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राजनीतिक के महानायक थे अटल जी: नाईक
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:13 AM IST
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सहारनपुर। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 21वीं सदी की राजनीति के महानायक थे। वह विषम परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं में जोश भर देते थे। उनके जाने से पूरे राष्ट्र को जो क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई करना असंभव है।
दिल्ली रोड स्थित सरस्वती विहार स्कूल में आयोजित शोकसभा में समस्त राजनीतिक दलों और सर्व समाज के लोगों ने भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने पूर्व प्रधानमंत्री के साथ बिताए समय को साझा किया। राज्यपाल ने कहा कि अटल जी और उनका संबंध पिछले 65 वर्षों का है। 1956 में वह जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शिक्षा वर्ग में गए थे तो उस दिन वाजपेयी ने अपनी कविता हिंदू तन-मन सुनाई थी। तभी से वह उनके संपर्क में आ गए थे। उस समय उनकी उम्र 19 वर्ष थी। पूर्व प्रधानमंत्री के भाव आज भी उनके मस्तिष्क में गूंजते हैं। 1957 में अटल बिहारी बलरामपुर से सांसद बने थे। उन दिनों जनसंघ को लोकसभा सीट का उम्मीदवार भी मिलना मुश्किल था, तब वाजपेयी ने मथुरा, लखनऊ और बलरामपुर से चुनाव लड़ा था, लेकिन मथुरा और लखनऊ में वह हार गए थे। सबको साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की अद्भुत शक्ति उनके पास थी। वह राजनीति में प्रतिस्पर्धा तो रखते थे, लेकिन शत्रुता नहीं। इसी वजह से तमाम राजनीतिक दल उनका सम्मान करते हैं। अटल जी ने परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध जीतकर, सर्व शिक्षा अभियान चलाकर देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। नदियों को जोड़ने का उनका सपना अधूरा रह गया। अगर वह सपना पूरा हो जाता तो केरल में जो हालात बने हैं, वह न होते। राज्यपाल ने कहा कि आपातकाल से क्षुब्ध न्यायमूर्ति और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शगला ने 1980 में मुंबई अधिवेशन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को देखकर कहा था कि उनके बराबर में जो व्यक्ति बैठा है, वह देश का भावी प्रधानमंत्री है। वाजपेयी के बताए रास्तों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना होगा। कार्यक्रम का संचालन पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने किया।
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सर्व समाज के नेता थे वाजपेयी
सहारनपुर। भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और क्षेत्रीय महामंत्री मोहित बेनीवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री सर्व समाज के नेता थे। वह सर्व स्पर्शी, सर्वग्राही, सर्वसमावेशी, सर्व का कल्याण करने वाले नेता थे। इन्हीं गुणों के कारण उन्हें आज याद किया जाता है। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान योद्धा थे। इसीलिए हर राजनीतिक दल में उनके प्रशंसक हैं। कांग्रेस प्रदेश सचिव मुकेश चौधरी ने कहा कि वाजपेयी पूरी दुनिया के नेता थे। उन्होंने खुद को साबित करने का काम किया। उनके जाने से पूरा देश शोक में डूबा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशी वालिया ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम किया है। उन्होंने अपने मन, वचन, कर्म सभी का दिल जीता है। फादर जोन वेस्ली ने कहा कि अटल जी की कार्यप्रणाली, बातों पर अमल और उनके बताए रास्तों पर चलकर ही देश तरक्की करेगा। हमें देश में एकता और भाईचारे को मजबूत करना है। यही पूर्व प्रधानमंत्री को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि जिस समय पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हुआ, उस समय पूरे देश में सन्नाटा छा गया था। वाजपेयी जी का सहारनपुर से खास लगाव था। डा. पन्ना लाल शर्मा, राघवेंद्र स्वामी, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह, मनोज चौधरी, लाजकृष्ण गांधी, महेंद्र तनेजा, जयनाथ शर्मा ने भी विचार रखे।
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यह लोग रहे मौजूद
सहारनपुर। शोकसभा में सांसद राघव लखनपाल शर्मा, विधायक देवेंद्र निम, प्रदीप चौधरी, ब्रिजेश सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित गगनेजा, महावीर राणा, विरेंद्र चौधरी, मामचंद लांबा, आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक कर्मवीर, ब्रजमोहन सूद, सुनीत गुप्ता, यशपाल भाटिया, राजकुमार मक्कड़, नरेश धीमान, मुकुल मनोहर गोयल, हरीश मलिक, नूतन शर्मा, अनिल मित्तल, नीरज शर्मा, दर्शन गुप्ता, अवनीत कौर, एम. आजाद अंसारी, संजय कपूर, शीतल बिश्नोई, अमित वर्मा, राशिद अंसारी, दिनेश सेठी आदि मौजूद रहे।
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दिल्ली रोड स्थित सरस्वती विहार स्कूल में आयोजित शोकसभा में समस्त राजनीतिक दलों और सर्व समाज के लोगों ने भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने पूर्व प्रधानमंत्री के साथ बिताए समय को साझा किया। राज्यपाल ने कहा कि अटल जी और उनका संबंध पिछले 65 वर्षों का है। 1956 में वह जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शिक्षा वर्ग में गए थे तो उस दिन वाजपेयी ने अपनी कविता हिंदू तन-मन सुनाई थी। तभी से वह उनके संपर्क में आ गए थे। उस समय उनकी उम्र 19 वर्ष थी। पूर्व प्रधानमंत्री के भाव आज भी उनके मस्तिष्क में गूंजते हैं। 1957 में अटल बिहारी बलरामपुर से सांसद बने थे। उन दिनों जनसंघ को लोकसभा सीट का उम्मीदवार भी मिलना मुश्किल था, तब वाजपेयी ने मथुरा, लखनऊ और बलरामपुर से चुनाव लड़ा था, लेकिन मथुरा और लखनऊ में वह हार गए थे। सबको साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की अद्भुत शक्ति उनके पास थी। वह राजनीति में प्रतिस्पर्धा तो रखते थे, लेकिन शत्रुता नहीं। इसी वजह से तमाम राजनीतिक दल उनका सम्मान करते हैं। अटल जी ने परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध जीतकर, सर्व शिक्षा अभियान चलाकर देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। नदियों को जोड़ने का उनका सपना अधूरा रह गया। अगर वह सपना पूरा हो जाता तो केरल में जो हालात बने हैं, वह न होते। राज्यपाल ने कहा कि आपातकाल से क्षुब्ध न्यायमूर्ति और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शगला ने 1980 में मुंबई अधिवेशन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को देखकर कहा था कि उनके बराबर में जो व्यक्ति बैठा है, वह देश का भावी प्रधानमंत्री है। वाजपेयी के बताए रास्तों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना होगा। कार्यक्रम का संचालन पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने किया।
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सर्व समाज के नेता थे वाजपेयी
सहारनपुर। भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और क्षेत्रीय महामंत्री मोहित बेनीवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री सर्व समाज के नेता थे। वह सर्व स्पर्शी, सर्वग्राही, सर्वसमावेशी, सर्व का कल्याण करने वाले नेता थे। इन्हीं गुणों के कारण उन्हें आज याद किया जाता है। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान योद्धा थे। इसीलिए हर राजनीतिक दल में उनके प्रशंसक हैं। कांग्रेस प्रदेश सचिव मुकेश चौधरी ने कहा कि वाजपेयी पूरी दुनिया के नेता थे। उन्होंने खुद को साबित करने का काम किया। उनके जाने से पूरा देश शोक में डूबा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशी वालिया ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम किया है। उन्होंने अपने मन, वचन, कर्म सभी का दिल जीता है। फादर जोन वेस्ली ने कहा कि अटल जी की कार्यप्रणाली, बातों पर अमल और उनके बताए रास्तों पर चलकर ही देश तरक्की करेगा। हमें देश में एकता और भाईचारे को मजबूत करना है। यही पूर्व प्रधानमंत्री को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि जिस समय पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हुआ, उस समय पूरे देश में सन्नाटा छा गया था। वाजपेयी जी का सहारनपुर से खास लगाव था। डा. पन्ना लाल शर्मा, राघवेंद्र स्वामी, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह, मनोज चौधरी, लाजकृष्ण गांधी, महेंद्र तनेजा, जयनाथ शर्मा ने भी विचार रखे।
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यह लोग रहे मौजूद
सहारनपुर। शोकसभा में सांसद राघव लखनपाल शर्मा, विधायक देवेंद्र निम, प्रदीप चौधरी, ब्रिजेश सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित गगनेजा, महावीर राणा, विरेंद्र चौधरी, मामचंद लांबा, आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक कर्मवीर, ब्रजमोहन सूद, सुनीत गुप्ता, यशपाल भाटिया, राजकुमार मक्कड़, नरेश धीमान, मुकुल मनोहर गोयल, हरीश मलिक, नूतन शर्मा, अनिल मित्तल, नीरज शर्मा, दर्शन गुप्ता, अवनीत कौर, एम. आजाद अंसारी, संजय कपूर, शीतल बिश्नोई, अमित वर्मा, राशिद अंसारी, दिनेश सेठी आदि मौजूद रहे।