{"_id":"5a22e8414f1c1b6a118b57d4","slug":"81512237121-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद-मीलादुन्नबी पर अकीदत के साथ निकाला जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद-मीलादुन्नबी पर अकीदत के साथ निकाला जुलूस
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
ईद-मिलादुन्नबी पर अकीदत के साथ निकाला जुलूस
सहारनपुर। ईद-मिलादुन्नबी कमेटी की ओर से ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
जुलूस की शुरूआत जनकनगर हजरत बाजेशाह से की गई। सबसे आगे ईद-मिलादुन्नबी कमेटी की ओर से हुजूर की पैदाइश की खुशी में लड्डू बांटती हुई गाड़ी चल रही थी। नगरवासी मुहम्मद साहब के जन्मदिन की एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रहे थे। दोपहर के समय जुलूस में शामिल सभी वाहन मदरसा जामिया गौसिया रिजविया पहुंचे। यहां पर पवित्र कुरआन की तिलावत से जलसे का शुभारंभ किया गया। हम्दे पाक व नाते पाक पढ़ी गई और सुन्नी उलेमा-ए-किराम ने मुहम्मद साहब की शान में तकरीर की। अमरोहा से आए हजरत सय्यद नूरुलअमीन काजमी ने कहा कि मुहम्मद साहब ने ऊंच-नीच की रस्म को तोड़कर सबको एक होकर रहने की ताकीद की, जो लोग मुहम्मद साहब के बताए मार्ग पर चलते हैं, वहीं सच्चे आशिके रसूल होते हैं। हजरत हकीम मुहम्मद तारिक मियां नूरी, हजरत वाफि मियां नूरी ने भी अपने विचार रखे। अंत में मदरसे के नाजिम हजरत हकीम मुहम्मद तारिक ने दुरुद व सलाम पढ़कर देश में अमन व शांति के लिए दुआ कराई। जौहर की नमाज के बाद लंगर का आयोजन किया गया। हकीम नसीम अहमद खान, हकीम जमील, डा. राजा फरीद, डा. कामिल, जुनैद कादरी, अली अहमद साबरी, शाबाजा साबरी, समीर मियां, अजीम, अब्दुल वकील, मोहम्मद अहतराम, वसीम मियां, इरफान खान, शाहनवाज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। ईद-मिलादुन्नबी कमेटी की ओर से ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
जुलूस की शुरूआत जनकनगर हजरत बाजेशाह से की गई। सबसे आगे ईद-मिलादुन्नबी कमेटी की ओर से हुजूर की पैदाइश की खुशी में लड्डू बांटती हुई गाड़ी चल रही थी। नगरवासी मुहम्मद साहब के जन्मदिन की एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रहे थे। दोपहर के समय जुलूस में शामिल सभी वाहन मदरसा जामिया गौसिया रिजविया पहुंचे। यहां पर पवित्र कुरआन की तिलावत से जलसे का शुभारंभ किया गया। हम्दे पाक व नाते पाक पढ़ी गई और सुन्नी उलेमा-ए-किराम ने मुहम्मद साहब की शान में तकरीर की। अमरोहा से आए हजरत सय्यद नूरुलअमीन काजमी ने कहा कि मुहम्मद साहब ने ऊंच-नीच की रस्म को तोड़कर सबको एक होकर रहने की ताकीद की, जो लोग मुहम्मद साहब के बताए मार्ग पर चलते हैं, वहीं सच्चे आशिके रसूल होते हैं। हजरत हकीम मुहम्मद तारिक मियां नूरी, हजरत वाफि मियां नूरी ने भी अपने विचार रखे। अंत में मदरसे के नाजिम हजरत हकीम मुहम्मद तारिक ने दुरुद व सलाम पढ़कर देश में अमन व शांति के लिए दुआ कराई। जौहर की नमाज के बाद लंगर का आयोजन किया गया। हकीम नसीम अहमद खान, हकीम जमील, डा. राजा फरीद, डा. कामिल, जुनैद कादरी, अली अहमद साबरी, शाबाजा साबरी, समीर मियां, अजीम, अब्दुल वकील, मोहम्मद अहतराम, वसीम मियां, इरफान खान, शाहनवाज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन