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शासन को भेजी रिपोर्ट में खुलासा, भीम आर्मी ने कराया सहारनपुर में बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2017 12:33 AM IST
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सहारनपुर। जिले में मंगलवार को हुए बवाल के लिए भीम आर्मी भारत एकता मिशन को जिम्मेदार माना गया है। पुलिस, प्रशासन और खुफिया विभाग की टीमों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में यह बात उजागर की है। यह बवाल शब्बीरपुर में हुई घटना के प्रतिशोध के रूप में माना गया है।
जिलाधिकारी एनपी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एससी दुबे द्वारा शासन को भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में बताया गया है कि शब्बीरपुर में 5 मई को हुई घटना के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर की अगुवाई में 9 मई को सुबह 10 बजे रविदास छात्रावास में महापंचायत का आयोजन होना था। लेकिन अनुमति न मिलने के कारण महापंचायत के लिए 150-200 लोग 10.45 बजे गांधी मैदान में पहुंच गए। जहां से पुलिस ने जबरन उन्हें हटाया।
इसके बाद मल्हीपुर रोड स्थित रामनगर में लगभग 600-700 युवक भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के नेतृत्व में दोपहर लगभग 12 बजे एकत्रित हो गए। वहां पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। सूचना पर एसपी सिटी भी वहां पहुंचे थे। उन्होंने भी समझाया। लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद आए डीएम और एसएसपी ने भीड़ को समझाने की कोशिश की। लेकिन उत्तेजित एवं हिंसक भीड़ ने पथराव एवं उपद्रव किया। इसमें 13 मोटरसाइकिलें, एक स्विफ्ट कार, रामनगर चौकी एवं महाराणा प्रताप भवन में आगजनी एवं तोड़फोड़ की।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि उग्र भीड़ द्वारा शहर के आसपास के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर शहर की ओर आने वाले मार्गों पर जाम लगा दिया। गांव हलालपुर, सिद्धपीठ साईं के सामने नाजिरपुरा पर सड़क जाम कर एक प्राईवेट बस में आगजनी की। इससे यात्रियों को चोटें आईं। नकुड़ रोड पर गोगा जाहरवीर की म्हाड़ी के पास पेट्रोल पंप के सामने जाम लगा दिया। अंबेहटा चांद में एक ट्रैक्टर टाली में आगजनी की। गांव तेलूपुरा में एक रोडवेज बस को रुकवाकर पथराव किया। इसमें कई लोग घायल हो गए। नगर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी एवं अधिकारी भी घायल हो गए।
एलआईयू ने भी ऐसी ही रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया कि गांधी पार्क से हटाने पर आक्रोशित भीम आर्मी के लोगों ने गांवों में फोन करके अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने, मोटरसाइकिलें पुलिस द्वारा ले जाने एवं मारपीट की सूचना दी। इससे गांवों में उग्र प्रतिक्रिया हुई। इस कारण ग्राम रामनगर, हलालपुर, नाजिरपुरा, कस्बा एवं थाना सरसावा, ग्राम मानकमऊ, ग्राम अंबेहटा चांद, ग्राम तेलूपुरा में उग्र प्रदर्शन, आगजनी एवं तोड़फोड़ की गई।
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जिलाधिकारी एनपी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एससी दुबे द्वारा शासन को भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में बताया गया है कि शब्बीरपुर में 5 मई को हुई घटना के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर की अगुवाई में 9 मई को सुबह 10 बजे रविदास छात्रावास में महापंचायत का आयोजन होना था। लेकिन अनुमति न मिलने के कारण महापंचायत के लिए 150-200 लोग 10.45 बजे गांधी मैदान में पहुंच गए। जहां से पुलिस ने जबरन उन्हें हटाया।
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इसके बाद मल्हीपुर रोड स्थित रामनगर में लगभग 600-700 युवक भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के नेतृत्व में दोपहर लगभग 12 बजे एकत्रित हो गए। वहां पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। सूचना पर एसपी सिटी भी वहां पहुंचे थे। उन्होंने भी समझाया। लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद आए डीएम और एसएसपी ने भीड़ को समझाने की कोशिश की। लेकिन उत्तेजित एवं हिंसक भीड़ ने पथराव एवं उपद्रव किया। इसमें 13 मोटरसाइकिलें, एक स्विफ्ट कार, रामनगर चौकी एवं महाराणा प्रताप भवन में आगजनी एवं तोड़फोड़ की।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि उग्र भीड़ द्वारा शहर के आसपास के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर शहर की ओर आने वाले मार्गों पर जाम लगा दिया। गांव हलालपुर, सिद्धपीठ साईं के सामने नाजिरपुरा पर सड़क जाम कर एक प्राईवेट बस में आगजनी की। इससे यात्रियों को चोटें आईं। नकुड़ रोड पर गोगा जाहरवीर की म्हाड़ी के पास पेट्रोल पंप के सामने जाम लगा दिया। अंबेहटा चांद में एक ट्रैक्टर टाली में आगजनी की। गांव तेलूपुरा में एक रोडवेज बस को रुकवाकर पथराव किया। इसमें कई लोग घायल हो गए। नगर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी एवं अधिकारी भी घायल हो गए।
एलआईयू ने भी ऐसी ही रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया कि गांधी पार्क से हटाने पर आक्रोशित भीम आर्मी के लोगों ने गांवों में फोन करके अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने, मोटरसाइकिलें पुलिस द्वारा ले जाने एवं मारपीट की सूचना दी। इससे गांवों में उग्र प्रतिक्रिया हुई। इस कारण ग्राम रामनगर, हलालपुर, नाजिरपुरा, कस्बा एवं थाना सरसावा, ग्राम मानकमऊ, ग्राम अंबेहटा चांद, ग्राम तेलूपुरा में उग्र प्रदर्शन, आगजनी एवं तोड़फोड़ की गई।