{"_id":"68a767492eb3458e1d0bd1f7","slug":"fake-papers-real-school-fake-teacher-caught-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-156810-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: नकली कागज, असली स्कूल, धरी गई फर्जी शिक्षिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: नकली कागज, असली स्कूल, धरी गई फर्जी शिक्षिका
Fri, 22 Aug 2025 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
गागलहेड़ी । एलटी ग्रेड के सहायक शिक्षकों की भर्ती में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर सोना गांव के राजकीय हाई स्कूल में नौकरी पाने वाली महिला शिक्षक को कार्य मुक्त कर दिया गया है। फर्जी शिक्षिका ने दस साल तक आंखों में धूल झोंककर नौकरी की। शिक्षा विभाग की तरफ से रिकवरी और एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश ने 2015 में रिक्त पड़े आजमगढ़ मंडल में महिला-पुरुष शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां की थीं। इनकी जांच में पाया गया कि 22 शिक्षकों ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक सहित अन्य प्रशिक्षण के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी। इनमें आजमगढ़ मंडल से पिछले साल सहारनपुर जिले के सोना गांव स्थित जूनियर हाई स्कूल में स्थानांतरण होकर आई रुचि सिंघल भी शामिल है। रुचि सिंघल को बुधवार को नोटिस देकर नौकरी से निकाल दिया गया है। स्कूल स्टॉफ ने बताया कि रुचि सिंघल के नाम से बुधवार को लेटर आया था, जिसके बाद उन्हें कल ही स्कूल के कार्यों से मुक्त कर दिया गया है। वह पिछले वर्ष 16 जुलाई को स्थानांतरण होकर यहां आई थीं। अंग्रेजी की सहायक अध्यापक थीं।
फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वाली शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वसूली के लिए लेखाधिकारी को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश ने 2015 में रिक्त पड़े आजमगढ़ मंडल में महिला-पुरुष शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां की थीं। इनकी जांच में पाया गया कि 22 शिक्षकों ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक सहित अन्य प्रशिक्षण के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी। इनमें आजमगढ़ मंडल से पिछले साल सहारनपुर जिले के सोना गांव स्थित जूनियर हाई स्कूल में स्थानांतरण होकर आई रुचि सिंघल भी शामिल है। रुचि सिंघल को बुधवार को नोटिस देकर नौकरी से निकाल दिया गया है। स्कूल स्टॉफ ने बताया कि रुचि सिंघल के नाम से बुधवार को लेटर आया था, जिसके बाद उन्हें कल ही स्कूल के कार्यों से मुक्त कर दिया गया है। वह पिछले वर्ष 16 जुलाई को स्थानांतरण होकर यहां आई थीं। अंग्रेजी की सहायक अध्यापक थीं।
विज्ञापन
फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वाली शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वसूली के लिए लेखाधिकारी को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक