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उत्पीड़न को लेकर उबले दलित संगठन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 05 May 2016 12:18 AM IST
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Directed police and administrative officials
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गांव घड़कौली में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख पोतने, नागल के गांव नासिरपुर डिगोली में संत रविदास की प्रतिमा खंडित करने को लेकर दलित संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ज्यादातर संगठन उत्पीड़न के लिए सपा सरकार तथा प्रशासन और पुलिसिया रवैये को जिम्मेदार मान रहे हैं। उत्पीड़न बंद न होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी भी दे रहे हैं।
बीआर अंबेडकर सर्व समाज सेवा समिति पदाधिकारियों ने डीएम पवन कुमार से मुलाकात कर उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। समिति सदस्यों ने गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग, गुलाबदास आश्रम, गांव घसौती, शिमलाना, सरकड़ी खुमार, घड़कौली, दरियापुर, सड़क दूधली समेत अनेक घटनाओं का जिक्र किया।
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इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन भी उन्हें सौंपा, जिसमें घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।
इस दौरान अमित, चेतन कुमार, योगेंद्र, मनीष, सत्यवीर, नितिन, नीलकमल आदि शामिल रहे। राष्ट्रीय दलित क्रांति मोर्चा ने मोहल्ला ओजपुरा में बैठक कर घटनाओं की निंदा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवंत सिंह चार्वाक ने कहा कि सहारनपुर में दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। यदि प्रशासन ने ऐसे लोगों पर अंकुश नहीं लगाया तो दलित समाज इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
बैठक में राजपाल सिंह, नन्हेलाल वर्मा, सुखबीर सिंह, प्रकाश चंद, संजय सिंह, सिंधुराज बौद्घ आदि उपस्थित रहे। जाटवनगर निवासी श्याम कुमार, ब्रिजेश कुमार, आदेश कुमार, अनिल कुमार, अमित कुमार, राजन, मदनलाल, लेखराज आदि ने डीएम पवन कुमार से मुलाकात कर दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के अपमान को दलित समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने डीएम को राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के नाम का ज्ञापन सौंपा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में बाबा साहब और संत रविदास की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ किए जाने की घटनाओं की निंदा की गई।
जिला महामंत्री रणधीर सिंह कहा कि शासन और प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय दलितों पर कार्रवाई कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बैठक में मुख्य रूप से हुकम सिंह, मेमराज सिंह, प्रवेश कुमार, पवन कुमार, महंत प्रद्युमन दास, नीरज कुमार, सुभाष गौतम, किशन सिंह, रविंद्र, सीताराम मौर्य, सतेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे। भीम जागृति मंच की बैठक में घड़कौली प्रकरण की निंदा की गई। पदाधिकारियों ने पुलिस पर दोषियों की बजाय दलितों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
माहौल बिगड़ा तो नपेंगे अधिकारी
गांव घड़कौली और डिंगोली प्रकरण के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम ने तमाम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।
डीएम ने कहा कि यदि किसी भी महापुरुष की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ होती है या माहौल बिगड़ता है तो संबंधित एसडीएम और सीओ जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए।
डीएम पवन कुमार ने सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए किए किसी भी घटना के पूर्वानुमान एवं समस्या के निस्तारण की पूर्व तैयारी की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों को थानों पर स्थित अभिलेखों तथा त्योहार रजिस्टर कंपलीट रखने चाहिए, जिससे त्योहारों से पहले उनको शांतिपूर्वक मनाए जाने की तैयारी पहले ही की जा सके।
थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति में क्षेत्रीय लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव को शामिल करने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि यदि किसी महापुरुष की प्रतिमा को नुकसान पहुंचता है या उसके साथ छेड़छाड़ होती है तो संबंधित एसडीएम और सीओ जिम्मेदार होंगे।
क्षेत्रों में जो भी कार्यक्रम अनुमति से किए जा रहे हैं उनकी सूचना संबंधित थाने के पास भी होनी चाहिए, जिससे पुलिस व्यवस्था बनाने के लिए कदम उठा सके। एसएसपी आरपीएस यादव पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र और ग्रामवार सूचनाएं इकट्ठा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि थानेदारों के पास वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान, सचिव, चौकीदार, लेखपाल आदि के फोन नंबर होने चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों से लगातार संपर्क बनाकर रखा जाए, जिससे सूचनाएं मिलती रहें। एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, एसपी देहात जगदीश शर्मा ने भी अपनी बात रखी। बैठक में एडीएम (ई) ओपी वर्मा समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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ज्यादातर संगठन उत्पीड़न के लिए सपा सरकार तथा प्रशासन और पुलिसिया रवैये को जिम्मेदार मान रहे हैं। उत्पीड़न बंद न होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी भी दे रहे हैं।
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बीआर अंबेडकर सर्व समाज सेवा समिति पदाधिकारियों ने डीएम पवन कुमार से मुलाकात कर उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। समिति सदस्यों ने गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग, गुलाबदास आश्रम, गांव घसौती, शिमलाना, सरकड़ी खुमार, घड़कौली, दरियापुर, सड़क दूधली समेत अनेक घटनाओं का जिक्र किया।
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इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन भी उन्हें सौंपा, जिसमें घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।
इस दौरान अमित, चेतन कुमार, योगेंद्र, मनीष, सत्यवीर, नितिन, नीलकमल आदि शामिल रहे। राष्ट्रीय दलित क्रांति मोर्चा ने मोहल्ला ओजपुरा में बैठक कर घटनाओं की निंदा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवंत सिंह चार्वाक ने कहा कि सहारनपुर में दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। यदि प्रशासन ने ऐसे लोगों पर अंकुश नहीं लगाया तो दलित समाज इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
बैठक में राजपाल सिंह, नन्हेलाल वर्मा, सुखबीर सिंह, प्रकाश चंद, संजय सिंह, सिंधुराज बौद्घ आदि उपस्थित रहे। जाटवनगर निवासी श्याम कुमार, ब्रिजेश कुमार, आदेश कुमार, अनिल कुमार, अमित कुमार, राजन, मदनलाल, लेखराज आदि ने डीएम पवन कुमार से मुलाकात कर दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के अपमान को दलित समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने डीएम को राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के नाम का ज्ञापन सौंपा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में बाबा साहब और संत रविदास की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ किए जाने की घटनाओं की निंदा की गई।
जिला महामंत्री रणधीर सिंह कहा कि शासन और प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय दलितों पर कार्रवाई कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बैठक में मुख्य रूप से हुकम सिंह, मेमराज सिंह, प्रवेश कुमार, पवन कुमार, महंत प्रद्युमन दास, नीरज कुमार, सुभाष गौतम, किशन सिंह, रविंद्र, सीताराम मौर्य, सतेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे। भीम जागृति मंच की बैठक में घड़कौली प्रकरण की निंदा की गई। पदाधिकारियों ने पुलिस पर दोषियों की बजाय दलितों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
माहौल बिगड़ा तो नपेंगे अधिकारी
गांव घड़कौली और डिंगोली प्रकरण के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम ने तमाम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।
डीएम ने कहा कि यदि किसी भी महापुरुष की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ होती है या माहौल बिगड़ता है तो संबंधित एसडीएम और सीओ जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए।
डीएम पवन कुमार ने सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए किए किसी भी घटना के पूर्वानुमान एवं समस्या के निस्तारण की पूर्व तैयारी की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों को थानों पर स्थित अभिलेखों तथा त्योहार रजिस्टर कंपलीट रखने चाहिए, जिससे त्योहारों से पहले उनको शांतिपूर्वक मनाए जाने की तैयारी पहले ही की जा सके।
थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति में क्षेत्रीय लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव को शामिल करने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि यदि किसी महापुरुष की प्रतिमा को नुकसान पहुंचता है या उसके साथ छेड़छाड़ होती है तो संबंधित एसडीएम और सीओ जिम्मेदार होंगे।
क्षेत्रों में जो भी कार्यक्रम अनुमति से किए जा रहे हैं उनकी सूचना संबंधित थाने के पास भी होनी चाहिए, जिससे पुलिस व्यवस्था बनाने के लिए कदम उठा सके। एसएसपी आरपीएस यादव पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र और ग्रामवार सूचनाएं इकट्ठा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि थानेदारों के पास वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान, सचिव, चौकीदार, लेखपाल आदि के फोन नंबर होने चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों से लगातार संपर्क बनाकर रखा जाए, जिससे सूचनाएं मिलती रहें। एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, एसपी देहात जगदीश शर्मा ने भी अपनी बात रखी। बैठक में एडीएम (ई) ओपी वर्मा समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।