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पार्षदों ने नगरायुक्त से मिलकर गिनाईं खामियां
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह से मिला। पार्षदों ने नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार और खामियों को नगरायुक्त के समक्ष रखते हुए कार्रवाई करने की मांग की। इतना ही नहीं, नगर निगम के विभागों पर आरटीआई के तहत सूचना मांगने के बावजूद सूचनाएं नहीं देने का आरोप लगाया।
नगर निगम के कर्मचारियों ने कुछ पार्षदों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया था। जवाब में शनिवार को पार्षद मंसूर बदर के नेतृत्व में अनेक पार्षद नगरायुक्त से मिले। उन्होंने नगरायुक्त को बताया कि नगर निगम कर गृहकर और जलकर विभाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर निर्धारण में भारी गोलमाल है। गरीबों के मकानों पर भारी टैक्स लगाया गया है, जबकि रसूखदार लोगों से बेहद कम टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने शहर के अनेक बड़े भवनों पर टैक्स नहीं लगाने की शिकायत भी नगरायुक्त से की। मंसूूर बदर का आरोप है कि शहर के एक बड़े होटल पर 12 साल बार टैक्स लगना शुरू हुआ है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़े भवन स्वामियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने का आरोप लगाया। पार्षदों ने बताया कि यदि वह आरटीआई के तहत सूचनाएं मांगते हैं तो कर्मचारी सूचना देने की बजाय उन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हैं। उनसे मिलने वालों में मनोज जैन, नेपाल सिंह, प्रदीप उपाध्याय, शहजाद, मुमताज परवीन, जमा परवीन, शाहीन आदि पार्षद शामिल रहीं।
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नगर निगम के कर्मचारियों ने कुछ पार्षदों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया था। जवाब में शनिवार को पार्षद मंसूर बदर के नेतृत्व में अनेक पार्षद नगरायुक्त से मिले। उन्होंने नगरायुक्त को बताया कि नगर निगम कर गृहकर और जलकर विभाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर निर्धारण में भारी गोलमाल है। गरीबों के मकानों पर भारी टैक्स लगाया गया है, जबकि रसूखदार लोगों से बेहद कम टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने शहर के अनेक बड़े भवनों पर टैक्स नहीं लगाने की शिकायत भी नगरायुक्त से की। मंसूूर बदर का आरोप है कि शहर के एक बड़े होटल पर 12 साल बार टैक्स लगना शुरू हुआ है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़े भवन स्वामियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने का आरोप लगाया। पार्षदों ने बताया कि यदि वह आरटीआई के तहत सूचनाएं मांगते हैं तो कर्मचारी सूचना देने की बजाय उन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हैं। उनसे मिलने वालों में मनोज जैन, नेपाल सिंह, प्रदीप उपाध्याय, शहजाद, मुमताज परवीन, जमा परवीन, शाहीन आदि पार्षद शामिल रहीं।
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