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निर्दलीय प्रत्याशी मंसूर ने पाई सबसे बड़ी जीत
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:54 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम के वार्ड नंबर 43 से निर्दलीय प्रत्याशी रहे मंसूर बदर ने सबसे बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 4077 मतों से पराजित किया। उनके प्रतिद्वंद्वी रहे सपा के नदीम को मात्र 154 ही वोट मिले। मंसूर ने बताया कि उनके वार्ड में कुल 4600 वोट पड़े थे, जिनमें से उनको लगभग पूरा का पूरा वोट एकतरफा मिला है। दावा किया कि यह जीत तमाम वार्डों में सभी पार्षदों में सबसे बड़ी जीत है। मेयर सीट का प्रत्याशी भी करीब दो हजार वोटों से जीता है। मंसूर बदर नगर पालिका के दौरान सभासद रह चुके हैं। उनसे पहले उनके पिता अयूब हसन बदर 1965 से लगातार चार बार सभासद रहे।
शबाना को नहीं मिला अपना भी वोट
सहारनपुर। नगर निगम के वार्ड नंबर 54 से शबाना ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा था। हैरत की बात यह है कि शबाना के खाते में उसका अपना तक वोट नहीं आ सका। शबाना ने बताया कि तीन सौ वोट उनके परिवार के हैं, जिन्होंने उन्हें चुनाव लड़ाया है। इसके अलावा पांच सौ के करीब वोट बाहर के भी मिले हैं। मगर उनके खाते में एक भी वोट नहीं आया है। बताया कि बूथ नंबर 389 और 388 पर उनकी वोटिंग हुई थी। दोनों ही बूथों पर उनको जीरो वोट मिला है, जबकि उन्होंने खुद अपना वोट इन्हीं बूथों पर डाला था। आरोप लगाया कि ईवीएम में भारी गड़बड़ी है, जिसकी वजह से उनका वोट किसी ओर के खाते में चला गया। शबाना ने मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही।
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पति-पत्नी दोनों बने पार्षद
सहारनपुर। एक ओर जहां बड़े-बड़े दलों के प्रत्याशी वार्डों में जीत नहीं पाए हैं। वहीं एक दंपति ऐसा है, जिसने जीत हासिल की है। शहजाद मलिक और उनकी पत्नी फुरकाना मलिक ने क्रमश: 61 और 67 वार्ड पर पर्चा भरा था। दोनों ही ने अपने-अपने वार्ड में जीत हासिल की और पार्षद बने। इसके लिए उन्होंने जनता का धन्यवाद किया।
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शबाना को नहीं मिला अपना भी वोट
सहारनपुर। नगर निगम के वार्ड नंबर 54 से शबाना ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा था। हैरत की बात यह है कि शबाना के खाते में उसका अपना तक वोट नहीं आ सका। शबाना ने बताया कि तीन सौ वोट उनके परिवार के हैं, जिन्होंने उन्हें चुनाव लड़ाया है। इसके अलावा पांच सौ के करीब वोट बाहर के भी मिले हैं। मगर उनके खाते में एक भी वोट नहीं आया है। बताया कि बूथ नंबर 389 और 388 पर उनकी वोटिंग हुई थी। दोनों ही बूथों पर उनको जीरो वोट मिला है, जबकि उन्होंने खुद अपना वोट इन्हीं बूथों पर डाला था। आरोप लगाया कि ईवीएम में भारी गड़बड़ी है, जिसकी वजह से उनका वोट किसी ओर के खाते में चला गया। शबाना ने मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही।
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पति-पत्नी दोनों बने पार्षद
सहारनपुर। एक ओर जहां बड़े-बड़े दलों के प्रत्याशी वार्डों में जीत नहीं पाए हैं। वहीं एक दंपति ऐसा है, जिसने जीत हासिल की है। शहजाद मलिक और उनकी पत्नी फुरकाना मलिक ने क्रमश: 61 और 67 वार्ड पर पर्चा भरा था। दोनों ही ने अपने-अपने वार्ड में जीत हासिल की और पार्षद बने। इसके लिए उन्होंने जनता का धन्यवाद किया।
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