{"_id":"61bb804195eb885b7049e9b8","slug":"honorarium-increase-welcome-but-less-than-expected-saharanpur-news-mrt5693523184","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय बढ़ाना स्वागत योग्य, पर उम्मीद से मिला कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय बढ़ाना स्वागत योग्य, पर उम्मीद से मिला कम
विज्ञापन
विजयपाल सिंह राणा
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाने का जहां कुछ प्रधानों ने स्वागत किया है, वहीं प्रधान संगठनों से जुड़े प्रधान इसे नाकाफी बता रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधान का मानदेय विधायक और सांसद के बराबर होना चाहिए। ग्राम पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता शुरु करने और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का बढ़ाने के निर्णय का सभी ने स्वागत किया है।
अखिल भारतीय पंचायत संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लाक अध्यक्ष एवं मांडुवाला के प्रधान विजयपाल सिंह राणा ने बताया कि मानदेय बढ़ाया जाना अच्छा कदम है। हालांकि यह अपेक्षा से काफी कम है। उनके संगठन द्वारा प्रधान के लिए कम से कम दस हजार रुपये प्रति माह मानदेय की मांग की जा रही थी। उन्होंने प्रधानों के वित्तीय अधिकार की सीमा बढ़ा कर पांच लाख रुपये किए जाने का भी स्वागत किया है। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत सदस्यों को भत्ता मिलने से वे अब बैठकों में उत्साह के साथ शामिल होंगे।
देवबंद के फतेहपुर उर्फ सांपला दिवड़ा के प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों के मानदेय में 1500 रुपये की जो वृद्धि की है उससे वह संतुष्ट हैं। दूसरे ग्राम पंचायत कोष का गठन किया जाना सरकार का सराहनीय कदम है। इससे किसी जनप्रतिनिधि के निधन पर उक्त एकत्रित धनराशि से उनके परिवार की मदद की जा सकेगी।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान संगठन के नकुड़ ब्लाक अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत पिलखना के प्रधान संजय चौधरी ने प्रधानों के बढ़ाये गए मानदेय को नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि एक सहायक का मानदेय भी ग्राम प्रधान के मानदेय से अधिक है। ग्राम प्रधान के खर्च बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान संगठन की एमपी, एमएलए से एक रुपया अधिक मानदेय देने की मांग चली आ रही है। ग्राम प्रधान अपनी मांग पर अटल हैं।
चिलकाना क्षेत्र के गांव बरथाकायस्थ के प्रधान मोहम्मद तबरेज ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानों के मानदेय में की गई वृद्धि उनके कार्य के अनुरूप कम है। प्रदेश सरकार को ग्राम प्रधानों द्वारा गावों में कराये जा रहे कार्यों तथा उनकी जिम्मेदारी को देखते हुए मानदेय में और वृद्धि करनी चाहिए। मानदेय बढ़ने से ग्राम प्रधान और लगन तथा निष्ठा से कार्य करेंगे।
नानौता ब्लाक प्रमुख चांदनी राणा का कहना है कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा ब्लाक प्रमुख का मानदेय बढ़ा कर सराहनीय कदम उठाया गया है। वह इससे संतुष्ट हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी भत्ता बढ़ने से उनमें बैठकों में शामिल होने के प्रति रुचि बढ़ेगी जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी आसानी होगी।
विज्ञापन
अखिल भारतीय पंचायत संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लाक अध्यक्ष एवं मांडुवाला के प्रधान विजयपाल सिंह राणा ने बताया कि मानदेय बढ़ाया जाना अच्छा कदम है। हालांकि यह अपेक्षा से काफी कम है। उनके संगठन द्वारा प्रधान के लिए कम से कम दस हजार रुपये प्रति माह मानदेय की मांग की जा रही थी। उन्होंने प्रधानों के वित्तीय अधिकार की सीमा बढ़ा कर पांच लाख रुपये किए जाने का भी स्वागत किया है। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत सदस्यों को भत्ता मिलने से वे अब बैठकों में उत्साह के साथ शामिल होंगे।
विज्ञापन
देवबंद के फतेहपुर उर्फ सांपला दिवड़ा के प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों के मानदेय में 1500 रुपये की जो वृद्धि की है उससे वह संतुष्ट हैं। दूसरे ग्राम पंचायत कोष का गठन किया जाना सरकार का सराहनीय कदम है। इससे किसी जनप्रतिनिधि के निधन पर उक्त एकत्रित धनराशि से उनके परिवार की मदद की जा सकेगी।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान संगठन के नकुड़ ब्लाक अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत पिलखना के प्रधान संजय चौधरी ने प्रधानों के बढ़ाये गए मानदेय को नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि एक सहायक का मानदेय भी ग्राम प्रधान के मानदेय से अधिक है। ग्राम प्रधान के खर्च बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान संगठन की एमपी, एमएलए से एक रुपया अधिक मानदेय देने की मांग चली आ रही है। ग्राम प्रधान अपनी मांग पर अटल हैं।
चिलकाना क्षेत्र के गांव बरथाकायस्थ के प्रधान मोहम्मद तबरेज ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानों के मानदेय में की गई वृद्धि उनके कार्य के अनुरूप कम है। प्रदेश सरकार को ग्राम प्रधानों द्वारा गावों में कराये जा रहे कार्यों तथा उनकी जिम्मेदारी को देखते हुए मानदेय में और वृद्धि करनी चाहिए। मानदेय बढ़ने से ग्राम प्रधान और लगन तथा निष्ठा से कार्य करेंगे।
नानौता ब्लाक प्रमुख चांदनी राणा का कहना है कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा ब्लाक प्रमुख का मानदेय बढ़ा कर सराहनीय कदम उठाया गया है। वह इससे संतुष्ट हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी भत्ता बढ़ने से उनमें बैठकों में शामिल होने के प्रति रुचि बढ़ेगी जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी आसानी होगी।

मो. तबरेज- फोटो : SAHARANPUR

विनोद कुमार- फोटो : SAHARANPUR

ब्लाक प्रमुख चांदनी राणा- फोटो : SAHARANPUR

संजय चौधरी- फोटो : SAHARANPUR