{"_id":"575710954f1c1b761f9c6002","slug":"candle-march-htyaropion-to-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
Htyaropion March candle out for the arrest of innocent children of the deceased.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की हत्या हुए करीब एक महीना बीत चुका है, मगर हत्या के मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
मंगलवार को हिमांशु की मासूम बेटी और बेटे ने कैंडल मार्च निकालकर पिता के हत्यारोपियों को पकड़ने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी और शहर के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।
12 मई की रात बाइक सवार बदमाशों ने हिमांशु अरोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही बदमाश नोटों से भरा बैग भी लूटकर भाग गए थे। घटना के चार दिन के भीतर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ते हुए घटना का खुलासा किया था।
मगर घटना में शामिल रहे मुख्य आरोपी अमजद और उसके साथी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। इसके बाद शहर भर में चर्चा फैली की अमजद और उसके साथी को सत्ताधारी पार्टी के एक नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल रही ै।
विज्ञापन
हैरत की बात यह है कि पुलिस वारदात के करीब एक महीने बाद भी अमजद और उसके साथी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शहर भर में अनेक व्यापारियों ने अपने दुकानों के बाहर बैनर लगाए हुए हैं, जिनपर हिमांशु के हत्यारोपियों को पकड़ने की मांग की गई है।
मंगलवार को हिमांशु की आठ वर्षीय बेटी नंदिनी और तीन साल के बेटे ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर पिता के हत्यारोपियों कोपकड़ने की मांग पुलिस से की। कैंडल मार्च में शहर के अनेक व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। शामिल लोगों में डीपी राय, अजीत, अशोक नारंग, अमर, अमित छाबड़ा, मनीष आदि थे।
विज्ञापन
मंगलवार को हिमांशु की मासूम बेटी और बेटे ने कैंडल मार्च निकालकर पिता के हत्यारोपियों को पकड़ने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी और शहर के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।
12 मई की रात बाइक सवार बदमाशों ने हिमांशु अरोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही बदमाश नोटों से भरा बैग भी लूटकर भाग गए थे। घटना के चार दिन के भीतर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ते हुए घटना का खुलासा किया था।
विज्ञापन
मगर घटना में शामिल रहे मुख्य आरोपी अमजद और उसके साथी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। इसके बाद शहर भर में चर्चा फैली की अमजद और उसके साथी को सत्ताधारी पार्टी के एक नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल रही ै।
विज्ञापन
हैरत की बात यह है कि पुलिस वारदात के करीब एक महीने बाद भी अमजद और उसके साथी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शहर भर में अनेक व्यापारियों ने अपने दुकानों के बाहर बैनर लगाए हुए हैं, जिनपर हिमांशु के हत्यारोपियों को पकड़ने की मांग की गई है।
मंगलवार को हिमांशु की आठ वर्षीय बेटी नंदिनी और तीन साल के बेटे ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर पिता के हत्यारोपियों कोपकड़ने की मांग पुलिस से की। कैंडल मार्च में शहर के अनेक व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। शामिल लोगों में डीपी राय, अजीत, अशोक नारंग, अमर, अमित छाबड़ा, मनीष आदि थे।