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नियमों की अनदेखी कर आबादी की जड़ में बनाया डंपिंग ग्राउंड
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ग्राम खुर्द में आबादी के बीच डाला गया कूडा
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कचरा निस्तारण में एक बार फिर नगर निगम की घोर लापरवाही उजागर हुई है। नगर निगम गांव खुर्द में कचरा डंप कर रहा है। खास बात यह है कि डंपिंग ग्राउंड आबादी की जड़ में बनाया गया है, जो नियमों के विरुद्ध है।
म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रुल्स के अनुसार डंपिंग ग्राउंड आबादी से कम से कम 200 मीटर दूर होना चाहिए। मगर नगर निगम गांव खुर्द में मकानों की जड़ में कचरा डंप कर रहा है। बीते दो माह से कचरा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव के ही किसानों ने भट्ठों को मिट्टी बेची थी, जिससे खेतों की गहराई छह से आठ फुट हो गई है। किसान खेतों के भराव के लिए कचरा डलवा रहे हैं, जिसमें भारी मात्रा में पॉलिथीन मिश्रित हैं। इससे गांव में दुर्गंध के साथ ही भविष्य में भूजल खराब होने का खतरा है। चूंकि मामला गांव का है ऐसे में लोग विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं।
प्रतिदिन निकलता है 320 टन कचरा
शहर से प्रतिदिन करीब 320 टन कचरा निकलता है। नगर निगम ने शहर में दस एमआरफ सेंटर बनाए हुए हैं, जहां कचरा अलग-अलग किया जाता है। शेष कचरे को नगर निगम गांव खुर्द में दफना रहा है।
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पहले नदी में डाला गया था कचरा
वर्ष 2019 में नगर निगम गांव सराय में ढमोला नदी के ऊपर कचरा डाल रहा था। भारी मात्रा में कचरा नदी में गिरने की वजह से नदी दूषित हो रही थी। अमर उजाला ने अगस्त माह में इसका खुलासा किया था। करीब छह दिन की सीरीज चलाई थी, जिसके बाद नगर निगम ने वहां कचरा डालना बंद कर दिया था।
डंपिंग ग्राउंड आबादी से कितना दूर हो और कितना नहीं। इसका कोई नियम नहीं है। मगर डंपिंग ग्राउंड से 200 मीटर के आसपास कोई तालाब या नदी नहीं होनी चाहिए। रही बात गांव खुर्द में कचरा डालने की तो इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के अनुसार डंपिंग ग्राउंड आबादी से कम से कम 200 मीटर दूर होना चाहिए। यदि कचरा आबादी के पास डंप किया जा रहा है तो वह नियम विरुद्ध है।
एसवी वर्मा, सहायक अभियंता पर्यावरण।
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म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रुल्स के अनुसार डंपिंग ग्राउंड आबादी से कम से कम 200 मीटर दूर होना चाहिए। मगर नगर निगम गांव खुर्द में मकानों की जड़ में कचरा डंप कर रहा है। बीते दो माह से कचरा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव के ही किसानों ने भट्ठों को मिट्टी बेची थी, जिससे खेतों की गहराई छह से आठ फुट हो गई है। किसान खेतों के भराव के लिए कचरा डलवा रहे हैं, जिसमें भारी मात्रा में पॉलिथीन मिश्रित हैं। इससे गांव में दुर्गंध के साथ ही भविष्य में भूजल खराब होने का खतरा है। चूंकि मामला गांव का है ऐसे में लोग विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं।
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प्रतिदिन निकलता है 320 टन कचरा
शहर से प्रतिदिन करीब 320 टन कचरा निकलता है। नगर निगम ने शहर में दस एमआरफ सेंटर बनाए हुए हैं, जहां कचरा अलग-अलग किया जाता है। शेष कचरे को नगर निगम गांव खुर्द में दफना रहा है।
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पहले नदी में डाला गया था कचरा
वर्ष 2019 में नगर निगम गांव सराय में ढमोला नदी के ऊपर कचरा डाल रहा था। भारी मात्रा में कचरा नदी में गिरने की वजह से नदी दूषित हो रही थी। अमर उजाला ने अगस्त माह में इसका खुलासा किया था। करीब छह दिन की सीरीज चलाई थी, जिसके बाद नगर निगम ने वहां कचरा डालना बंद कर दिया था।
डंपिंग ग्राउंड आबादी से कितना दूर हो और कितना नहीं। इसका कोई नियम नहीं है। मगर डंपिंग ग्राउंड से 200 मीटर के आसपास कोई तालाब या नदी नहीं होनी चाहिए। रही बात गांव खुर्द में कचरा डालने की तो इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के अनुसार डंपिंग ग्राउंड आबादी से कम से कम 200 मीटर दूर होना चाहिए। यदि कचरा आबादी के पास डंप किया जा रहा है तो वह नियम विरुद्ध है।
एसवी वर्मा, सहायक अभियंता पर्यावरण।

ग्राम खुर्द में आबादी के बीच डाला गया कूडा- फोटो : SAHARANPUR