{"_id":"5a22e83f4f1c1baf678bf652","slug":"21512237119-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडित गुट ने पांच साल में छीन ली चेयरमैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडित गुट ने पांच साल में छीन ली चेयरमैनी
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
पंडित गुट ने पांच साल में ही छीन
ली मीर साहब गुट से चेयरमैनी
चिलकाना। सुल्तानपुर-चिलकाना नगर पंचायत में पंडित गुट के अकबर कुरैशी ने पांच साल बाद ही मीर साहब गुट से चेयरमैनी का ताज छीन लिया। पंडित गुट ने पिछले पांच साल से पहले 15 साल तक लगातार चेयरमैनी अपने पास रखी थी।
जिले के साथ ही कोई अन्य कस्बा हो जहां दो ही प्रमुख गुट आमने-सामने रहे हों। साल 1913 में नगर पंचायत बनने से आज तक यहां पंडित गुट तथा मीर साहब गुट में ही मुकाबला होता चला आया है। इन दोनों गुटों के अलावा अगर किसी ने चुनाव मैदान में आने की हिम्मत भी की तो वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाया। इस चुनाव में पंडित गुट ने अकबर कुरैशी को बसपा के चुनाव चिह्न पर तथा मीर साहब गुट ने हाजी इमरान अंसारी को कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारा था। भाजपा की ओर से डा. हुकुम सिंह सैनी तथा सपा से इरफान अहमद चुनाव मैदान में थे। 5143 मत लेकर अकबर कुरैशी विजयी रहे जबकि इमरान अंसारी 4442 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा के हुकुम सिंह सैनी को मात्र 739 वोट ही मिले।
सपा के इरफान अहमद को केवल 110 वोट मिले हैं। वर्तमान चेयरमैन अकबर कुरैशी वर्ष 2007 से 2012 तक चेयरमैन रहे थे तथा इससे पूर्व दो योजना तक इनका भाई भूरा कुरैशी तथा भाभी सुरैया बेगम चेयरपर्सन रहीं। पंडित गुट जयनाथ शर्मा तथा मीर साहब गुट पूर्व चेयरमैन इस्माईल हुसैन के नेतृत्व में चुनाव लड़ता चला आ रहा है। नव निर्वाचित चेयरमैन अकबर कुरैशी का कहना है कि वह कस्बे में विकास कार्य के साथ-साथ आपसी भाईचारा तथा सौहार्द कायम करने का कार्य करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ली मीर साहब गुट से चेयरमैनी
चिलकाना। सुल्तानपुर-चिलकाना नगर पंचायत में पंडित गुट के अकबर कुरैशी ने पांच साल बाद ही मीर साहब गुट से चेयरमैनी का ताज छीन लिया। पंडित गुट ने पिछले पांच साल से पहले 15 साल तक लगातार चेयरमैनी अपने पास रखी थी।
जिले के साथ ही कोई अन्य कस्बा हो जहां दो ही प्रमुख गुट आमने-सामने रहे हों। साल 1913 में नगर पंचायत बनने से आज तक यहां पंडित गुट तथा मीर साहब गुट में ही मुकाबला होता चला आया है। इन दोनों गुटों के अलावा अगर किसी ने चुनाव मैदान में आने की हिम्मत भी की तो वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाया। इस चुनाव में पंडित गुट ने अकबर कुरैशी को बसपा के चुनाव चिह्न पर तथा मीर साहब गुट ने हाजी इमरान अंसारी को कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारा था। भाजपा की ओर से डा. हुकुम सिंह सैनी तथा सपा से इरफान अहमद चुनाव मैदान में थे। 5143 मत लेकर अकबर कुरैशी विजयी रहे जबकि इमरान अंसारी 4442 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा के हुकुम सिंह सैनी को मात्र 739 वोट ही मिले।
विज्ञापन
सपा के इरफान अहमद को केवल 110 वोट मिले हैं। वर्तमान चेयरमैन अकबर कुरैशी वर्ष 2007 से 2012 तक चेयरमैन रहे थे तथा इससे पूर्व दो योजना तक इनका भाई भूरा कुरैशी तथा भाभी सुरैया बेगम चेयरपर्सन रहीं। पंडित गुट जयनाथ शर्मा तथा मीर साहब गुट पूर्व चेयरमैन इस्माईल हुसैन के नेतृत्व में चुनाव लड़ता चला आ रहा है। नव निर्वाचित चेयरमैन अकबर कुरैशी का कहना है कि वह कस्बे में विकास कार्य के साथ-साथ आपसी भाईचारा तथा सौहार्द कायम करने का कार्य करेंगे।
विज्ञापन