{"_id":"68ab5dff0c662f74a10d53d6","slug":"faulty-ct-scan-machine-is-increasing-the-problems-of-patients-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-157029-2025-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: सीटी स्कैन की खराब मशीन बढ़ा रही मरीजों का मर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: सीटी स्कैन की खराब मशीन बढ़ा रही मरीजों का मर्ज
Mon, 25 Aug 2025 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 25 Aug 2025 12:16 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में इन दिनों अव्यवस्थाएं मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। करीब 15 दिन से सीटी स्कैन मशीन खराब है। इसके चलते मरीजों को आठ किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज या फिर निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। हालांकि, तीन दिन पहले मशीन को ठीक करने का काम शुरू हुआ, लेकिन खराब हुआ पार्ट नहीं मिलने से मशीन ठीक नहीं हो सकी।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ट्रामा सेंटर में सीटी स्कैन मशीन स्थापित है। रोजाना 30 से 35 मरीजों की सीटी स्कैन जांच होती है। 15 अगस्त से सीपीयू खराब होने से मशीन खराब है। रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें लौटना पड़ रहा है। मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज या फिर निजी केंद्रों पर सीटी स्कैन जांच करानी पड़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी सीटी स्कैन का शुल्क निर्धारित है। निजी केंद्रों पर एक से दो हजार के बीच होता है। तीन दिन पहले कंपनी के इंजीनियर ने मशीन की जांच की, लेकिन मशीन का महत्वपूर्ण पार्ट खराब होने से नहीं चल पाई। साथ ही सीपीयू भी खराब मिला। सीटी स्कैन स्टाफ ने प्रमुख अधीक्षक को पत्र लिख दिया है। पार्ट आने के बाद मशीन शुरू हो पाएगी।
-- -- --
-- पहले भी कई बार खराब हुई मशीन
ऐसा नहीं है कि सीटी स्कैन मशीन पहली बार खराब हुई हो। इससे पहले भी कई बार मशीन धोखा दे चुकी है। बार-बार खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है। क्योंकि, अस्पताल में सीटी स्कैन जांच निशुल्क है, जबकि निजी केंद्रों पर जांच फीस देनी होती है।
विज्ञापन
-- -- --
कंपनी को पत्र लिख दिया है। कंपनी इंजीनियर ने मशीन को चेक किया था। खराब पार्ट को बदलकर नया लगना है। जल्द ही मशीन शुरू कराने का काम किया जाएगा।
- डॉ. सुधा कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
विज्ञापन
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ट्रामा सेंटर में सीटी स्कैन मशीन स्थापित है। रोजाना 30 से 35 मरीजों की सीटी स्कैन जांच होती है। 15 अगस्त से सीपीयू खराब होने से मशीन खराब है। रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें लौटना पड़ रहा है। मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज या फिर निजी केंद्रों पर सीटी स्कैन जांच करानी पड़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी सीटी स्कैन का शुल्क निर्धारित है। निजी केंद्रों पर एक से दो हजार के बीच होता है। तीन दिन पहले कंपनी के इंजीनियर ने मशीन की जांच की, लेकिन मशीन का महत्वपूर्ण पार्ट खराब होने से नहीं चल पाई। साथ ही सीपीयू भी खराब मिला। सीटी स्कैन स्टाफ ने प्रमुख अधीक्षक को पत्र लिख दिया है। पार्ट आने के बाद मशीन शुरू हो पाएगी।
विज्ञापन
ऐसा नहीं है कि सीटी स्कैन मशीन पहली बार खराब हुई हो। इससे पहले भी कई बार मशीन धोखा दे चुकी है। बार-बार खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है। क्योंकि, अस्पताल में सीटी स्कैन जांच निशुल्क है, जबकि निजी केंद्रों पर जांच फीस देनी होती है।
विज्ञापन
कंपनी को पत्र लिख दिया है। कंपनी इंजीनियर ने मशीन को चेक किया था। खराब पार्ट को बदलकर नया लगना है। जल्द ही मशीन शुरू कराने का काम किया जाएगा।
- डॉ. सुधा कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल