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पीएम के प्रोजेक्ट में पिछड़ रहा सहारनपुर
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:23 AM IST
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्राजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन सहारनपुर में पिछड़ रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत अक्तूबर 2018 तक 887 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करना है, लेकिन अभी तक महज 200 गांव ही ओडीएफ बन पाए हैं। इन गांवों में भी तमाम तरह की खामियां सामने आ चुकी हैं।
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में स्वच्छ भरत मिशन के तहत एक-एक गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। इसके लिए जिन गांवों में शौचालय नहीं है, वहां अभियान चलाकर सरकारी सहायता से शौचालय बनाए जा रहे हैं। साथ ही खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति ग्रामीणाें को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जनपद में 887 गांवों को अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले और दूसरे चरण में प्रशासन 200 गांवों को खुले में शौच से मुक्त होने का दावा किया था। अमर उजाला ने जब इन गांवों की पड़ताल की थी तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई थी।
पुवांरका ब्लॉक के कई गांवों को बिना शौचालय बनाए ही ओडीएफ घोषित किया गया। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में भी ऐसी ही स्थिति मिली थी। जिन गांवों में शौचालय बनाए गए, वहां ग्रामीण जागरूक नहीं नजर आए। शौचालय होने के बावजूद ग्रामीण जंगलों में शौच को जा रहे हैं। कई ग्रामीण तो शौचालय को स्टोर और दुकानों के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अभी 687 गांव बचे हैं, जिन्हें खुले में शौच से मुक्त बनाना है। दस महीने 28 दिन बचे हैं। इस निर्धारित समय में प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट सहारनपुर में पिछड़ता नजर आ रहा है।
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खनन बंद होने की वजह से भी रुका काम
सहारनपुर। जिले में खनन पर एनजीटी ने रोक लगा रखी है। अधिकारियों का कहना है कि खनन बंद होने और निकाय चुनाव में आदर्श आचार संहिता लगी होने की वजह से भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालय के कार्यों पर ब्रेक लगा है। जल्द खनन शुरू होने की उम्मीद है, तब शौचालय निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
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प्रधानों पर लगे गोलमाल के आरोप
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों में गांवों के प्रधानों द्वारा भी गोलमाल करने के मामले सामने आ चुके हैं। पुवांरका ब्लॉक के ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि शौचालय बनाने के लिए सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता में प्रधान अपनी कमीशन काट कर दे रहे हैं। इसकी शिकायत भी ग्रामीण प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
शौचालय निर्माण कार्य जल्द रफ्तार पकड़ेगा। अक्तूबर 2018 तक 887 गांवों को ओडीएफ बनाया जाएगा। खनन बंद होने की वजह से शौचालय निर्माण के कार्य में दिक्कत आ रही है।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में स्वच्छ भरत मिशन के तहत एक-एक गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। इसके लिए जिन गांवों में शौचालय नहीं है, वहां अभियान चलाकर सरकारी सहायता से शौचालय बनाए जा रहे हैं। साथ ही खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति ग्रामीणाें को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जनपद में 887 गांवों को अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले और दूसरे चरण में प्रशासन 200 गांवों को खुले में शौच से मुक्त होने का दावा किया था। अमर उजाला ने जब इन गांवों की पड़ताल की थी तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई थी।
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पुवांरका ब्लॉक के कई गांवों को बिना शौचालय बनाए ही ओडीएफ घोषित किया गया। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में भी ऐसी ही स्थिति मिली थी। जिन गांवों में शौचालय बनाए गए, वहां ग्रामीण जागरूक नहीं नजर आए। शौचालय होने के बावजूद ग्रामीण जंगलों में शौच को जा रहे हैं। कई ग्रामीण तो शौचालय को स्टोर और दुकानों के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अभी 687 गांव बचे हैं, जिन्हें खुले में शौच से मुक्त बनाना है। दस महीने 28 दिन बचे हैं। इस निर्धारित समय में प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट सहारनपुर में पिछड़ता नजर आ रहा है।
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खनन बंद होने की वजह से भी रुका काम
सहारनपुर। जिले में खनन पर एनजीटी ने रोक लगा रखी है। अधिकारियों का कहना है कि खनन बंद होने और निकाय चुनाव में आदर्श आचार संहिता लगी होने की वजह से भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालय के कार्यों पर ब्रेक लगा है। जल्द खनन शुरू होने की उम्मीद है, तब शौचालय निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
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प्रधानों पर लगे गोलमाल के आरोप
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों में गांवों के प्रधानों द्वारा भी गोलमाल करने के मामले सामने आ चुके हैं। पुवांरका ब्लॉक के ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि शौचालय बनाने के लिए सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता में प्रधान अपनी कमीशन काट कर दे रहे हैं। इसकी शिकायत भी ग्रामीण प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
शौचालय निर्माण कार्य जल्द रफ्तार पकड़ेगा। अक्तूबर 2018 तक 887 गांवों को ओडीएफ बनाया जाएगा। खनन बंद होने की वजह से शौचालय निर्माण के कार्य में दिक्कत आ रही है।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी