत्रफल, आधार कार्ड और बैंक खाता संख्या आदि को भरना होगा। जिससे पेराई सत्र शुरू होने के बाद किसान को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पडे़। गन्ना विभाग किसान की डिटेल की राजस्व विभाग से भी सत्यापन करा सकता है। इस बार घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसान का सट्टा नहीं चलेगा। इस बार गन्ने की पौधा फसल और पेड़ी फसल का अलग-अलग सर्वे किया जा रहा है। किस गांव में किस दिन गन्ना सर्वे होगा, इसकी सूचना किसानों के मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से दी जा रही है। इसके लिए गांव में मुनादी भी कराई जा रही है।
जीपीएस से हो रहा सर्वे
गन्ना सर्वे को सही करने के लिए जीपीएस का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए जीपीएस को खेत के पूर्व दिशा से शुरू कर चारों भुजाओं पर घुमाया जाता है। इससे खेत का पूरा क्षेत्रफल निकल जाता है। किसान के खेत का यह रकबा सीधे ऑनलाइन इंटरप्राइजेज रिस्पांस प्रोग्राम (ईआरपी) पर दर्ज हो जाता है।
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इस बार किसानों के लिए गन्ना सर्वे से पहले घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी किसान ने घोषणा पत्र नहीं भरा तो उसका सट्टा नहीं चलेगा। जिससे उसे पेराई सत्र में गन्ना सप्लाई के लिए पर्चियों की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
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जनपद में गन्ना सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। सर्वे के आधार पर ही गन्ना समितियां पर्चियां जारी करती हैं। गन्ना सर्वे से पहले किसानों के लिए घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें किसान को अपनी जमीन, गन्ना क्षेत्रफल, आधार कार्ड और बैंक खाता संख्या आदि को भरना होगा। जिससे पेराई सत्र शुरू होने के बाद किसान को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पडे़। गन्ना विभाग किसान की डिटेल की राजस्व विभाग से भी सत्यापन करा सकता है। इस बार घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसान का सट्टा नहीं चलेगा। इस बार गन्ने की पौधा फसल और पेड़ी फसल का अलग-अलग सर्वे किया जा रहा है। किस गांव में किस दिन गन्ना सर्वे होगा, इसकी सूचना किसानों के मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से दी जा रही है। इसके लिए गांव में मुनादी भी कराई जा रही है।
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जीपीएस से हो रहा सर्वे
गन्ना सर्वे को सही करने के लिए जीपीएस का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए जीपीएस को खेत के पूर्व दिशा से शुरू कर चारों भुजाओं पर घुमाया जाता है। इससे खेत का पूरा क्षेत्रफल निकल जाता है। किसान के खेत का यह रकबा सीधे ऑनलाइन इंटरप्राइजेज रिस्पांस प्रोग्राम (ईआरपी) पर दर्ज हो जाता है।
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इस बार किसानों के लिए गन्ना सर्वे से पहले घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी किसान ने घोषणा पत्र नहीं भरा तो उसका सट्टा नहीं चलेगा। जिससे उसे पेराई सत्र में गन्ना सप्लाई के लिए पर्चियों की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी