{"_id":"5a2448114f1c1b68678bfa5e","slug":"201512327185-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेयर से साक्षात्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर से साक्षात्कार
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। सहारनपुर शहर की जनता ने संजीव वालिया के रूप में अपना पहला मेयर चुना है। समस्याएं बहुत हैं, जिनका निस्तारण जनता अपने मेयर से चाहती है। नगर निगम बनने के बाद करीब नौ साल तक नगर निगम के ज्यादातर अफसर बेलगाम रहे, जिनके सामने आम नागरिक की सुनवाई ठीक से नहीं हुई। इतना ही नहीं, अधिकारी कचरा प्रबंधन तक की व्यवस्था तक करने में नाकाम रहे हैं। यही वजह है कि वर्तमान में कचरा शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इसके अलावा शहर में पार्किंग की व्यवस्था न होने की वजह से सड़कें ही पार्किंग बनी हुई हैं, जिनकी वजह से दिन भर जाम रहता है। बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो वर्तमान में शहर की करीब 25 फीसदी घरों में ही नगर निगम पानी पहुंचा पा रहा है। 70 फीसदी से अधिक क्षेत्र में सीवर नहीं है। तमाम सड़कें जर्जर पड़ी हैं, जिनपर से चलना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में प्रथम मेयर से जनता को शहर की सूरत बदलने की उम्मीद है। जब मेयर भारतीय जनता पार्टी का हो तो उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। अमर उजाला ने मेयर संजीव वालिया से बात कर उनकी प्राथमिकताएं जानने का प्रयास किया। पेश है बातचीत के अंश...।
-----------------
सवाल: कचरा शुरू से ही शहर की बड़ी समस्या रहा है। नगर निगम बनने के बावजूद निगम प्रशासन कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं कर सका है। आप कैसे करेंगे?
जवाब: कचरा वास्तव में शहर की बड़ी समस्या है। मगर जल्द ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जमीन की तलाश की जाएगी। विशेष योजना बनाकर इस पर सिस्टेमेटिक ढंग से काम किया जाएगा। मैंने अहमदाबाद को काफी करीब से देखा है। अहमदाबाद की तर्ज पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था अपनाई जाएगी। अभी तक निगम कचरा एक जगह से उठाकर शहर में ही दूसरी जगह पर रखता आया है। मगर अब ऐसा नहीं होगा।
---------
सवाल: कमेला शहर के भीतर होने से कमेले के आसपास के लोगों को अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूंकि यह कमेला नगर निगम का है। ऐसे में लोगों को इस समस्या से कैसे निजात दिलाएंगे?
विज्ञापन
जवाब: नगर निगम का कमेला शहर के बीच से संचालित होने की वजह से उक्त क्षेत्र में दुर्गंध फैलने और नालियों में मांस के टुकड़े और खून बहने की बड़ी समस्या है। इसकी वजह से लोगों में बीमारियां फैलती आई हैं। कई बार कुत्ते आदमखोर बनकर लोगों पर हमले करते आए हैं। जन समस्याओं को देखते हुए एक सौ एक प्रतिशत कमेले को शहर से बाहर किया जाएगा। यदि बंद होने का कोई प्रावधान होगा तो कानूनी तौर पर कमेले को बंद भी कराया जाएगा।
--------
सवाल: पार्षदों की संख्या में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में बोर्ड की बैठकों में निर्णय लेने में समस्या आएगी। इस समस्या से कैसे निपटेंगे?
जवाब: बेशक कुल 70 वार्डों में से भाजपा के 28 ही प्रत्याशी जीते हों, मगर वर्तमान में सभी 70 पार्षद मेरे संपर्क में हैं। ऐसे में मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि शहर के विकास के लिए निर्णय लेने में कोई अड़चन नहीं आएगी। सबको साथ लेकर चला जाएगा।
---------
सवाल: शहर के विकास को लेकर कैसे एकरूपता अपनाएंगे?
जवाब: भारतीय जनता पार्टी का नारा भी है कि सबका साथ सबका विकास। मैं पूरी तरह से इसे चरितार्थ करने की कोशिश करूंगा। पूरे शहर का सर्वे कराया जाएगा। जिस भी क्षेत्र में जो समस्या होगी उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। इसमें यह नहीं देखा जाएगा कि कौन सा क्षेत्र किस जाति या मजहब के लोगों का है। छह महीने में शहर में बदलाव नजर आने लगेगा।
---------
सवाल: मेयर बनने से पहले आपने सबसे पहले कौन सा बदलाव शहर में कराने की सोची थी?
जवाब: मेरा मानना है कि शहर में अतिक्रमण बहुत है, जिसकी वजह से मुख्य सड़कों के साथ ही बाजारों में भी जाम रहता है। लोगों को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए सबसे पहले अतिक्रमण हटवाया जाएगा, जिसमें किसी के लिए कोई रियायत नहीं रहेगी। इसके अलावा बस अड्डों को शहर से बाहर किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था अलग से की जाएगी। शहर का विकास करना है तो सभी को कुछ न कुछ त्याग को करना ही होगा। लाल ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को चालू कराया जाएगा।
--------
सवाल: स्मार्ट सिटी योजना में पिछले दो चरणों में शहर को सफलता नहीं मिली है। आप कहां कमी मानते हैं?
जवाब: स्मार्ट सिटी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रालय और उच्चाधिकारियों से बात करूंगा। इस बार सहारनपुर का चयन सौ प्रतिशत होगा। अभी तक अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं किया। केवल कागजी कार्रवाई करते नजर आए, जिसकी वजह से सहारनपुर का चयन नहीं हो सका।
---------
सवाल: आम आदमी की सुनवाई कैसे करेंगे?
जवाब: मैं आम आदमी का ही नेता हूं और उन्होंने मुझे चुना है। मैं जो भी हूं जनता की वजह से हूं। इसलिए शहर की जनता मेरे लिए सर्वोपरि रहेगी। चौबीसों घंटे जब भी नगरवासियों को मेरी जरूरत महसूस होगी मैं उनके बीच में खड़ा मिलूंगा। इसके अलावा जनता की समस्या सुनने के लिए एक समय निर्धारित किया जाएगा। कोशिश यही रहेगी कि सभी की उम्मीदों पर खरा उतर सकूं।
विज्ञापन
-----------------
सवाल: कचरा शुरू से ही शहर की बड़ी समस्या रहा है। नगर निगम बनने के बावजूद निगम प्रशासन कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं कर सका है। आप कैसे करेंगे?
जवाब: कचरा वास्तव में शहर की बड़ी समस्या है। मगर जल्द ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जमीन की तलाश की जाएगी। विशेष योजना बनाकर इस पर सिस्टेमेटिक ढंग से काम किया जाएगा। मैंने अहमदाबाद को काफी करीब से देखा है। अहमदाबाद की तर्ज पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था अपनाई जाएगी। अभी तक निगम कचरा एक जगह से उठाकर शहर में ही दूसरी जगह पर रखता आया है। मगर अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन
---------
सवाल: कमेला शहर के भीतर होने से कमेले के आसपास के लोगों को अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूंकि यह कमेला नगर निगम का है। ऐसे में लोगों को इस समस्या से कैसे निजात दिलाएंगे?
विज्ञापन
जवाब: नगर निगम का कमेला शहर के बीच से संचालित होने की वजह से उक्त क्षेत्र में दुर्गंध फैलने और नालियों में मांस के टुकड़े और खून बहने की बड़ी समस्या है। इसकी वजह से लोगों में बीमारियां फैलती आई हैं। कई बार कुत्ते आदमखोर बनकर लोगों पर हमले करते आए हैं। जन समस्याओं को देखते हुए एक सौ एक प्रतिशत कमेले को शहर से बाहर किया जाएगा। यदि बंद होने का कोई प्रावधान होगा तो कानूनी तौर पर कमेले को बंद भी कराया जाएगा।
--------
सवाल: पार्षदों की संख्या में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में बोर्ड की बैठकों में निर्णय लेने में समस्या आएगी। इस समस्या से कैसे निपटेंगे?
जवाब: बेशक कुल 70 वार्डों में से भाजपा के 28 ही प्रत्याशी जीते हों, मगर वर्तमान में सभी 70 पार्षद मेरे संपर्क में हैं। ऐसे में मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि शहर के विकास के लिए निर्णय लेने में कोई अड़चन नहीं आएगी। सबको साथ लेकर चला जाएगा।
---------
सवाल: शहर के विकास को लेकर कैसे एकरूपता अपनाएंगे?
जवाब: भारतीय जनता पार्टी का नारा भी है कि सबका साथ सबका विकास। मैं पूरी तरह से इसे चरितार्थ करने की कोशिश करूंगा। पूरे शहर का सर्वे कराया जाएगा। जिस भी क्षेत्र में जो समस्या होगी उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। इसमें यह नहीं देखा जाएगा कि कौन सा क्षेत्र किस जाति या मजहब के लोगों का है। छह महीने में शहर में बदलाव नजर आने लगेगा।
---------
सवाल: मेयर बनने से पहले आपने सबसे पहले कौन सा बदलाव शहर में कराने की सोची थी?
जवाब: मेरा मानना है कि शहर में अतिक्रमण बहुत है, जिसकी वजह से मुख्य सड़कों के साथ ही बाजारों में भी जाम रहता है। लोगों को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए सबसे पहले अतिक्रमण हटवाया जाएगा, जिसमें किसी के लिए कोई रियायत नहीं रहेगी। इसके अलावा बस अड्डों को शहर से बाहर किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था अलग से की जाएगी। शहर का विकास करना है तो सभी को कुछ न कुछ त्याग को करना ही होगा। लाल ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को चालू कराया जाएगा।
--------
सवाल: स्मार्ट सिटी योजना में पिछले दो चरणों में शहर को सफलता नहीं मिली है। आप कहां कमी मानते हैं?
जवाब: स्मार्ट सिटी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रालय और उच्चाधिकारियों से बात करूंगा। इस बार सहारनपुर का चयन सौ प्रतिशत होगा। अभी तक अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं किया। केवल कागजी कार्रवाई करते नजर आए, जिसकी वजह से सहारनपुर का चयन नहीं हो सका।
---------
सवाल: आम आदमी की सुनवाई कैसे करेंगे?
जवाब: मैं आम आदमी का ही नेता हूं और उन्होंने मुझे चुना है। मैं जो भी हूं जनता की वजह से हूं। इसलिए शहर की जनता मेरे लिए सर्वोपरि रहेगी। चौबीसों घंटे जब भी नगरवासियों को मेरी जरूरत महसूस होगी मैं उनके बीच में खड़ा मिलूंगा। इसके अलावा जनता की समस्या सुनने के लिए एक समय निर्धारित किया जाएगा। कोशिश यही रहेगी कि सभी की उम्मीदों पर खरा उतर सकूं।